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करौंथा कांड : जिला अदालत में दोबारा गवाही पर हाईकोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक
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करौंथा कांड में सोमवार को एएसजे राकेश सिंह की अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। क्योंकि हाईकोर्ट ने 11 गवाहों की दोबारा गवाही की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा रखी है। अब जिला अदालत में मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। वहीं, रामपाल ने हिसार जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला अदालत में हाजिरी लगाई।
बचाव पक्ष के वकील सुनील कुमार ने बताया कि 2006 में करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर हिंसा हो गई थी। हिंसा में झज्जर जिले के युवक सोनू की मौत हो गई थी। सदर थाने में रामपाल सहित 39 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। अब भी 33 लोगों के खिलाफ केस चल रहा है। सोमवार को एएसजे राकेश सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई थी, लेकिन हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए स्टे ऑर्डर को देखते हुए कोर्ट में रामपाल सहित चार आरोपियों ने हिसार जेल से तो अन्य ने अदालत में पेश होकर हाजिरी लगाई। एक आरोपी सुरेश को बीमारी के चलते एक दिन के लिए कोर्ट में पेश न होने की छूट दी गई थी।
सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाही पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि केस में ज्यादा गवाही हो चुकी हैं। सरकारी वकील ने अदालत में सीआरपीसी की धारा 311 के तहत याचिका दायर करके 11 लोगों की दोबारा गवाही करवाने की मांग की थी। स्थानीय अदालत ने इसकी अनुमति दे दी थी। बचाव पक्ष ने निचली अदालत के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अगले आदेशों तक अस्थायी तौर पर सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाही पर रोक लगा दी, जो अब भी जारी है। बाकी गवाहों के बयान हो चुके हैं, ऐसे में जिला अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि तय की है।
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बचाव पक्ष के वकील सुनील कुमार ने बताया कि 2006 में करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर हिंसा हो गई थी। हिंसा में झज्जर जिले के युवक सोनू की मौत हो गई थी। सदर थाने में रामपाल सहित 39 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। अब भी 33 लोगों के खिलाफ केस चल रहा है। सोमवार को एएसजे राकेश सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई थी, लेकिन हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए स्टे ऑर्डर को देखते हुए कोर्ट में रामपाल सहित चार आरोपियों ने हिसार जेल से तो अन्य ने अदालत में पेश होकर हाजिरी लगाई। एक आरोपी सुरेश को बीमारी के चलते एक दिन के लिए कोर्ट में पेश न होने की छूट दी गई थी।
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सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाही पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि केस में ज्यादा गवाही हो चुकी हैं। सरकारी वकील ने अदालत में सीआरपीसी की धारा 311 के तहत याचिका दायर करके 11 लोगों की दोबारा गवाही करवाने की मांग की थी। स्थानीय अदालत ने इसकी अनुमति दे दी थी। बचाव पक्ष ने निचली अदालत के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने अगले आदेशों तक अस्थायी तौर पर सीआरपीसी की धारा 311 के तहत गवाही पर रोक लगा दी, जो अब भी जारी है। बाकी गवाहों के बयान हो चुके हैं, ऐसे में जिला अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि तय की है।
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