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Rohtak News: आईएमटी...उद्यमियों को अग्नि सुरक्षा न बैंक सुविधा
Tue, 22 Jul 2025 01:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 22 Jul 2025 01:30 AM IST
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आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।
- फोटो : जितेंद्र लोधी।
रोहतक। आईएमटी में उद्योग स्थापित होने के 12 साल बाद भी उद्यमियों व कामगारों को मूल सुविधाएं ही नहीं मिल रही हैं। आईएमटी में धीरे-धीरे उद्योगों की संख्या बढ़ रही हैं लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते उद्यमी यहां से पलायन की तैयारी करने लगे हैं। आईएमटी में झाड़ियां अधिक होने से आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। आग बुझाने के लिए उद्यमियों को दमकल केंद्र की सुविधा नहीं मिल रही है।
यहां दमकल केंद्र खोलने की फाइल कोर्ट में अटकी हुई है। वहीं, बैंक की सुविधा न होने से उद्यमी और कामगारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उद्योगों में काम करने वाले कामगारों का जैसे ही वेतन आता है, वे पैसे घर भेजने के शहर का रुख करते हैं। ऐसे में उनके साथ लूटपाट तक हो जाती है।
उद्यमियों को पांच-दस मिनट में ही मिल जाने वाली सुविधा घंटों बाद मिल रही है। तब तक आग की घटना से नुकसान अधिक बढ़ जाता है। उद्यमियों ने बताया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने उद्योगों की सुरक्षा के लिए दमकल विभाग के लिए करीब 2 एकड़ जमीन चिह्नित कर रखी है। इसके बावजूद आग लगने पर जल्द सुविधा नहीं मिल रही है।
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दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एचएसआईआईडीसी ने दमकल केंद्र के लिए निर्माण शुरू किया था। किसी अन्य व्यक्ति के अपनी जमीन बताने पर कोर्ट में मामला चला गया। कोर्ट केस के कारण दमकल केंद्र का निर्माण अधर में है।
उद्यमियों व श्रमिकों के लिए दमकल के साथ-साथ वित्तीय सुविधा के लिए बैंक भी नहीं है। उद्यमियों ने बताया कि इंस्टीट्यूशनल सुविधाओं के लिए जमीन आवंटित है, फिर भी मूल सुविधाएं नहीं हैं। वहीं, एचएसआईआईडीसी के एडीशनल जरनल मैनेजर (एजीएम) अशोक यादव का कहना है कि आईएमटी में उद्योग लग रहे हैं। बैंक की शाखा शुरू करने का काम प्रक्रिया में है।
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वर्जन
एचएसआईआईडी ने आईएमटी में दमकल केंद्र के लिए भवन निर्माण शुरू किया था। कोर्ट में जमीन का मामला जाने के कारण दमकल केंद्र का निर्माण रुका हुआ है।
- संजीव डागर, जिला अग्नि सुरक्षा अधिकारी, दमकल विभाग।
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फोटो : 02
आईएमटी में अभी पूरी तरह से उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं। इस कारण झाड़ियां और सरकंडे अधिक हैं। आग जल्दी फैल जाती है। अप्रैल में आग लगने से 5-10 मिनट में मिलने वाली दमकल सुविधा एक घंटे में मिल पाई।
- रोहित बंसल, उद्यमी।
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फोटो : 03
धागा उद्योग में काम करता हूं। उत्तर प्रदेश में परिवार रहता है। वहां रुपये भेजने के लिए बैंक या 3 से 4 किलोमीटर दूर शहर में जाना पड़ता है। रास्ते में जाते वक्त शरारती तत्व पैसे छीन लेते हैं। यहीं बैंक सुविधा मिलनी चाहिए।
- राजाबाबू, श्रमिक।
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फोटो : 14
आसपास में वित्तीय सहायता के लिए कोई बैंक सुविधा नहीं है। इस कारण श्रमिकों के साथ लूटपाट के मामले सामने आ रहे हैं। कहीं आग लग जाए तो उसे तुरंत बुझाने के लिए अग्निशमन केंद्र नहीं है।
- आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।
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यहां दमकल केंद्र खोलने की फाइल कोर्ट में अटकी हुई है। वहीं, बैंक की सुविधा न होने से उद्यमी और कामगारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उद्योगों में काम करने वाले कामगारों का जैसे ही वेतन आता है, वे पैसे घर भेजने के शहर का रुख करते हैं। ऐसे में उनके साथ लूटपाट तक हो जाती है।
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उद्यमियों को पांच-दस मिनट में ही मिल जाने वाली सुविधा घंटों बाद मिल रही है। तब तक आग की घटना से नुकसान अधिक बढ़ जाता है। उद्यमियों ने बताया कि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने उद्योगों की सुरक्षा के लिए दमकल विभाग के लिए करीब 2 एकड़ जमीन चिह्नित कर रखी है। इसके बावजूद आग लगने पर जल्द सुविधा नहीं मिल रही है।
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दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एचएसआईआईडीसी ने दमकल केंद्र के लिए निर्माण शुरू किया था। किसी अन्य व्यक्ति के अपनी जमीन बताने पर कोर्ट में मामला चला गया। कोर्ट केस के कारण दमकल केंद्र का निर्माण अधर में है।
उद्यमियों व श्रमिकों के लिए दमकल के साथ-साथ वित्तीय सुविधा के लिए बैंक भी नहीं है। उद्यमियों ने बताया कि इंस्टीट्यूशनल सुविधाओं के लिए जमीन आवंटित है, फिर भी मूल सुविधाएं नहीं हैं। वहीं, एचएसआईआईडीसी के एडीशनल जरनल मैनेजर (एजीएम) अशोक यादव का कहना है कि आईएमटी में उद्योग लग रहे हैं। बैंक की शाखा शुरू करने का काम प्रक्रिया में है।
वर्जन
एचएसआईआईडी ने आईएमटी में दमकल केंद्र के लिए भवन निर्माण शुरू किया था। कोर्ट में जमीन का मामला जाने के कारण दमकल केंद्र का निर्माण रुका हुआ है।
- संजीव डागर, जिला अग्नि सुरक्षा अधिकारी, दमकल विभाग।
फोटो : 02
आईएमटी में अभी पूरी तरह से उद्योग स्थापित नहीं हुए हैं। इस कारण झाड़ियां और सरकंडे अधिक हैं। आग जल्दी फैल जाती है। अप्रैल में आग लगने से 5-10 मिनट में मिलने वाली दमकल सुविधा एक घंटे में मिल पाई।
- रोहित बंसल, उद्यमी।
फोटो : 03
धागा उद्योग में काम करता हूं। उत्तर प्रदेश में परिवार रहता है। वहां रुपये भेजने के लिए बैंक या 3 से 4 किलोमीटर दूर शहर में जाना पड़ता है। रास्ते में जाते वक्त शरारती तत्व पैसे छीन लेते हैं। यहीं बैंक सुविधा मिलनी चाहिए।
- राजाबाबू, श्रमिक।
फोटो : 14
आसपास में वित्तीय सहायता के लिए कोई बैंक सुविधा नहीं है। इस कारण श्रमिकों के साथ लूटपाट के मामले सामने आ रहे हैं। कहीं आग लग जाए तो उसे तुरंत बुझाने के लिए अग्निशमन केंद्र नहीं है।
- आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।

आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।- फोटो : जितेंद्र लोधी।

आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।- फोटो : जितेंद्र लोधी।

आशीष कुमार, सुरक्षा कर्मी।- फोटो : जितेंद्र लोधी।