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7 घंटे तक शव रखकर लगाया जाम
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जगबीर उर्फ जुब्बी की मौत के बाद रोड जाम करते गांव के निवासी ।
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कलानौर खंड के गांव सुंडाना के ग्रामीणों और मृतक जगबीर उर्फ जुब्बी के परिजनों ने शव को रोहतक-भिवानी राजमार्ग नंबर 10 पर रखकर वीरवार सुबह साढ़े 11 बजे से शाम 6 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब पांच घंटे 3 किलोमीटर तक वाहन चालक जाम में फंसे रहे।
जाम व प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को बेरी, महम व आसपास के गांवों के रास्तों से निकाला। शाम पांच बजे उपायुक्त आरएस वर्मा व एसपी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीण व परिजन फरार चारों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी और सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस बनाने की मांग पर अड़े रहे। आखिर में परिजनों के मांग पत्र पर डीसी-एसपी ने हस्ताक्षर किए और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। याद रहे कि 26 नवंबर की दोपहर को जगबीर को 7 गोलियां मारी गई थी। जिसकी 8 दिन के उपचार के बाद बुधवार को पीजीआई में मौत हो गई। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया। इसके बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर जाम लगा दिया। वहीं परिजनों ने कहा कि संबंधित मामले में पुलिस की आगामी जो भी कार्रवाई की जाएगी, उसकी हर जानकारी उन्हें दी जाए।
यह था मामला
पुलिस के मुताबिक जगबीर के पिता कर्ण ने बताया था कि गत 26 नवंबर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जगबीर अपने दोस्त रोहित निवासी काहनौर के साथ स्कूटी पर सवार होकर खेत से पराली लाने के लिए जा रहा था। वह भी स्कूटी के पीछे ट्रैक्टर पर चल रहा था। इसी दौरान जब वे सुंडाना के श्मशान घाट के अगले चौक पर पहुंचे तो एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। कार से जितेंद्र उर्फ जीतू, दलबीर व राजबीर उर्फ राज, संजय व अन्य युवक नीचे उतरे। आरोप है कि सभी के हाथों में पिस्तौल थी। उक्त आरोपियों ने स्कूटी सवार जगबीर के दोस्त रोहित की कमर पर पिस्तौल अड़ा दी। इसके बाद उन्होंने जगबीर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में जगबीर को सात गोलियां लगीं। इसके बाद जब वह बचाव के लिए दौड़ा तो आरोपी कार में सवार होकर गढ़ी बलंब की ओर फरार हो गए। घायल के पिता के मुताबिक उक्त आरोपियों से जगबीर ने 1.80 लाख रुपये लेने थे। जिन्हें देने में आरोपी आनाकानी कर रहे थे। इस मामले में छह महीने पहले पंचायत भी हुई थी। वारदात के कुछ दिनों बाद पुलिस ने एक आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया था।
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जाम व प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को बेरी, महम व आसपास के गांवों के रास्तों से निकाला। शाम पांच बजे उपायुक्त आरएस वर्मा व एसपी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों व परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीण व परिजन फरार चारों आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को डीसी रेट पर नौकरी और सुरक्षा के लिए आर्म्स लाइसेंस बनाने की मांग पर अड़े रहे। आखिर में परिजनों के मांग पत्र पर डीसी-एसपी ने हस्ताक्षर किए और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे। याद रहे कि 26 नवंबर की दोपहर को जगबीर को 7 गोलियां मारी गई थी। जिसकी 8 दिन के उपचार के बाद बुधवार को पीजीआई में मौत हो गई। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपा गया। इसके बाद परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर जाम लगा दिया। वहीं परिजनों ने कहा कि संबंधित मामले में पुलिस की आगामी जो भी कार्रवाई की जाएगी, उसकी हर जानकारी उन्हें दी जाए।
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यह था मामला
पुलिस के मुताबिक जगबीर के पिता कर्ण ने बताया था कि गत 26 नवंबर दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जगबीर अपने दोस्त रोहित निवासी काहनौर के साथ स्कूटी पर सवार होकर खेत से पराली लाने के लिए जा रहा था। वह भी स्कूटी के पीछे ट्रैक्टर पर चल रहा था। इसी दौरान जब वे सुंडाना के श्मशान घाट के अगले चौक पर पहुंचे तो एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। कार से जितेंद्र उर्फ जीतू, दलबीर व राजबीर उर्फ राज, संजय व अन्य युवक नीचे उतरे। आरोप है कि सभी के हाथों में पिस्तौल थी। उक्त आरोपियों ने स्कूटी सवार जगबीर के दोस्त रोहित की कमर पर पिस्तौल अड़ा दी। इसके बाद उन्होंने जगबीर पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमले में जगबीर को सात गोलियां लगीं। इसके बाद जब वह बचाव के लिए दौड़ा तो आरोपी कार में सवार होकर गढ़ी बलंब की ओर फरार हो गए। घायल के पिता के मुताबिक उक्त आरोपियों से जगबीर ने 1.80 लाख रुपये लेने थे। जिन्हें देने में आरोपी आनाकानी कर रहे थे। इस मामले में छह महीने पहले पंचायत भी हुई थी। वारदात के कुछ दिनों बाद पुलिस ने एक आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर लिया था।
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