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Rohtak News: जाट व पंजाबी समाज अहम, हुड्डा व ग्रोवर की सक्रियता तय करेगी हार-जीत का फासला

Sun, 16 Feb 2025 01:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 01:43 AM IST
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Jat and Punjabi communities are important, the activism of Hooda and Grover will decide the difference between victory and defeat.
विजेंद्र कौशिक
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रोहतक। नगर निगम मेयर के चुनाव में बिसात बिछ गई है। भाजपा के रामअवतार वाल्मीकि के सामने कांग्रेस ने पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई को मैदान में उतारा है, जबकि आप ने युवा चेहरे अमित खटक को टिकट दिया।
जजपा, इनेलो व बसपा नामांकन का एक दिन बचने के बावजूद खामोश हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस व भाजपा के बीच होगा। मेयर प्रत्याशी को जिताने के लिए कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व भाजपा में पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की सक्रियता हार-जीत का फासला तय करेगी।
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इसलिए मिला सूरजमल किलोई को टिकट
कांग्रेस की ओर से 19 प्रत्याशी टिकट मांग रहे थे। शुरू से ही पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई को अहम दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि वे न केवल हुड्डा परिवार के करीबी हैं, बल्कि पुराने कांग्रेसी भी हैं, साथ ही रविदास समाज से आते हैं। सूरजमल को उनके साथी पार्षदों का भी साथ मिला। डिप्टी मेयर अनिल कुमार, कृष्ण कुमार व दूसरे पार्षदों ने खुलकर उनके लिए कांग्रेस नेतृत्व से टिकट मांगा। किलोई 2000 से 2005 तक गांव में पंच रहे। बाद में परिवार सहित रोहतक की एकता कॉलोनी में रहने लगे। 2005 से 2013 तक नगर परिषद में पार्षद रहे। 2013 में सामान्य वार्ड से उनकी पत्नी पूनम किलोई विजयी रहीं। साथ ही मेयर की दावेदार थीं, हालांकि, कामयाबी नहीं मिली। 2018 फिर पूनम किलोई को जीत मिली। बाद में सूरजमल साथी कांग्रेसी पार्षदों के साथ भाजपा में आए और एससी मोर्चा के पदाधिकारी रहे। 2024 में जब भाजपा ने उनको कलानौर हलके से टिकट नहीं दिया तो कांग्रेस में लौट आए। कांग्रेस ने अब उनको मेयर का टिकट देकर मैदान में उतारा है।
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भाजपा की रणनीति....
निगम चुनाव में भाजपा नेता मतदाताओं को बताएंगे कि केंद्र व राज्य में पांच साल भाजपा की सरकार रहेगी। ट्रिपल सरकार शहर का अच्छी तरह से विकास करवा सकेगी। लोकसभा में भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो विधानसभा में डबल सरकार के नाम पर वोट मांगे थे।
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कांग्रेस की रणनीति...
कांग्रेस भी अपनी रणनीति तैयार करने में जुटी है। लोकसभा व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने स्थानीय मुद्दों को जनता के सामने रखा था, क्योंकि 2014 से केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है। 2018 से अब तक निगम में भी भाजपा का बहुमत रहा। मेयर मनमोहन गोयल भी भाजपा से रहे। ऐसे में कांग्रेस बिजली, पानी, सीवर, प्रॉपर्टी आईडी व टैक्स की त्रुटियों से होने वाली समस्याओं को जनता के सामने रखेगी।

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ये हैं नगर निगम क्षेत्र का जातिगत समीकरण

पंजाबी 85 हजार
जाट 75 हजार
ब्राह्मण 30 हजार
बनिया 20 हजार
बीसी 50 हजार
एससी 45 हजार
अन्य 15 हजार
नोट : नोट जातिगत आंकड़े अनुमान के आधार पर।
बाक्स
24 निर्दलीय ने किया आवेदन, मेयर के लिए एक भी नामांकन नहीं
मेयर प्रत्याशी के लिए एक भी प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया है, जबकि नामांकन के लिए केवल सोमवार का दिन शेष है। उसी दिन भाजपा, कांग्रेस व आप प्रत्याशी के अलावा दूसरे दावेदार नामांकन करेंगे। अब तक नगर निगम से चुनाव लड़ने के लिए केवल सोमवार का दिन शेष है। शनिवार को 24 निर्दलीय प्रत्याशियों ने वार्ड पार्षद के लिए नामांकन किया। इसमें वार्ड एक से जितेंद्र, वार्ड 4 से अनु व अंजू, 10 से मनीषा, 11 से संतकुमार, 12 से जयदेव, कुनाल तंवर व दीपक मलिक, 13 से यशवंत व परमेंद्र, 14 से पल्लवी, श्रीयांश जैन व आशीष जैन, वार्ड 20 से रेखा रानी, 21 से अमित व मुकेश कुमार और 22 से सुमन व नीतिका ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया।
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