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कोरोना को मात देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में दो वैक्सीन टीकाकरण में की शामिल
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In the PGIMS relative to the 8140, only 1359 could get the covishield vaccine
रोहतक। कोरोना को मात देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास जिले में दो वैक्सीन टीकाकरण के लिए उपलब्ध होंगी। इसमें कोविशील्ड का टीकाकरण किया जा रहा है और कोवैक्सीन सोमवार को जिले में आ जाएगी। दोनों वैक्सीन में अंतर यह है कि कोविशील्ड के अलावा यदि कोई कोवैक्सीन लगवाना चाहता है तो उसे लिखित में सहमति देनी होगी। क्योंकि कोरोना संक्रमणकाल में कोवैक्सीन को बतौर इमरजेंसी वैक्सीन लांच किया गया है।
पीजीआईएमएस में कोवैक्सीन रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉॅ. रमेश वर्मा ने बताया कि कोरोना से जंग जीतने के लिए हार्ड इम्यूनिटी का बनना जरूरी है। इसके लिए पहला विकल्प है कि अधिकांश लोग संक्रमित हों और उनमें एंटीबॉडी अपने आप बन जाएं। दूसरा विकल्प है कि वैक्सीन लगा कर सभी में एंटीबॉडी कृत्रिम रूप से तैयार की जाए। इसलिए कोविशील्ड लगवाएं या कोवैक्सीन लेकिन सभी को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। दोनों वैक्सीनों को लेकर सवाल है कि इनमें अंतर क्या है। रिसर्च एक्सपर्ट ने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन में सेफ्टी और इम्यूनोजेस्टी देश में जांच के बाद अप्रूव हुई हैं। इसके साथ ही एफिकेसी के लिए सीरम संस्थान ने यूके, अफ्रीका व ब्राजील की रिपोर्ट लगाई है और अपना फेज थ्री का ट्रायल पूरा कर दिया है। इसके चलते यह वैक्सीन सीधा लगाई जा रही है। वहीं कोवैक्सीन की एफिकेसी की रिपोर्ट आना अभी शेष है। इसलिए इस वैक्सीन को इमरजेंसी मेडिसिन के रूप में देश में मंजूरी दी गई है। इस वैक्सीन को लगाने के लिए शर्त यह रखी गई है कि इसे लाभार्थी को लगाने से पहले उससे लिखित सहमति ली जाएगी। इस वैक्सीन की एफिकेसी अभी रिपोर्टिड होनी बाकी है। हालांकि इस वैक्सीन का ट्रायल पीजीआईएमएस में हुआ है और अभी तक इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं मिले हैं। फर्स्ट फेज के वॉलंटियरों को अभी तक कोरोना होने की सूचना भी नहीं है।
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जिले में सोमवार को आ जाएगी कोवैक्सीन
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया की जिले में कोवैक्सीन की दस हजार डोज आनी है। यह वैक्सीन छह फरवरी को आनी थी, लेकिन अब यह सोमवार को आएगी। सोमवार को पंचकूला से .1 एमएल की सीरिंज और कुरुक्षेत्र से कोवैक्सीन एक साथ रोहतक आ जाएंगी। डॉ. त्रेहान ने बताया कि सोमवार को जिले में 3500 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। इसमें विभिन्न विभागों के कोरोना फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
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पीजीआईएमएस में कोवैक्सीन रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉॅ. रमेश वर्मा ने बताया कि कोरोना से जंग जीतने के लिए हार्ड इम्यूनिटी का बनना जरूरी है। इसके लिए पहला विकल्प है कि अधिकांश लोग संक्रमित हों और उनमें एंटीबॉडी अपने आप बन जाएं। दूसरा विकल्प है कि वैक्सीन लगा कर सभी में एंटीबॉडी कृत्रिम रूप से तैयार की जाए। इसलिए कोविशील्ड लगवाएं या कोवैक्सीन लेकिन सभी को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। दोनों वैक्सीनों को लेकर सवाल है कि इनमें अंतर क्या है। रिसर्च एक्सपर्ट ने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन में सेफ्टी और इम्यूनोजेस्टी देश में जांच के बाद अप्रूव हुई हैं। इसके साथ ही एफिकेसी के लिए सीरम संस्थान ने यूके, अफ्रीका व ब्राजील की रिपोर्ट लगाई है और अपना फेज थ्री का ट्रायल पूरा कर दिया है। इसके चलते यह वैक्सीन सीधा लगाई जा रही है। वहीं कोवैक्सीन की एफिकेसी की रिपोर्ट आना अभी शेष है। इसलिए इस वैक्सीन को इमरजेंसी मेडिसिन के रूप में देश में मंजूरी दी गई है। इस वैक्सीन को लगाने के लिए शर्त यह रखी गई है कि इसे लाभार्थी को लगाने से पहले उससे लिखित सहमति ली जाएगी। इस वैक्सीन की एफिकेसी अभी रिपोर्टिड होनी बाकी है। हालांकि इस वैक्सीन का ट्रायल पीजीआईएमएस में हुआ है और अभी तक इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं मिले हैं। फर्स्ट फेज के वॉलंटियरों को अभी तक कोरोना होने की सूचना भी नहीं है।
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जिले में सोमवार को आ जाएगी कोवैक्सीन
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अनिलजीत त्रेहान ने बताया की जिले में कोवैक्सीन की दस हजार डोज आनी है। यह वैक्सीन छह फरवरी को आनी थी, लेकिन अब यह सोमवार को आएगी। सोमवार को पंचकूला से .1 एमएल की सीरिंज और कुरुक्षेत्र से कोवैक्सीन एक साथ रोहतक आ जाएंगी। डॉ. त्रेहान ने बताया कि सोमवार को जिले में 3500 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। इसमें विभिन्न विभागों के कोरोना फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी।
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