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जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांडः फिल्म दंगल देखकर पूजा को अंतरराष्ट्रीय पहलवान बनने भेजा था हरियाणा
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मृतक पूजा की फाइल फोटो।
अमन वर्मा
रोहतक। देशभर में पहलवानी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाली महिला पहलवानों की संख्या हरियाणा में सबसे ज्यादा है। खासतौर से दंगल फिल्म आने के बाद से हरियाणा के रोहतक जिले का नाम पहलवानी सीखने एवं करने के लिए ज्यादा चर्चा में आया। पूजा के पहलवानी करने के लिए बाहर जाने की बात पर पूरे परिवार ने विचार किया तो हरियाणा के रोहतक जिले के नाम पर ही एकमत होकर सहमति बनी थी। पूूजा से पूरे परिवार को पहलवानी में नाम रोशन करने की उम्मीद थी। मगर क्या पता था इसी हरियाणा और इसी रोहतक में हमारे घर की उम्मीद का चिराग बुझ जाएगा। यह बात कह
मृतक पहलवान पूजा (निवासी गांव सिहोरा मथुरा यूपी) का भाई विष्णु फफक फफक कर रोने लगा। खुद को संभालते हुए उसने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी सुखविंदर को जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए। बोला कि अभी तक हरियाणा व यूपी सीएम की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया न आने से हम सभी को बहुत दु:ख है।
पूजा के भाई विष्णु ने बताया कि 12 फरवरी की रात करीब 9 बजे रोहतक से आए एक परिचित के फोन को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस फोन के माध्यम से सूचना मिली थी कि पूजा की सुखविंदर ने गोली मारकर हत्या कर दी है। इस फोन के बाद से मंझली बहन शीतल और पापा सदमे में चले गए। तब से लेकर पांच दिन बाद भी दोनों के मुंह में एक निवाला भी नहीं गया है। पापा बिल्कुल सुन पड़ गए हैं। उनकी आंख से एक भी आंसू नहीं निकला है। विष्णु ने कहा कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। आरोपी के साथ जो भी इस वारदात में संलिप्त हैं, सभी को फांसी होनी चाहिए। जरूरत पड़ी तो परिवार सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखेगा। पुलिस की ओर से इस मामले में कोई भी अपडेट नहीं मिल रही है, अखबार एवं सोशल मीडिया जानकारी का माध्यम बना हुआ है।
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वारदात से चार दिन पहले पूजा ने बताया था, बड़े कोच ने छोटे कोच को निकाल दिया है
विष्णु के अनुसार वारदात से चार दिन पहले पूजा से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने बताया था कि बड़े कोच (मनोज) और छोटे कोच (सुखविंदर) के बीच कई दिनों से कहासुनी चल रही है। इसी कहासुनी के बीच बड़े कोच ने छोटे कोच को निकाल दिया है। विष्णु ने बताया कि वह करीब ढाई साल पहले पूजा को रोहतक के सर छोटूराम स्टेडियम में कोच मंदीप सैनी के पास ट्रेनिंग के लिए छोड़ गया था। जहां उसके पास वह महिला खिलाड़ी भी साथ में ट्रेनिंग करती थीं, जिसका अब इस पूरे मामले में जिक्र हो रहा है। करीब चार बाद ही वह महिला खिलाड़ी पूजा को भी अपने साथ जाट कॉलेज अखाड़ा ले गई थी। जिस बारे में भी पूजा ने परिवार को बताया था। कोच मनोज अक्सर पूजा की परिवार के सामने तारीफ किया करते थे। वे अक्सर कहते थे कि एक साल के भीतर पूजा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल ले कर आएगी।
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भाई है वकील, पिता है दुकानदार, पूजा से थी पूरे परिवार का नाम रोशन करने की उम्मीद
पूजा के पिता राम गोपाल स्रद्ध कपड़ों की दुकान है। मां हेमलता गृहिणी हैं। बड़ी बहन राधा विवाहित हैं और वह भी गृहिणी हैं। राधा के बाद भाई विष्णु है, जोकि वकील है। विष्णु से छोटी बहन शीतल है, जोकि एमएससी की छात्रा है। सबसे छोटी पूजा थी, जिसने हाल ही में 12वीं पास की थी। पूजा को 2013 से पहलवानी का शौक था। इसी वर्ष उसने ब्रिज केसरी कुश्ती जीती थी। 2015 में गांव में दंगल हुआ था, जिसमें बड़ी पहलवान आई थी। जिसे देखकर उसे कुश्ती में ही नाम रोशन करने की लत लगी थी। पूजा ने राज्य स्तरीय 5 गोल्ड मेडल व राष्ट्रीय स्तर पर 2 सिल्वर मेडल जीते थे।
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16 फरवरी के कुंभ मेले को देखने शुक्रवार को ही जा रही थी पूजा, पैर के दर्द ने रोक दिया और चली गई जान
मथुरा (वृंदावन) में 16 फरवरी को कुम्भ का मेला लगा था। इसी मेले को पूजा का देखने का बहुत मन था। जिसके लिए उसने 11 फरवरी को घर पर बात की और शुक्रवार यानि 12 फरवरी को आने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह उसने बताया था कि उसके पैर में दर्द है, इसलिए वह शनिवार को आएगी। मगर विधाता को कुछ और ही मंजूर था। किस को क्या पता था कि पैर के दर्द के कारण रुकना उसकी जान पर भारी हो जाएगा। शुक्रवार शाम को सुखविंदर ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
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रोहतक। देशभर में पहलवानी में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने वाली महिला पहलवानों की संख्या हरियाणा में सबसे ज्यादा है। खासतौर से दंगल फिल्म आने के बाद से हरियाणा के रोहतक जिले का नाम पहलवानी सीखने एवं करने के लिए ज्यादा चर्चा में आया। पूजा के पहलवानी करने के लिए बाहर जाने की बात पर पूरे परिवार ने विचार किया तो हरियाणा के रोहतक जिले के नाम पर ही एकमत होकर सहमति बनी थी। पूूजा से पूरे परिवार को पहलवानी में नाम रोशन करने की उम्मीद थी। मगर क्या पता था इसी हरियाणा और इसी रोहतक में हमारे घर की उम्मीद का चिराग बुझ जाएगा। यह बात कह
मृतक पहलवान पूजा (निवासी गांव सिहोरा मथुरा यूपी) का भाई विष्णु फफक फफक कर रोने लगा। खुद को संभालते हुए उसने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी सुखविंदर को जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए। बोला कि अभी तक हरियाणा व यूपी सीएम की ओर से कोई भी प्रतिक्रिया न आने से हम सभी को बहुत दु:ख है।
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पूजा के भाई विष्णु ने बताया कि 12 फरवरी की रात करीब 9 बजे रोहतक से आए एक परिचित के फोन को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इस फोन के माध्यम से सूचना मिली थी कि पूजा की सुखविंदर ने गोली मारकर हत्या कर दी है। इस फोन के बाद से मंझली बहन शीतल और पापा सदमे में चले गए। तब से लेकर पांच दिन बाद भी दोनों के मुंह में एक निवाला भी नहीं गया है। पापा बिल्कुल सुन पड़ गए हैं। उनकी आंख से एक भी आंसू नहीं निकला है। विष्णु ने कहा कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। आरोपी के साथ जो भी इस वारदात में संलिप्त हैं, सभी को फांसी होनी चाहिए। जरूरत पड़ी तो परिवार सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखेगा। पुलिस की ओर से इस मामले में कोई भी अपडेट नहीं मिल रही है, अखबार एवं सोशल मीडिया जानकारी का माध्यम बना हुआ है।
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वारदात से चार दिन पहले पूजा ने बताया था, बड़े कोच ने छोटे कोच को निकाल दिया है
विष्णु के अनुसार वारदात से चार दिन पहले पूजा से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसने बताया था कि बड़े कोच (मनोज) और छोटे कोच (सुखविंदर) के बीच कई दिनों से कहासुनी चल रही है। इसी कहासुनी के बीच बड़े कोच ने छोटे कोच को निकाल दिया है। विष्णु ने बताया कि वह करीब ढाई साल पहले पूजा को रोहतक के सर छोटूराम स्टेडियम में कोच मंदीप सैनी के पास ट्रेनिंग के लिए छोड़ गया था। जहां उसके पास वह महिला खिलाड़ी भी साथ में ट्रेनिंग करती थीं, जिसका अब इस पूरे मामले में जिक्र हो रहा है। करीब चार बाद ही वह महिला खिलाड़ी पूजा को भी अपने साथ जाट कॉलेज अखाड़ा ले गई थी। जिस बारे में भी पूजा ने परिवार को बताया था। कोच मनोज अक्सर पूजा की परिवार के सामने तारीफ किया करते थे। वे अक्सर कहते थे कि एक साल के भीतर पूजा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल ले कर आएगी।
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भाई है वकील, पिता है दुकानदार, पूजा से थी पूरे परिवार का नाम रोशन करने की उम्मीद
पूजा के पिता राम गोपाल स्रद्ध कपड़ों की दुकान है। मां हेमलता गृहिणी हैं। बड़ी बहन राधा विवाहित हैं और वह भी गृहिणी हैं। राधा के बाद भाई विष्णु है, जोकि वकील है। विष्णु से छोटी बहन शीतल है, जोकि एमएससी की छात्रा है। सबसे छोटी पूजा थी, जिसने हाल ही में 12वीं पास की थी। पूजा को 2013 से पहलवानी का शौक था। इसी वर्ष उसने ब्रिज केसरी कुश्ती जीती थी। 2015 में गांव में दंगल हुआ था, जिसमें बड़ी पहलवान आई थी। जिसे देखकर उसे कुश्ती में ही नाम रोशन करने की लत लगी थी। पूजा ने राज्य स्तरीय 5 गोल्ड मेडल व राष्ट्रीय स्तर पर 2 सिल्वर मेडल जीते थे।
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16 फरवरी के कुंभ मेले को देखने शुक्रवार को ही जा रही थी पूजा, पैर के दर्द ने रोक दिया और चली गई जान
मथुरा (वृंदावन) में 16 फरवरी को कुम्भ का मेला लगा था। इसी मेले को पूजा का देखने का बहुत मन था। जिसके लिए उसने 11 फरवरी को घर पर बात की और शुक्रवार यानि 12 फरवरी को आने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह उसने बताया था कि उसके पैर में दर्द है, इसलिए वह शनिवार को आएगी। मगर विधाता को कुछ और ही मंजूर था। किस को क्या पता था कि पैर के दर्द के कारण रुकना उसकी जान पर भारी हो जाएगा। शुक्रवार शाम को सुखविंदर ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

मथुरा के गांव सिरोहा में मृतक महिला पहलवान पूजा के घर पर गमजदा परिजन।