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यूपी पर हरियाणा के गोल पर लगाया पक्षपात का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 30 Nov 2016 02:45 AM IST
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राजीव गांधी खेल परिसर, एमडीएन व डीपीएस स्कूल में करीब 40 खिलाड़ी हुए चोटिल
- फोटो : amar ujala
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शहर में चल रही अंडर-14 की नेशनल स्कूल हॉकी चैंपियनशिप में टीमों की ओर से एक-दूसरे पर लगाए जा रहे पक्षपात के आरोप खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को राजीव गांधी खेल परिसर के साथ एमडीएन और डीपीएस स्कूल में सुबह 7:30 बजे लीग मैच शुरू हुए। लीग मैच में हरियाणा के छोरों ने यूपी को 2-0 से हराया। इस बीच यूपी के खिलाड़ियों ने अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को रेफरी की ओर से तीन बार चेतावनी कार्ड दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। साथ ही, फैसले में पक्षपात का आरोप लगाया। वहीं, चैंपियनशिप के तीसरे दिन दोपहर तीन बजे के बाद क्वार्टर मैच खेले गए। इसमें हरियाणा की दोनों टीमों (लड़का एवं लड़की) ने पंजाब और मध्यप्रदेश को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस तरह हरियाणा के खिलाड़ियों ने लगातार तीसरे दिन अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं, चारों खेल मैदानों पर दिनभर चले मैच में करीब 40 खिलाड़ी चोटिल हुए हैं।
सुबह स्टेडियम में हरियाणा और यूपी की टीम के बीच लीग मैच हुआ। यह मैच हरियाणा ने 2-0 से जीता, लेकिन यूपी के खिलाड़ियों ने इस पर एतराज जताया। यूपी के खिलाड़ी संदीप पाल ने बताया कि उनकी टीम में आमिर अली बेस्ट खिलाड़ी हैं। वह बहुत अच्छे से खेल रहा था, लेकिन मैदान में मौजूद रेफरी ने उसे दो बार पीला व एक बार हरा कार्ड दिखाया। इस तरह उन्होंने तीन बार चेतावनी कार्ड दिखाकर उनके बेस्ट खिलाड़ी को खेल से बाहर कर दिया। इस मैच को और भी राज्यों की टीमें देख रही थीं। उन्होंने भी रेफरी के फैसले पर आपत्ति जताई। यूपी के कोच ने भी कहा कि एक ही खिलाड़ी को दो बार कार्ड दिखाना गलत है।
बिना नाश्ता किए मैदान में उतरे खिलाड़ी तो कोच को डांटा
राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह ही लीग मैच शुरू हो गए। इसमें कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोचों ने खिलाड़ियों को बिना नाश्ता कराए मैदान में उतार दिया। इस पर चिकित्सक ने दोनों कोचों को खूब डांटा। डॉक्टर सुरेंद्र ने कहा कि सुबह भोजन किए बिना खेलने से खिलाड़ी का शारीरिक नुकसान होता है। अगर इस बीच उन्हें चोट लगती है तो दवा नहीं दे सकते हैं। इसलिए खिलाड़ियों को सुबह नाश्ता कराने के बाद ही खेल मैदान में लेकर आएं। इस वजह से सुबह कर्नाटक के खिलाड़ी नितिन और महाराष्ट्र के कामलो दवाई नहीं खा पाए।
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राजस्थान की नितिका के सिर में लगी चोट
सुबह से शाम तक हुए हॉकी मैच में करीब 40 खिलाड़ियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और दवाई दी गई। डीपीएस और स्टेडियम में एंबुलेंस रही, जबकि एमडीएन में स्काउट गाइड को फर्स्ट एड बॉक्स लेकर बैठाया गया। डॉ. विकास कुमार ने बताया कि डीपीएस में गेंद लगने से करीब एक दर्जन खिलाड़ी चोटिल हुए हैं। सभी का तुरंत इलाज किया गया। वहीं, चिकित्सक सुरेंद्र ने बताया कि स्टेडियम में शाम तक करीब 40 खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। इसमें कर्नाटक के नितिन को पैर में चोट लगी है तो राजस्थान की नितिका के सिर में हल्की चोट आई है। चंडीगढ़ के संदीप की उंगली में गेंद लगी है। एमडीएन स्कूल में हुए क्वार्टर मैच में हरियाणा की बेटियों ने पंजाब को 7-0 से हराया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस दौरान हरियाणा की एक खिलाड़ी को गोल मारते हुए चोट लगी, जिसे तुरंत इलाज दिया गया।
डिप्टी सीएमओ पहुंचीं लंच की गुणवत्ता जांचने
दोपहर 12:30 बजे स्टेडियम की कॉमन मेस में लंच शुरू हो गया था। खिलाड़ियों को दिए जाने वाले भोजन की जांच करने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. केएल मलिक पहुंचे। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता के साथ दूध-दही की भी जांच की। मलिक ने कहा कि जो खाना बनाया गया है, वह ठीक है। मेस इंचार्ज को पहले ही दिन कह दिया गया था कि दूध व दही के पैकेट को ड्रम में बर्फ डालकर रखें, जिससे उनके स्वाद में बदलाव न आए।
सीबीएसई और आईपीएससी की टीमें लौटीं
दोपहर बाद क्वार्टर मैच शुरू हुए। इसमें सीबीएसई और आईपीएससी की टीमें सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह नहीं बना पाईं। वे शाम को अपने घरों के लिए चली गई।
सैनी स्कूल में कम बाथरूम, खिलाड़ियों को परेशानी
सैनी कन्या हाई स्कूल में विभिन्न राज्यों की लड़कियों की टीमों को ठहराया गया है। यहां बाथरूम की संख्या कम होने के चलते खिलाड़ियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र की खिलाड़ियों ने बताया कि उनके मैच सुबह ही शुरू हो जाते हैं। स्टेडियम में पहुंचने के लिए करीब दो घंटे पहले उठना पड़ता है, क्योंकि बाथरूम के आगे लंबी लाइनें लगी होती हैं। बताया कि सुबह और रात के समय भी नहाने व शौचालय के लिए लंबी कतारों से गुजरना पड़ता है। मैच में देरी हो रही होती है तो कुछ खिलाड़ियों को बिना नहाए ही खेलने जाना पड़ा है।
एसजीआईएफ के शेड्यूल के तहत ही लीग और क्वार्टर फाइनल मैच कराए जा रहे हैं। मैच से पहले कॉमन मेस में नाश्ता तैयार हो जाता है। जो टीम अपना मेस लेकर आई है, खिलाड़ियों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी उनकी है। अगर सुबह खाना जल्दी तैयार नहीं होता है तो वे कॉमन मेस में आ सकते हैं। खिलाड़ियों के खाने की जांच तीनों समय डिप्टी सीएमओ खुद करने के लिए आते हैं।
- सुनीता रूहिल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।
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सुबह स्टेडियम में हरियाणा और यूपी की टीम के बीच लीग मैच हुआ। यह मैच हरियाणा ने 2-0 से जीता, लेकिन यूपी के खिलाड़ियों ने इस पर एतराज जताया। यूपी के खिलाड़ी संदीप पाल ने बताया कि उनकी टीम में आमिर अली बेस्ट खिलाड़ी हैं। वह बहुत अच्छे से खेल रहा था, लेकिन मैदान में मौजूद रेफरी ने उसे दो बार पीला व एक बार हरा कार्ड दिखाया। इस तरह उन्होंने तीन बार चेतावनी कार्ड दिखाकर उनके बेस्ट खिलाड़ी को खेल से बाहर कर दिया। इस मैच को और भी राज्यों की टीमें देख रही थीं। उन्होंने भी रेफरी के फैसले पर आपत्ति जताई। यूपी के कोच ने भी कहा कि एक ही खिलाड़ी को दो बार कार्ड दिखाना गलत है।
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बिना नाश्ता किए मैदान में उतरे खिलाड़ी तो कोच को डांटा
राजीव गांधी स्टेडियम में सुबह ही लीग मैच शुरू हो गए। इसमें कर्नाटक और महाराष्ट्र के कोचों ने खिलाड़ियों को बिना नाश्ता कराए मैदान में उतार दिया। इस पर चिकित्सक ने दोनों कोचों को खूब डांटा। डॉक्टर सुरेंद्र ने कहा कि सुबह भोजन किए बिना खेलने से खिलाड़ी का शारीरिक नुकसान होता है। अगर इस बीच उन्हें चोट लगती है तो दवा नहीं दे सकते हैं। इसलिए खिलाड़ियों को सुबह नाश्ता कराने के बाद ही खेल मैदान में लेकर आएं। इस वजह से सुबह कर्नाटक के खिलाड़ी नितिन और महाराष्ट्र के कामलो दवाई नहीं खा पाए।
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राजस्थान की नितिका के सिर में लगी चोट
सुबह से शाम तक हुए हॉकी मैच में करीब 40 खिलाड़ियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक चिकित्सा और दवाई दी गई। डीपीएस और स्टेडियम में एंबुलेंस रही, जबकि एमडीएन में स्काउट गाइड को फर्स्ट एड बॉक्स लेकर बैठाया गया। डॉ. विकास कुमार ने बताया कि डीपीएस में गेंद लगने से करीब एक दर्जन खिलाड़ी चोटिल हुए हैं। सभी का तुरंत इलाज किया गया। वहीं, चिकित्सक सुरेंद्र ने बताया कि स्टेडियम में शाम तक करीब 40 खिलाड़ियों को चोटें आई हैं। इसमें कर्नाटक के नितिन को पैर में चोट लगी है तो राजस्थान की नितिका के सिर में हल्की चोट आई है। चंडीगढ़ के संदीप की उंगली में गेंद लगी है। एमडीएन स्कूल में हुए क्वार्टर मैच में हरियाणा की बेटियों ने पंजाब को 7-0 से हराया और सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस दौरान हरियाणा की एक खिलाड़ी को गोल मारते हुए चोट लगी, जिसे तुरंत इलाज दिया गया।
डिप्टी सीएमओ पहुंचीं लंच की गुणवत्ता जांचने
दोपहर 12:30 बजे स्टेडियम की कॉमन मेस में लंच शुरू हो गया था। खिलाड़ियों को दिए जाने वाले भोजन की जांच करने के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. केएल मलिक पहुंचे। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता के साथ दूध-दही की भी जांच की। मलिक ने कहा कि जो खाना बनाया गया है, वह ठीक है। मेस इंचार्ज को पहले ही दिन कह दिया गया था कि दूध व दही के पैकेट को ड्रम में बर्फ डालकर रखें, जिससे उनके स्वाद में बदलाव न आए।
सीबीएसई और आईपीएससी की टीमें लौटीं
दोपहर बाद क्वार्टर मैच शुरू हुए। इसमें सीबीएसई और आईपीएससी की टीमें सेमीफाइनल के लिए अपनी जगह नहीं बना पाईं। वे शाम को अपने घरों के लिए चली गई।
सैनी स्कूल में कम बाथरूम, खिलाड़ियों को परेशानी
सैनी कन्या हाई स्कूल में विभिन्न राज्यों की लड़कियों की टीमों को ठहराया गया है। यहां बाथरूम की संख्या कम होने के चलते खिलाड़ियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र की खिलाड़ियों ने बताया कि उनके मैच सुबह ही शुरू हो जाते हैं। स्टेडियम में पहुंचने के लिए करीब दो घंटे पहले उठना पड़ता है, क्योंकि बाथरूम के आगे लंबी लाइनें लगी होती हैं। बताया कि सुबह और रात के समय भी नहाने व शौचालय के लिए लंबी कतारों से गुजरना पड़ता है। मैच में देरी हो रही होती है तो कुछ खिलाड़ियों को बिना नहाए ही खेलने जाना पड़ा है।
एसजीआईएफ के शेड्यूल के तहत ही लीग और क्वार्टर फाइनल मैच कराए जा रहे हैं। मैच से पहले कॉमन मेस में नाश्ता तैयार हो जाता है। जो टीम अपना मेस लेकर आई है, खिलाड़ियों को खाना खिलाने की जिम्मेदारी उनकी है। अगर सुबह खाना जल्दी तैयार नहीं होता है तो वे कॉमन मेस में आ सकते हैं। खिलाड़ियों के खाने की जांच तीनों समय डिप्टी सीएमओ खुद करने के लिए आते हैं।
- सुनीता रूहिल, जिला शिक्षा अधिकारी, रोहतक।