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जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड- खेलते मासूम सरताज को गोद में उठाया, फिर मारी गोली

Wed, 17 Feb 2021 02:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 02:47 AM IST
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Jat college arena massacre - playing innocent Sartaj in his lap, then shot
पुलिस अधिकारियों व एफएसएल की टीम को घटना के बारे में बताता हत्या आरोपी सुखविंदर।
रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर सीन ऑफ क्राइम रिक्रेएट कर आरोपी सुखविंदर से वारदात की हकीकत जानी। इस दौरान सुखविंदर बेधड़क होकर बोला- किसे कैसे कमरे में बुलाया और गोलियां मारीं। जैसे ही उसने मासूम सरताज को नीचे से गोद में उठाकर लाने और कमरे में ले जाकर गोली मारने की बात कही तो पुलिसकर्मियों के भी आंसू छलक आए। आखिर उस मासूम ने उसका क्या बिगाड़ा था जो उस पर गोलियां बरसा दीं। यही नहीं मासूम सरताज के चाचा प्रमोज कहते हैं उनकी बेटी भी उसके साथ खेल रही थी, उसे भी कमरे में ले जाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं गई थी। वह मेरी बेटी फ्रांसी को भी मारना चाहता था। प्रैक्टिस के दौरान म्यूजिक तेज था इसलिए एक-एक करके चली गोलियों की आवाज दब गई।
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मंगलवार को पुलिस टीम आरोपी को जब मौका-ए-वारदात पर सीन ऑफ क्राइम रिक्रेएट कराने ले गई तो वहां सुखविंदर ने जघन्य अपराध करने के बाद भी धड़ल्ले से पुलिस को पूरी कहानी बुलंद आवाज में सुनाई। आरोपी ने यह बताया कि उसने एक-एक करके सभी को ऊपर बुलाया था। अंदर कमरे में मनोज, प्रदीप, सतीश को पहले गोली मारी थी। इसके बाद उसने पूजा और साक्षी को गोली मारी। इसके बाद वह नीचे खेल रहे मासूम सरताज को उठा ले गया और कमरे में ले जाकर गोली मारी थी। पूरी कहानी बताते हुए पुलिस से ज्यादा तेज आवाज आरोपी की थी। जब उसे ऊपर कमरे से नीचे लाया गया, तो यहां भी आरोपी ने खुद की शान समझते हुए उस जगह के बारे में इशारा कर बताया जहां से उसने मासूम सरताज को खेलते खेलते उठाया था।
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सरगथल गांव में किया बच्चे का अंतिम संस्कार
सरताज के चाचा प्रमोज ने बताया कि वारदात की शाम उसके चाचा का लड़का टोनी, मामा का लड़का विशाल उसकी पांच साल की बेटी फ्रांसी भी वहीं प्रैक्टिस कर रहे थे। प्रमोज के अनुसार वारदात के बाद टोनी ने बताया कि सुखविंदर एक-एक करके सभी को माफी मांगने के नाम पर ऊपर कमरे में ले जाता रहा और गोलियों से भूनता रहा। आखिर में वह सरताज और फ्रांसी को लेने आया। सरताज को कहा कि उसकी मम्मी बुला रही है। फ्रांसी को भी ले जाना चाहता था, लेकिन फ्रांसी ने चाचा के साथ प्रैक्टिस करने की बात कही और जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसने ऊपर कमरे में ले जाकर सरताज को भी गोली मार दी। गोली चलने जैसी आवाज तो उन्हें सुनाई दी थी, लेकिन प्रैक्टिस के समय म्यूजिक तेज आवाज में था तो अंदाजा लगाया गया कि किसी की शादी में पटाखे बज रहे होंगे। इसका रत्ती भर भी अंदाजा किसी को नहीं था कि सुखविंदर ने ऊपर कमरे में पांच लोगों को मार दिया है। उसका अंतिम संस्कार गांव सरगथला में ही किया गया।
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हाथ पांव कांप गए थे खून से लथपथ शव देखकर
वारदात के बाद सुखविंदर कमरा लॉक करके वहां से भाग गया। मनोज, साक्षी, सतीश, प्रदीप, पूजा और सरताज नहीं आए तो उन्होंने सुखविंदर को फोन मिलाया। उससे पूछा कि भाई मनोज कहां है तो सुखविंदर ने जवाब दिया कि देख लो वहीं पड़े होंगे। वे ऊपर कमरे में गए तो पूजा और साक्षी का शव कमरे से बाहर पड़ा था। कमरे से सरताज की घुटी हुई आवाज आई ते कमरा खोला गया। अंदर का दिल दहला देने वाला दृश्य देखकर हाथ पैर कांप गए। तीन लोगों के शव कमरे में पड़े हुए थे। मनोज के मामा का लड़का विशाल सरताज को कपड़े में लपेटकर अस्पताल लेकर अया।
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70 सदस्यीय पुलिस टीम के साथ लाया गया आरोपी
सीन ऑफ क्राइम पर आरोपी सुखविंदर को दिन के समय ले जाने और शहर में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बरकरार बनाए रखने की पुलिस के सामने कड़ी चुनौती थी। इसी चुनौती को आसानी से हल करने के लिए पुलिस की अलग अलग टीमों की 7 गाड़ियां आरोपी को मौके पर ले जाने के लिए गठित की। जिसमें डीएसपी नरेंद्र कादयान, डीएसपी विनोद कुमार, डीएसपी महिला सुशीला, अपराध शाखा, थाना पुलिस सहित अन्य पुलिस टीम थी। यह कुल मिलाकर 70 सदस्यीय टीम थी। इसके अलावा वारदात स्थल पर भी पुलिस का कड़ा पहरा था।
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चार दिन जिंदगी से संघर्ष के बाद हार गया तीन साल का मासूम
-ब्रेन डैमेज होने के साथ ही नाउम्मीद हो गए थे चिकित्सक
रोहतक। चार दिन जिंदगी से संघर्ष के बाद आखिर तीन साल का मासूम सरताज हार गया। मंगलवार सुबह पीजीआईएमएस में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बच्चे के सिर में गोली आरपार होने की वजह से उसका ब्रेन डैमेज हो चुका था, इसके चलते चिकित्सकों को भी उसके बचने की उम्मीद न के बराबर थी।
घायल सरताज का उपचार कर रहे डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि बच्चे को बचाने के लिए पीजीआईएमएस की पूरी टीम ने प्रयास किया, लेकिन ब्रेन डैमेज होने के चलते सभी असफल रहे। गोली आरपार होने की वजह से सरताज की एक आंख खराब हो गई थी और ब्रेन का कुछ हिस्सा भी बाहर था। ब्रेन ने बिल्कुल काम करना बंद कर रखा था, इसके लिए बच्चे के जीवन को बचाने के लिए संस्थान की न्यूरोसर्जरी व अन्य विभागों की टीम लगी थी। बच्चे के स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुए बिना ऑपरेशन कर पाना भी संभव नहीं था। बीपी लगातार गिर रहा था। ब्रेन के काम न करने से सारी समस्या हो रही थी। मरीज को लाइफ स्पोर्ट पर रखा गया था लेकिन आर्गन ने काम करना बंद कर दिया। दिल ने जैसे ही काम करना बंद किया तो बच्चे की मृत्यु हो गई।
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गोली लगने से घायल बच्चे को पीजीआईएमएस के पीकू में उपचार के लिए रखा गया था। मंगलवार को सुबह उसकी मौत हो गई है। डॉक्टरों ने बच्चे को वेंटीलेटर पर रखकर बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। गोली लगने से बच्चे के सिर को भारी क्षति पहुंची थी और उसकी एक आंख खराब हो गई थी। मरीज का बीपी भी लगातार कम हो रहा था, इसके चलते बच्चे ने सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस
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दिल्ली पुलिस पर साठगांठ का आरोप
मनोज कोच के भाई प्रमोज ने आरोप लगाया कि वारदात को पूरे प्लान के तहत अंजाम दिया गया। पहले ही दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों से सेटिंग कर ली थी। वारदात के बाद सुखविंदर सीधा वहां पहुंचा और गिरफ्तारी का नाटक किया। दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। वे सीएम और केंद्र सरकार को सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखेंगे।

ना बोलण सीखे होठ, ना चालण सीखे पैर, इसका के खोट, इस्तै किस्सा बैर?
-सोशल मीडिया में मासूम सरताज की मौत पर लोगों ने जताया दुख
फोटो-
रोहतक। जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड में मंगलवार सुबह छठी मौत हो गई। यह मौत पीजीआईएमएस के पीकू वार्ड में भर्ती 3 साल के मासूम सरताज की हुई है। मासूम की मौत की खबर सुनने के बाद न केवल रोहतक, सोनीपत बल्कि राज्यभर के लोगों के अलावा पड़ोसी राज्यों के लोगों ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दु:ख व्यक्त किया। किसी ने किसी भाव, शब्द व तरीके से तो किसी ने किसी तरीके से मासूम को श्रद्धांजलि दी। इसी बीच सरताज की बुआ, जोकि वारदात के दिन से ही फेसबुक पर लगातार अपने मृतक भाई-भाभी को याद कर रो रही है और भतीजे सरताज के स्वास्थ्य की मंगल कामना के लिए भगवान से दुआ मांग रही थी। मगर विधाता को जो मंजूर है, वह होना ही है। मंगलवार को भतीजे की मौत की खबर सुनने के बाद फिर से उसने फेसबुक पर एक पोस्ट की। जिसमें उसने सरताज की फोटो अपलोड की। जिस पर कैप्शन लिखा कि ना बोलण सीखे होठ, ना चालण सीखे पैर, इसका के खोट, इस्तै किस्सा बैर ?
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ये रही दिनभर की गतिविधि
- सुबह साढ़े 6 बजे मासूम सरताज की इलाज के दौरान पीकू वार्ड में मौत।
- सूचना मिलने के बाद करीब साढ़े 7 बजे पीजीआई शवगृृह में पहुंचे परिजन व लोगों की भीड़।
- सरताज के शव का पोस्टमार्टम, दोपहर करीब 2 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
- दोपहर करीब सवा 3 बजे आरोपी को पुलिस की 70 सदस्यीय टीम की कड़ी सुरक्षा के बीच मौका-ए-वारदात पर ले जाने के लिए पुलिस पीजीआईएमएस थाना से निकली।
- दोपहर साढ़े 3 बजे आरोपी को जाट कॉलेज अखाड़ा में ले जाया गया, जहां करीब 13 मिनट तक सीन ऑफ रि क्रियेट किया गया और यहां से ले जाया गया।
- दोपहर 3:47 बजे आरोपी को एमकेजेके महाविद्यालय के बाहर दूसरी वारदात स्थल पर लाया गया, यहां आरोपी ने कोच अमरजीत को गोली मारी थी।
- यहां आरोपी से करीब 4 मिनट तक पुलिस ने पूछताछ की और आरोपी ने यहां भी अपने जुर्म को कुबूल किया।
- दोपहर 3:52 बजे आरोपी को उसी कड़ी सुरक्षा में दुबारा पीजीआईएमएस थाना ले जाया गया।
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सरताज की मौत के बाद पीजीआई मोर्चरी में विलाप करते परिजन।

सरताज की मौत के बाद पीजीआई मोर्चरी में विलाप करते परिजन।

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