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इस दौर में डिजिटल पैथोलॉजी व एआई तकनीक पर करना होगा फोकस : डॉ. शांतिका
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15-स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित कांफ्रेस में उपस्थित कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल, ड
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रोहतक। इस दौर में डिजिटल पैथोलॉजी व एआई तकनीक पर अधिक फोकस करना होगा क्योंकि नवीन तकनीकों ने चिकित्सा क्षेत्र को बदल दिया है। हमें चुनौतियों को स्वीकार कर नए विकल्पों के अनुरूप काम करना होगा। यह बातें डॉ. शांतिका ने रविवार को स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में कहीं।
विश्वविद्यालय में पैथोलॉजी विभाग की तरफ से रविवार को नॉर्थ वेस्ट चैप्टर ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (आईएपीएम) का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस में 10 राज्यों से चिकित्सक व विशेषज्ञ पहुंचे। इस दौरान विभिन्न संस्थानों के संकाय सदस्यों की तरफ से 130 मौखिक व पोस्टर की प्रस्तुति दी गई।
कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस से युवा रेजिडेंट्स को नई चीजें सीखने को मिलेगी जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने विभाग को स्थापना से अब तक का एलुमनाई डाटा तैयार करने का सुझाव भी दिया।
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सम्मेलन में पैथोलॉजी के एक सोवेनियर का भी विमोचन किया गया। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष डॉ. सुनीता सिंह ने कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र के दिग्गजों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान व वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इसका उद्देश्य पैथोलॉजी के क्षेत्र में हो रही नवीनतम तकनीकी प्रगति को साझा करना है।
विवि के कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। आईएपीएम के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा व शोध के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।
इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एमजी वशिष्ठ व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, हरियाणा चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डाॅ. मंदीप सचदेवा, जनरल सेक्रेटरी डॉ. संजय कुमार व अन्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिए गए
पैथोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मेलन में वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसमें डॉ. उमा सिंह, डॉ. सत्यवीर माथुर, डॉ. राजीव सेन, डॉ. विनय कमल, डॉ. हर्ष मोहन शामिल हैं।
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विश्वविद्यालय में पैथोलॉजी विभाग की तरफ से रविवार को नॉर्थ वेस्ट चैप्टर ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स (आईएपीएम) का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस में 10 राज्यों से चिकित्सक व विशेषज्ञ पहुंचे। इस दौरान विभिन्न संस्थानों के संकाय सदस्यों की तरफ से 130 मौखिक व पोस्टर की प्रस्तुति दी गई।
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कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि इस कॉन्फ्रेंस से युवा रेजिडेंट्स को नई चीजें सीखने को मिलेगी जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने विभाग को स्थापना से अब तक का एलुमनाई डाटा तैयार करने का सुझाव भी दिया।
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सम्मेलन में पैथोलॉजी के एक सोवेनियर का भी विमोचन किया गया। कॉन्फ्रेंस की अध्यक्ष डॉ. सुनीता सिंह ने कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र के दिग्गजों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान व वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। इसका उद्देश्य पैथोलॉजी के क्षेत्र में हो रही नवीनतम तकनीकी प्रगति को साझा करना है।
विवि के कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। आईएपीएम के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा व शोध के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।
इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एमजी वशिष्ठ व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल, हरियाणा चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डाॅ. मंदीप सचदेवा, जनरल सेक्रेटरी डॉ. संजय कुमार व अन्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी दिए गए
पैथोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मेलन में वरिष्ठ चिकित्सकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसमें डॉ. उमा सिंह, डॉ. सत्यवीर माथुर, डॉ. राजीव सेन, डॉ. विनय कमल, डॉ. हर्ष मोहन शामिल हैं।