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Rohtak News: अहोई अष्टमी का व्रत रख की संतान की खुशहाली की कामना
Fri, 25 Oct 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 25 Oct 2024 12:26 AM IST
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24jjrp13- साल्हावास। खानपुर कलां में अहोई अष्टमी के व्रत के दौरान कहानी सुनने जाती महिलाएं। फोट
साल्हावास। क्षेत्र के गांव खोरडा, खानपुर, गोरिया, धनिरवास, साल्हावास, सासरोली, बिरोहड़ में अहोई अष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। संतान की दीर्घायु, उन्नति व सुख-समृद्धि के लिए गुरुवार को महिलाओं ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा।
महिलाओं ने इस अवसर पर पारंपरिक अनुष्ठान के साथ अहोई माता की कथा का गुणगान किया। कथा सुनकर अपना व्रत पूर्ण किया। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने तारे दिखाई देने के बाद अहोई माता की पूजा अर्चना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने एकत्र होकर सार्वजनिक रूप से पूजा अर्चना भी की। अहोई अष्टमी को लेकर बाजारों में खूब चहल-पहल रही। महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने भी अपनी माताओं को उपहार भेंट किए।
कामकाजी महिलाओं ने सुबह ड्यूटी होने पर दोपहर बाद और शाम की ड्यूटी होने पर दोपहर से पहले कथा सुनी। उन्होंने ड्यूटी से पहले समय का तालमेल बैठाकर अहोई माता का पूजन किया। अध्यापिका ज्योति ने बताया कि परिवार के साथ ड्यूटी भी बहुत जरूरी है।
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महिलाओं ने इस अवसर पर पारंपरिक अनुष्ठान के साथ अहोई माता की कथा का गुणगान किया। कथा सुनकर अपना व्रत पूर्ण किया। परंपरा के अनुसार महिलाओं ने तारे दिखाई देने के बाद अहोई माता की पूजा अर्चना की। कई स्थानों पर महिलाओं ने एकत्र होकर सार्वजनिक रूप से पूजा अर्चना भी की। अहोई अष्टमी को लेकर बाजारों में खूब चहल-पहल रही। महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। बच्चों ने भी अपनी माताओं को उपहार भेंट किए।
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कामकाजी महिलाओं ने सुबह ड्यूटी होने पर दोपहर बाद और शाम की ड्यूटी होने पर दोपहर से पहले कथा सुनी। उन्होंने ड्यूटी से पहले समय का तालमेल बैठाकर अहोई माता का पूजन किया। अध्यापिका ज्योति ने बताया कि परिवार के साथ ड्यूटी भी बहुत जरूरी है।
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