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Rohtak News: डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों से अटे अस्पताल, लैब में नहीं हो रही पुष्टि
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रोहतक।
टाइगर (डेंगू फैलाने वाला मच्छर) अब जानलेवा हो चला है। पीजीआईएमएस में डेंगू से नर्सिंग अधिकारी की मौत के बाद मामला और गंभीर बन गया है।
शहर के अस्पताल डेंगू लक्षणों वाले बुखार पीड़ितों से अटे पड़े हैं। हालात ये हैं कि मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में परिजन उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर ही घूमना पड़ता है। सरकारी लैब के आंकड़ों पर नजर डालें तो दो लैबों में रोजाना 110 से अधिक डेंगू संभावितों की एलाइजा जांच हो रही हैं। जबकि डेंगू की पुष्टि न के बराबर है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी सवालों में घिरे नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू केसों को देखते हुए स्पेशल वार्ड बना दिए हैं।
शनिवार को पीजीआईएमएस का आपातकालीन विभाग में मौजूद इकलौते चिकित्सक दिनभर मरीजों की भीड़ से घिरा रहे। मरीज अपनी बारी के इंतजार खड़े रहने की हिम्मत नहीं होने के बावजूद घंटों कतार में डटे रहे। दिनभर में 300 से ज्यादा मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादातर मरीज तेज बुखार और डेंगू लक्षण वाले थे।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में शनिवार को डेंगू के तीन केसों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जिले में डेंगू का आंकड़ा 207 पहुंच गया। ये केस कलानौर, किशनगढ़ व महम में मिले हैं। शहर में अब तक 117 व गांवों में 90 डेंगू पीड़ित मिल चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को 63 जगह लार्वा मिला। इसके चलते संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अब तक विभाग 4009 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। यही नहीं, डेंगू जांच के लिए जिले में दो एलाइजा लैब हैं। पीजीआईएमएस की लैब में इन दिनों रोजाना औसतन 40 व सिविल अस्पताल में करीब 70 डेंगू संभावितों के सैंपल जांचे जा रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों के मरीज अलग हैं। मच्छर का लार्वा भी लगातार मिल रहा है। ऐसे में डेंगू का प्रकोप बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्थिति को भांपते हुए पीजीआई व सिविल अस्पताल में डेंगू स्पेशल वार्ड बना दिए गए हैं।
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दूषित सीवरेज का पानी बढ़ा रहा मच्छर जनित रोगों का खतरा
शहर के गोहाना रोड पर टीबी अस्पताल के सामने सड़क दूषित सीवरेज पानी से जलमग्न है। यहां जमा दूषित पानी के कारण लोगों के लिए आवागमन करना तक मुश्किल हो गया है। शहर के स्लम एरिया व बाहरी इलाकों में भी कुछ यही हालात हैं। ऐसे में दूषित पानी से मच्छर जनित रोगों का खतरा और बढ़ा गया है।
नगर निगम की तीन फॉगिंग मशीनें खराब, ठीक कराने दिल्ली भेजी
डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम ने फॉगिंग शुरू कर दी है। निगम की आठ में से तीन फॉगिंग मशीनें खराब हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए दिल्ली भेजा गया है। जी-20 सम्मेलन के चलते मशीन के सोमवार बाद ही ठीक होने की आस है। मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि निगम के सफाई निरीक्षक सुंदर को हिदायत दी गई थी कि हर वार्ड में फॉगिंगहोनी चाहिए। सोमवार को वे रिपोर्ट लेंगे, कहां-कहां फॉगिंग हुई है। वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है।
डेंगू का खतरा बना हुआ है। यह मौसम मच्छरों के अनुकूल है। ऐसे में सतर्कता के साथ एहतियात बरतना जरूरी है। विभाग लार्वा विरोधी गतिविधि के साथ जागरूक अभियान चला रहा है। फॉगिंग टीम अपना काम कर रही है। मच्छर जनित रोगों पर काबू पाने में सभी विभागों व आमजन को भी आगे आकर सहयोग करना होगा।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
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टाइगर (डेंगू फैलाने वाला मच्छर) अब जानलेवा हो चला है। पीजीआईएमएस में डेंगू से नर्सिंग अधिकारी की मौत के बाद मामला और गंभीर बन गया है।
शहर के अस्पताल डेंगू लक्षणों वाले बुखार पीड़ितों से अटे पड़े हैं। हालात ये हैं कि मरीजों को बेड नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में परिजन उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर ही घूमना पड़ता है। सरकारी लैब के आंकड़ों पर नजर डालें तो दो लैबों में रोजाना 110 से अधिक डेंगू संभावितों की एलाइजा जांच हो रही हैं। जबकि डेंगू की पुष्टि न के बराबर है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी सवालों में घिरे नजर आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू केसों को देखते हुए स्पेशल वार्ड बना दिए हैं।
शनिवार को पीजीआईएमएस का आपातकालीन विभाग में मौजूद इकलौते चिकित्सक दिनभर मरीजों की भीड़ से घिरा रहे। मरीज अपनी बारी के इंतजार खड़े रहने की हिम्मत नहीं होने के बावजूद घंटों कतार में डटे रहे। दिनभर में 300 से ज्यादा मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादातर मरीज तेज बुखार और डेंगू लक्षण वाले थे।
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में शनिवार को डेंगू के तीन केसों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जिले में डेंगू का आंकड़ा 207 पहुंच गया। ये केस कलानौर, किशनगढ़ व महम में मिले हैं। शहर में अब तक 117 व गांवों में 90 डेंगू पीड़ित मिल चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमों को 63 जगह लार्वा मिला। इसके चलते संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अब तक विभाग 4009 लोगों को नोटिस जारी कर चुका है। यही नहीं, डेंगू जांच के लिए जिले में दो एलाइजा लैब हैं। पीजीआईएमएस की लैब में इन दिनों रोजाना औसतन 40 व सिविल अस्पताल में करीब 70 डेंगू संभावितों के सैंपल जांचे जा रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों के मरीज अलग हैं। मच्छर का लार्वा भी लगातार मिल रहा है। ऐसे में डेंगू का प्रकोप बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्थिति को भांपते हुए पीजीआई व सिविल अस्पताल में डेंगू स्पेशल वार्ड बना दिए गए हैं।
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दूषित सीवरेज का पानी बढ़ा रहा मच्छर जनित रोगों का खतरा
शहर के गोहाना रोड पर टीबी अस्पताल के सामने सड़क दूषित सीवरेज पानी से जलमग्न है। यहां जमा दूषित पानी के कारण लोगों के लिए आवागमन करना तक मुश्किल हो गया है। शहर के स्लम एरिया व बाहरी इलाकों में भी कुछ यही हालात हैं। ऐसे में दूषित पानी से मच्छर जनित रोगों का खतरा और बढ़ा गया है।
नगर निगम की तीन फॉगिंग मशीनें खराब, ठीक कराने दिल्ली भेजी
डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम ने फॉगिंग शुरू कर दी है। निगम की आठ में से तीन फॉगिंग मशीनें खराब हैं। इन्हें ठीक कराने के लिए दिल्ली भेजा गया है। जी-20 सम्मेलन के चलते मशीन के सोमवार बाद ही ठीक होने की आस है। मेयर मनमोहन गोयल का कहना है कि निगम के सफाई निरीक्षक सुंदर को हिदायत दी गई थी कि हर वार्ड में फॉगिंगहोनी चाहिए। सोमवार को वे रिपोर्ट लेंगे, कहां-कहां फॉगिंग हुई है। वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है।
डेंगू का खतरा बना हुआ है। यह मौसम मच्छरों के अनुकूल है। ऐसे में सतर्कता के साथ एहतियात बरतना जरूरी है। विभाग लार्वा विरोधी गतिविधि के साथ जागरूक अभियान चला रहा है। फॉगिंग टीम अपना काम कर रही है। मच्छर जनित रोगों पर काबू पाने में सभी विभागों व आमजन को भी आगे आकर सहयोग करना होगा।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।