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Rohtak News: चार दिन में मांगों को पूरा नहीं किया तो जिला पार्षद शुरू करेंगे आंदोलन
Sat, 06 Jul 2024 12:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 06 Jul 2024 12:43 AM IST
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सोनीपत। जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि सरकार की तरफ से अधिकार नहीं मिलने के कारण वह काम नहीं करा पा रहे हैं। सरकार की तरफ से पार्षदों को कोई ग्रांट नहीं दी जा रही। इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। चार दिन में सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो वह आंदोलन शुरू कर देंगे। वह शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में वाइस चेयरपर्सन कल्पना और अन्य साथी पार्षदों के साथ पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज की सबसे बड़ी संस्था होने के बावजूद भी जिला पार्षदों के पास कोई भी अधिकार नहीं है। उनकी मांग है कि सांसद और विधायक की तर्ज पर जिला पार्षदों को 50 लाख रुपये का बजट प्रतिवर्ष दिया जाए। पंचायत में काम बांटने के कारण जिला परिषद की शक्तियां कम कर दी गई हैं। उनको काम करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए ताकि विकास कार्य अपनी मर्जी से करवा सके। जिला परियोजना समिति का गठन किया जाए और पेंशन की व्यवस्था की जाए। झज्जर से जिला पार्षद संजय मुंडाहेड़ा ने कहा कि 4 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया था। चुनाव खत्म हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें अब तक बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। इससे पार्षदों में रोष है। इस दौरान संत कुमार, सतीश पुरखास, रवि इंदौरा, राजेश गंगाना, देवेंद्र कुमार समेत अन्य जिला पार्षद मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि पंचायती राज की सबसे बड़ी संस्था होने के बावजूद भी जिला पार्षदों के पास कोई भी अधिकार नहीं है। उनकी मांग है कि सांसद और विधायक की तर्ज पर जिला पार्षदों को 50 लाख रुपये का बजट प्रतिवर्ष दिया जाए। पंचायत में काम बांटने के कारण जिला परिषद की शक्तियां कम कर दी गई हैं। उनको काम करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए ताकि विकास कार्य अपनी मर्जी से करवा सके। जिला परियोजना समिति का गठन किया जाए और पेंशन की व्यवस्था की जाए। झज्जर से जिला पार्षद संजय मुंडाहेड़ा ने कहा कि 4 मार्च को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया था। चुनाव खत्म हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उन्हें अब तक बातचीत के लिए नहीं बुलाया है। इससे पार्षदों में रोष है। इस दौरान संत कुमार, सतीश पुरखास, रवि इंदौरा, राजेश गंगाना, देवेंद्र कुमार समेत अन्य जिला पार्षद मौजूद रहे।
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