{"_id":"6593182ce93e96291d064657","slug":"jln-has-12-days-of-water-yet-residents-are-thirsty-rohtak-news-c-17-roh1020-328243-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जेएलएन में 12 दिन का पानी, फिर भी शहरवासी प्यासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जेएलएन में 12 दिन का पानी, फिर भी शहरवासी प्यासे
विज्ञापन
रोहतक। शहरवासी पिछले सात दिन से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। कुछ इलाकों में तो लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस गए हैं जबकि जवाहर लाल नेहरू नहर में 10 से 12 दिन का पानी स्टोर है। यह 11.15 करोड़ लीटर पानी बनता है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग इस पानी को लिफ्ट करके जलघर में नहीं पहुंचा रहे हैं। नतीजतन जलघर सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। घरों में राशनिंग के जरिए पेयजल सप्लाई एक समय वह भी मुश्किल से 15 मिनट के लिए दी जा रही है। इधर, विभाग के अधिकारी ही दो दिन से चार जनवरी को नहर आने पर दो समय पानी देने का दावा कर रहे हैं।
शहर में पिछले एक सप्ताह से घरों में पानी नहीं पहुंचने से लोग परेशान हैं। हालात यह है कि पीने का पानी लोगों को खरीदना पड़ रहा है। घरों में बनी पानी की टंकियां सूख गई हैं। इस कारण कोई पानी का कैंटर मंगवा रहा है तो कोई पड़ोसी के सबमर्सीबल से पानी लेने को विवश है।
शहर के इन इलाकों में बनी परेशानी
शहर के लक्ष्मी नगर, छाेटूराम नगर, राजीव नगर, प्रीत विहार, कन्हेली, शिवाजी कॉलोनी, रामनगर, जगदीश कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, पुराना शहर, देव कॉलोनी, तिलक नगर, विशाल नगर, जनता कॉलोनी, सुनारिया चौक समेत अन्य इलाकों में मुश्किल से एक समय पानी नहीं आ रहा है। पानी आता भी है तो 15 मिनट सप्लाई होता है। इस कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। लोगों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आमजन को पेयजल किल्लत झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
आखिर क्याें सूख रहे जलघर
सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो जवाहर लाल नेहरू नहर में दो जलघर भरने जितनी क्षमता का पानी स्टोर है। संबंधित विभाग के अधिकारी पानी को लिफ्ट कर जलघर में ले जा सकते हैं। इससे पेयजल सप्लाई पर्याप्त मात्रा में दी जा सकती है। इसके बावजूद जलघर सूखे हैं। ऐसे में सूखते जलघर अधिकारियों की नीयत और कार्यशैली दोनों पर सवालिया निशान लगाती नजर आ रही है।
इन जलघरों में हो सकता है पानी स्टोर
जलाशय एक- 55734600 लीटर, जलाशय दो में- 55764800 लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। दो जलाशयों में क्षमता होने के बावजूद पानी स्टोर नहीं किया जाना अपने आपमें मामले को गंभीर बना रहा है।
जेएलएन नहर में पानी इतना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के दो जलघरों को फुल किया जा सकता है। विभाग की तरफ से पानी लिफ्ट नहीं किया जा रहा है। पता नहीं, ऐसा क्यों किया जा रहा है। हमने अपनी तरफ से जनता के लिए पानी स्टोर किया हुआ है।
- रामनिवास, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
नहर में तीन से चार फीट पानी बचा है। उसी से काम चलाया जा रहा है। नहर से पानी लिफ्ट कराया जा रहा है। 4 जनवरी से नहर में पानी आने के बाद दोनों समय पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी।
- आरके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग।
विज्ञापन
शहर में पिछले एक सप्ताह से घरों में पानी नहीं पहुंचने से लोग परेशान हैं। हालात यह है कि पीने का पानी लोगों को खरीदना पड़ रहा है। घरों में बनी पानी की टंकियां सूख गई हैं। इस कारण कोई पानी का कैंटर मंगवा रहा है तो कोई पड़ोसी के सबमर्सीबल से पानी लेने को विवश है।
विज्ञापन
शहर के इन इलाकों में बनी परेशानी
शहर के लक्ष्मी नगर, छाेटूराम नगर, राजीव नगर, प्रीत विहार, कन्हेली, शिवाजी कॉलोनी, रामनगर, जगदीश कॉलोनी, पुराना हाउसिंग बोर्ड, पुराना शहर, देव कॉलोनी, तिलक नगर, विशाल नगर, जनता कॉलोनी, सुनारिया चौक समेत अन्य इलाकों में मुश्किल से एक समय पानी नहीं आ रहा है। पानी आता भी है तो 15 मिनट सप्लाई होता है। इस कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। लोगों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आमजन को पेयजल किल्लत झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
आखिर क्याें सूख रहे जलघर
सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो जवाहर लाल नेहरू नहर में दो जलघर भरने जितनी क्षमता का पानी स्टोर है। संबंधित विभाग के अधिकारी पानी को लिफ्ट कर जलघर में ले जा सकते हैं। इससे पेयजल सप्लाई पर्याप्त मात्रा में दी जा सकती है। इसके बावजूद जलघर सूखे हैं। ऐसे में सूखते जलघर अधिकारियों की नीयत और कार्यशैली दोनों पर सवालिया निशान लगाती नजर आ रही है।
इन जलघरों में हो सकता है पानी स्टोर
जलाशय एक- 55734600 लीटर, जलाशय दो में- 55764800 लीटर पानी स्टोर किया जा सकता है। दो जलाशयों में क्षमता होने के बावजूद पानी स्टोर नहीं किया जाना अपने आपमें मामले को गंभीर बना रहा है।
जेएलएन नहर में पानी इतना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के दो जलघरों को फुल किया जा सकता है। विभाग की तरफ से पानी लिफ्ट नहीं किया जा रहा है। पता नहीं, ऐसा क्यों किया जा रहा है। हमने अपनी तरफ से जनता के लिए पानी स्टोर किया हुआ है।
- रामनिवास, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।
नहर में तीन से चार फीट पानी बचा है। उसी से काम चलाया जा रहा है। नहर से पानी लिफ्ट कराया जा रहा है। 4 जनवरी से नहर में पानी आने के बाद दोनों समय पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी।
- आरके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य व अभियांत्रिकी विभाग।