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पीजीआई की इमरजेंसी में अब एक लाख तक की दवा खरीद सकेंगे इंचार्ज
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आयुष्मान भारत योजना मरीजों को राहत दे रही है। पीजीआई व सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों को योजना का लाभ मिल रहा है। हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी ने मरीजों की सुविधा के लिए इमरजेंसी में दवा खरीद का बजट बढ़ा कर एक लाख रुपये कर दिया है। इससे योजना के लाभार्थियों को दवा व अन्य सुविधाओं की कमी नहीं रहेगी।
सरकार की आयुष्मान योजना के तहत पीजीआई में लाभ पात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। उनकी स्क्रीनिंग नहीं होने से परेशानी बनी हुई थी। इस समस्या को देखते हुए वीसी ने योजना के नोडल आफिसर के साथ मिलकर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कदम उठाया। इसके तहत इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए दवा खरीद का बजट एक लाख रुपये कर दिया गया है। पहले डीएसएस व इंचार्ज के पास 25 हजार रुपये तक की शक्तियां थी। इसके अलावा लाभ पात्रों को लाभांवित करने के लिए पीजीआई व सिविल अस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज की जांच की जा रही है। जांच में मरीज के योजना का पात्र मिलने पर उसके कार्ड पर मुहर लगा दी जाती है। इससे मरीज को योजना का लाभ मिल जाता है। उसे भटकना नहीं पड़ता है।
पहली वर्षगांठ पर होगा समारोह
आयुष्मान योजना पिछले वर्ष 23 सितंबर को शुरू की गई है। योजना का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग समारोह आयोजित करेगा। यही नहीं 15 से 30 सितंबर तक आयुष्मान योजना के तहत जागरूकता पखवाड़ा मनाएगा। इस दौरान गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। यहां लोगों के बीच जाकर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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सुविधा के लिए बनाए हैं रिसेप्शन
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए योजना के तहत रिसेप्शन बनाए हैं। यहां मरीज अपने अंगूठे का निशान देकर योजना के तहत पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य लाभ ले सकता है। योजना के तहत रोजाना जिले में करीब 40 मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
डॉ. दिनेश गर्ग, नोडल आफिसर, आयुष्मान भारत योजना।
सिविल अस्पताल लें अपना गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के लाभ पात्र योजना के तहत नि:शुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उनके पास गोल्डन कार्ड होना जरूरी है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को ये कार्ड मुहैया कराए हैं। आशा वर्कर ये कार्ड लोगों तक पहुंचा चुकी है। जिले के वंचित लाभ पत्र सिविल अस्पताल से अपने कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
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सरकार की आयुष्मान योजना के तहत पीजीआई में लाभ पात्रों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। उनकी स्क्रीनिंग नहीं होने से परेशानी बनी हुई थी। इस समस्या को देखते हुए वीसी ने योजना के नोडल आफिसर के साथ मिलकर व्यवस्था को बेहतर बनाने का कदम उठाया। इसके तहत इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए दवा खरीद का बजट एक लाख रुपये कर दिया गया है। पहले डीएसएस व इंचार्ज के पास 25 हजार रुपये तक की शक्तियां थी। इसके अलावा लाभ पात्रों को लाभांवित करने के लिए पीजीआई व सिविल अस्पताल में भर्ती होने वाले हर मरीज की जांच की जा रही है। जांच में मरीज के योजना का पात्र मिलने पर उसके कार्ड पर मुहर लगा दी जाती है। इससे मरीज को योजना का लाभ मिल जाता है। उसे भटकना नहीं पड़ता है।
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पहली वर्षगांठ पर होगा समारोह
आयुष्मान योजना पिछले वर्ष 23 सितंबर को शुरू की गई है। योजना का एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग समारोह आयोजित करेगा। यही नहीं 15 से 30 सितंबर तक आयुष्मान योजना के तहत जागरूकता पखवाड़ा मनाएगा। इस दौरान गांवों में शिविर लगाए जाएंगे। यहां लोगों के बीच जाकर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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सुविधा के लिए बनाए हैं रिसेप्शन
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की सुविधा के लिए योजना के तहत रिसेप्शन बनाए हैं। यहां मरीज अपने अंगूठे का निशान देकर योजना के तहत पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य लाभ ले सकता है। योजना के तहत रोजाना जिले में करीब 40 मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
डॉ. दिनेश गर्ग, नोडल आफिसर, आयुष्मान भारत योजना।
सिविल अस्पताल लें अपना गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना के लाभ पात्र योजना के तहत नि:शुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उनके पास गोल्डन कार्ड होना जरूरी है। सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को ये कार्ड मुहैया कराए हैं। आशा वर्कर ये कार्ड लोगों तक पहुंचा चुकी है। जिले के वंचित लाभ पत्र सिविल अस्पताल से अपने कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।