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Rohtak News: खतरे में मासूम... जिले के 700 स्कूल ''''अग्नि परीक्षा'''' में फेल

Mon, 22 Apr 2024 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Mon, 22 Apr 2024 01:04 AM IST
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Innocent children in danger... 700 schools in the district failed in the "fire test".
झज्जर में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय। संवाद
झज्जर। महेंद्रगढ़ जिले के उन्हाणी में पिछले दिनों हुए सड़क हादसे में छह मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन बसों में तो मासूम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन स्कूल के अंदर फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर नहीं है।
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अग्निशमन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले के करीब 800 निजी और सरकारी स्कूलों में से 700 बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। इन स्कूलों में न तो अग्नि हादसों से बचाव के इंतजाम हैं और न ही इन पर ध्यान दिया जा रहा है। स्कूली बसों की तरह प्राइवेट स्कूल यहां भी तय मानकों के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिले में कुछ निजी और सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध सरकारी स्कूलों में ही अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। सरकारी स्कूलों में तो फायर एनओसी व फायर उपकरण तक नहीं हैं। झज्जर, साल्हावास, बेरी और बादली की बात करें तो केवल 46 सरकारी व निजी स्कूलों ने ही एनओसी ले रखी है, जबकि बहादुरगढ़ में भी लगभग 50 निजी स्कूलों के पास एनओसी है।
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कोचिंग संस्थाओं के पास भी नहीं एनओसी
जिले में कई शिक्षण कोचिंग संस्थान भी बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं। फायर एनओसी के लिए जरूरी नियमों का पालन काेचिंग संस्थाओं की तरफ से भी नहीं किया जा रहा है।
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कोचिंग सेंटर के लिए जरूरी मानक
- नप का ट्रेड लाइसेंस, भवन का व्यवसायिक नक्शा पास होना चाहिए।
- बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम व स्मोक डिटेक्टर और ग्राउंड फ्लोर पर फायर सिस्टम होना चाहिए।

- दूसरे तल पर पर 10 लाख लीटर का पानी का टैंक होना चाहिए।

- तीसरी मंजिल पर भवनों पर स्प्रिंकलर सिस्टम, पानी की मोटर व जनरेटर होना चाहिए।

- भवन में दो सीढ़ियां और रैंप होने चाहिए।

- प्रत्येक कमरे में दो दरवाजे होने चाहिए, जो बाहर की ओर खुलते हों। कोई रोशनदान बंद न हो।



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बड़े शिक्षण संस्थानों के लिए यह हैं नियम
- 100 से ज्यादा छात्र होने पर बाहर जाने के दो रास्ते होने चाहिए।

- सीढ़ियों के लिए 1.50 मीटर की जगह होनी चाहिए।
- एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में नौ मीटर से ऊंची इमारत के लिए एनओसी अनिवार्य है।
- 500 मीटर एरिया होने पर दो सीढ़ियां होनी चाहिए
- ऑटोमेटिक स्प्रिंकलर सिस्टम (आग बुझाने की पाइप लाइन) का डिजाइन और इंस्टालेशन भारतीय ब्यूरो से प्रकाशित आईएस 15105 के अनुसार होना चाहिए।
- 500 वर्ग मीटर एरिया होने पर तो दो सीढ़ियां आवश्यक हैं।

जिले में सरकारी व निजी स्कूलों की स्थिति
स्कूल सरकारी निजी
प्राइमरी 316 46
हाई 42 97
मिडिल 66 91
सीनियर सेकेंडरी 121 159
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वर्जन-
- जिन संस्थाओं ने फायर एनओसी के आवेदन किए हैं, और सभी कागजात व नियम पूरे करते हैं, उनको एनओसी जारी कर दी जाती है। बाकी को सभी औपचारिकता पूरी करने के लिए लिखा गया है।
-आरएस दहिया, मंडल फायर अधिकारी, झज्जर
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