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Rohtak News: जयकारों के साथ शिवलिंग पर किया जलाभिषेक
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रोहतक। सोमवार से श्रावण मास की शुरुआत हो गई। सुबह शिवालयों पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी। महिलाओं ने बच्चों से जलाभिषेक कराया। मॉडल टाउन स्थित प्राचीन गुफा वाला, बस स्टैंड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, विश्वनाथ मंदिर व माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में भक्तों ने बम-बम भोले के जयकारे लगाए। हर-हर महादेव के स्वरों से शिवालय गूंज उठा।
संकट मोचन मंदिर की साध्वी मानेश्वरी देवी ने भक्तों संग ओम नम: शिवाय के जयकारों के साथ शिवलिंग पर श्रद्धा और उत्साह से जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर, विधि-विधानुसार शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामनाएं की। वहीं शिवभक्तों ने शिवलिंग पर कच्चा दूध, धतुरा, भांग, दही, बादाम, गंगाजल व बेल पत्ते व फल चढ़ाकर पूजा की। साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक शिवपुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद प्रवचन, कीर्तन और प्रसाद वितरित हुआ।
भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए श्रावण मास महत्वपूर्ण : साध्वी
गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि पंचांग के अनुसार हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीनों में से एक श्रावण मास माना जाता है। भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए इसे शुभ माना जाता है। पूरे श्रावण मास विशेष पूजा, व्रत, अनुष्ठान और त्योहार होते हैं, इसमें श्रावण सोमवार व्रत, मंगला गौरी व्रत, हरियाली तीज, नाग पंचमी, शिवरात्रि व्रत और रक्षा बंधन आदि शामिल हैं। श्रावण मास सोमवार 19 अगस्त 2024 को समाप्त होगा।
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श्रावण मास का महत्व
हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना श्रावण मास होता है। इसे सावन का महीना भी कहते हैं। श्रावण मास का प्रत्येक दिन अत्यंत फलदायी होता है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रावण मास में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। जो व्यक्ति श्रावण सोमवार का व्रत रखता है उसका पारिवारिक जीवन सुखी रहता है। भगवान शिव की पूजा करने से वह जल्दी प्रसन्न होते हैं, इसलिए उनको भोलेनाथ भी कहते हैं। श्रावण सोमवार का व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
सावन सोमवार तारीख
पहला सोमवार 22 जुलाई
दूसरा सोमवार 29 जुलाई
तीसरा सोमवार 05 अगस्त
चौथा सोमवार 12 अगस्त
पांचवां सोमवार 19 अगस्त
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संकट मोचन मंदिर की साध्वी मानेश्वरी देवी ने भक्तों संग ओम नम: शिवाय के जयकारों के साथ शिवलिंग पर श्रद्धा और उत्साह से जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। उन्होंने महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर, विधि-विधानुसार शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामनाएं की। वहीं शिवभक्तों ने शिवलिंग पर कच्चा दूध, धतुरा, भांग, दही, बादाम, गंगाजल व बेल पत्ते व फल चढ़ाकर पूजा की। साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि रोजाना शाम 4 से 6 बजे तक शिवपुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद प्रवचन, कीर्तन और प्रसाद वितरित हुआ।
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भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए श्रावण मास महत्वपूर्ण : साध्वी
गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि पंचांग के अनुसार हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीनों में से एक श्रावण मास माना जाता है। भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए इसे शुभ माना जाता है। पूरे श्रावण मास विशेष पूजा, व्रत, अनुष्ठान और त्योहार होते हैं, इसमें श्रावण सोमवार व्रत, मंगला गौरी व्रत, हरियाली तीज, नाग पंचमी, शिवरात्रि व्रत और रक्षा बंधन आदि शामिल हैं। श्रावण मास सोमवार 19 अगस्त 2024 को समाप्त होगा।
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श्रावण मास का महत्व
हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना श्रावण मास होता है। इसे सावन का महीना भी कहते हैं। श्रावण मास का प्रत्येक दिन अत्यंत फलदायी होता है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि श्रावण मास में पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व होता है। जो व्यक्ति श्रावण सोमवार का व्रत रखता है उसका पारिवारिक जीवन सुखी रहता है। भगवान शिव की पूजा करने से वह जल्दी प्रसन्न होते हैं, इसलिए उनको भोलेनाथ भी कहते हैं। श्रावण सोमवार का व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।
सावन सोमवार तारीख
पहला सोमवार 22 जुलाई
दूसरा सोमवार 29 जुलाई
तीसरा सोमवार 05 अगस्त
चौथा सोमवार 12 अगस्त
पांचवां सोमवार 19 अगस्त