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एआईपीएमटी: अभ्यर्थियों से वसूले करोड़ों रुपये की दांगी से होगी रिकवरी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 02 Apr 2016 02:32 AM IST
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एआईपीएमटी पेपर लीक के दौरान अभ्यर्थियों से वसूले गए करोड़ों रुपयों की रिकवरी पुलिस अब मास्टरमाइंड दांगी से करेगी। पुलिस का मानना है कि अभ्यर्थियों से वसूली गई राशि की मोटी रकम दांगी के पास है। इसी के तहत पुलिस रिमांड अवधि में दांगी से ज्यादा से ज्यादा रकम की वसूली करने की तैयारी में है। ऐसे में दांगी के बैंक खातों को भी खंगाला जाएगा। पुलिस दांगी को बिहार भी लेकर जाएगी। क्योंकि मामले का खुलासा होने के बाद बिहार से भी दांगी के लिंक मिले थे। इसी के चलते एसआईटी बिहार के लिए भी रवाना होगी।
देर रात दांगी को साथ लेकर पुलिस की छापेमारी
कागजी कार्रवाई और रिमांड मिलने के बाद ही पुलिस ने छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी। सीआईए 2 ने शुक्रवार देर रात दांगी को साथ लेकर उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही उसके साथियों के ठिकानों पर भी छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस के हाथ दो संदिग्ध भी लगे हैं। इन दोनों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस बहादुरगढ़ क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई की, क्योंकि दांगी पुलिस गिरफ्त से पहले यहां किसी अपने दोस्त के साथ ठहरा हुआ था।
गिरफ्तार आरोपियों ने दांगी पर उठाई थी उंगली
पुलिस ने मामले में जितने भी आरोपियों को गिरफ्तार किया था उनमें से अधिकतर ने रुपयों की बात सामने आने पर दांगी की तरफ उंगली उठाई थी। अधिकतर आरोपियों का कहना था कि अभ्यर्थियों से जुटाए गई अधिकतर रकम दांगी के पास है। दूसरी तरफ यदि पुलिस की मानें तो अभी तक दांगी से रुपयों की बरामदगी नहीं हो सकी है। उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रिकवरी का प्रयास कि या जाएगा। साथ ही उसके परिचित और रिश्तेदारों की बैंक खातों को भी खंगाला जा सकता है।
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यूं समझे करोड़ों की वसूली का गणित
पुलिस ने मामले में आदमपुर के पुरसानी कॉलोनी निवासी राजेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने अनिल नाम के युवक को एआईपीएमटी की आंसर-की देने का सौदा 30 लाख रुपये में तय किया था। लेकिन मामला खुलने के बाद अनिल तक आंसर-की नहीं पहुंच सकी थी। इसी तरह नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों ने किसी अभ्यर्थी को 30 तो किसी को 15 लाख में आंसर की बेची। इस मामले में करीब 46 अभ्यर्थी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। अब यदि इन अभ्यर्थियों में प्रत्येक से आरोपियों ने आंसर की के लिए 15 लाख रुपये भी वसूले तो 6 करोड़ 90 लाख रुपये की वसूली हुई।
पुलिस को गुमराह कर रहा दांगी
आरोपी दांगी के शातिर दिमाग की वजह से पुलिस भी परेशान है। दांगी के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने अभी पुलिस को यह भी नहीं बताया कि वह पुलिस की नजरों से छिपकर कहां रहा। रिमांड के दौरान भी आरोपी कभी राजस्थान का नाम लेता है तो कभी अन्य राज्य का। इस लए पुलिस उसके सही ठिकाने तक नहीं पहुंच पा रही है।
फिर बहरोड़ के कंट्रोल रू म पहुंचेगा दांगी
दांगी ने अपने साथियों सहित जिस जगह से आंसर की सॉल्व करके अपने गुर्गों तक भेजी थी पुलिस आरोपी को फिर वहीं लेकर जाएगी। पुलिस आरोपी को राजस्थान के अलवर स्थित बहरोड़ के एक रिसोर्ट में निशानदेही के लिए लेकर जाएगी। यहीं पर आरोपी दांगी ने कंट्रोल रुम बनाकर आंसर की को सॉल्व करवाकर अपने साथियों को भेजा था। खुलासा होने के बाद जांच टीम ने बहरोड स्थित एक रिसोर्ट में छापा मारकर अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे।
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देर रात दांगी को साथ लेकर पुलिस की छापेमारी
कागजी कार्रवाई और रिमांड मिलने के बाद ही पुलिस ने छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी। सीआईए 2 ने शुक्रवार देर रात दांगी को साथ लेकर उसके कई ठिकानों पर छापेमारी की। साथ ही उसके साथियों के ठिकानों पर भी छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस के हाथ दो संदिग्ध भी लगे हैं। इन दोनों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस बहादुरगढ़ क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई की, क्योंकि दांगी पुलिस गिरफ्त से पहले यहां किसी अपने दोस्त के साथ ठहरा हुआ था।
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गिरफ्तार आरोपियों ने दांगी पर उठाई थी उंगली
पुलिस ने मामले में जितने भी आरोपियों को गिरफ्तार किया था उनमें से अधिकतर ने रुपयों की बात सामने आने पर दांगी की तरफ उंगली उठाई थी। अधिकतर आरोपियों का कहना था कि अभ्यर्थियों से जुटाए गई अधिकतर रकम दांगी के पास है। दूसरी तरफ यदि पुलिस की मानें तो अभी तक दांगी से रुपयों की बरामदगी नहीं हो सकी है। उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रिकवरी का प्रयास कि या जाएगा। साथ ही उसके परिचित और रिश्तेदारों की बैंक खातों को भी खंगाला जा सकता है।
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यूं समझे करोड़ों की वसूली का गणित
पुलिस ने मामले में आदमपुर के पुरसानी कॉलोनी निवासी राजेश बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि उसने अनिल नाम के युवक को एआईपीएमटी की आंसर-की देने का सौदा 30 लाख रुपये में तय किया था। लेकिन मामला खुलने के बाद अनिल तक आंसर-की नहीं पहुंच सकी थी। इसी तरह नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों ने किसी अभ्यर्थी को 30 तो किसी को 15 लाख में आंसर की बेची। इस मामले में करीब 46 अभ्यर्थी को ब्लैकलिस्ट किया गया था। अब यदि इन अभ्यर्थियों में प्रत्येक से आरोपियों ने आंसर की के लिए 15 लाख रुपये भी वसूले तो 6 करोड़ 90 लाख रुपये की वसूली हुई।
पुलिस को गुमराह कर रहा दांगी
आरोपी दांगी के शातिर दिमाग की वजह से पुलिस भी परेशान है। दांगी के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने अभी पुलिस को यह भी नहीं बताया कि वह पुलिस की नजरों से छिपकर कहां रहा। रिमांड के दौरान भी आरोपी कभी राजस्थान का नाम लेता है तो कभी अन्य राज्य का। इस लए पुलिस उसके सही ठिकाने तक नहीं पहुंच पा रही है।
फिर बहरोड़ के कंट्रोल रू म पहुंचेगा दांगी
दांगी ने अपने साथियों सहित जिस जगह से आंसर की सॉल्व करके अपने गुर्गों तक भेजी थी पुलिस आरोपी को फिर वहीं लेकर जाएगी। पुलिस आरोपी को राजस्थान के अलवर स्थित बहरोड़ के एक रिसोर्ट में निशानदेही के लिए लेकर जाएगी। यहीं पर आरोपी दांगी ने कंट्रोल रुम बनाकर आंसर की को सॉल्व करवाकर अपने साथियों को भेजा था। खुलासा होने के बाद जांच टीम ने बहरोड स्थित एक रिसोर्ट में छापा मारकर अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे।