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आचार्य बलदेव की याद में लहलहाएंगे पीपल के पेड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:35 AM IST
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दयानंद मठ के परिसर में अब आचार्य बलदेव की याद में पीपल के पेड़ लहलहाएंगे। आर्य समाजियों और शहर के गणमान्य लोगों ने उनकी अस्थियों को चुनकर मठ परिसर में ही दबा दिया। पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके ऊपर पीपल के दो पेड़ लगाए गए हैं।
रविवार को सुबह सात बजे आचार्य विजयपाल, आचार्य योगेंद्र, मास्टर रामपाल आर्य, आचार्य ऋषिपाल और जयपाल आदि ने मिलकर आचार्य बलदेव की अस्थियों को चुना। मास्टर रामपाल ने बताया कि आचार्य की अस्थियों को मठ परिसर में नई बिल्डिंग के पास मिट्टी में दबाया गया है।
उनके ऊपर पीपल के पेड़ लगाए गए हैं। पीपल के पेड़ लगाने का उद्देश्य यह है कि इससे पर्यावरण संरक्षण भी होगा और आचार्य बलदेव की याद में वट वृक्ष स्थापित होगा। उधर, रविवार को गुरुकुल कालवा में आचार्य बलदेव की श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें शहर से भी भारी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। इस मौके पर जयपाल और हवा सिंह राठी मौजूद रहे।
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रविवार को सुबह सात बजे आचार्य विजयपाल, आचार्य योगेंद्र, मास्टर रामपाल आर्य, आचार्य ऋषिपाल और जयपाल आदि ने मिलकर आचार्य बलदेव की अस्थियों को चुना। मास्टर रामपाल ने बताया कि आचार्य की अस्थियों को मठ परिसर में नई बिल्डिंग के पास मिट्टी में दबाया गया है।
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उनके ऊपर पीपल के पेड़ लगाए गए हैं। पीपल के पेड़ लगाने का उद्देश्य यह है कि इससे पर्यावरण संरक्षण भी होगा और आचार्य बलदेव की याद में वट वृक्ष स्थापित होगा। उधर, रविवार को गुरुकुल कालवा में आचार्य बलदेव की श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें शहर से भी भारी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। इस मौके पर जयपाल और हवा सिंह राठी मौजूद रहे।
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