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पीजीआईएमएस रोहतक, मेदांता व एम्स के एक्सपर्ट की निगरानी में एचएम

Mon, 14 Dec 2020 02:47 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 02:47 AM IST
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HM under the supervision of experts of PGIMS Rohtak, Medanta and AIIMS
HM under the supervision of experts of PGIMS Rohtak, Medanta and AIIMS
रोहतक। पीजीआईएमएस के स्पेशल वार्ड में उपचाराधीन प्रदेश के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को संस्थान के पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में आईसोलेशन पर रखा गया है। स्थानीय टीम के अलावा मेदांता की डॉ. सुशीला कटारिया व एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया से भी टीम मंत्री के स्वास्थ्य को लेकर लगातार संपर्क में है। रविवार को लीवर फंकशन के अलावा कोरोना से संबंधित बुखार की जांच की गई है। टीम का कहना है कि जरूरत पड़ने पर मंत्री को प्लाज्मा थैरेपी भी दी जा सकती है।
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संस्थान की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि रविवार को सुबह मंत्री को बुखार था, लेकिन वह ठीक हो गया। वह बिल्कुल सामान्य रूप से आईसोलेशन में हैं और बिल्कुल ठीक है। शनिवार को सुबह अंबाला छावनी के जिला अस्पताल में उनका सीटी स्कैन किया गया था। जांच रिपोर्ट में फेफड़े में कुछ निशान मिले थे, इसके चलते वह विशेषज्ञों की निगरानी में पीजीआईएमएस रोहतक लाए गए हैं। रूटीन जांच में स्वास्थ्य मंत्री की सभी रिपोर्ट ओके है। स्वास्थ्य मंत्री का उपचार कुलपति डॉ. ओपी कालरा की लीडरशिप में हो रहा है, उनको हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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ये डॉक्टर करेंगे मंत्री की देखभाल
- डॉ. ध्रुव चौधरी, सीनियर प्रोफेसर पीसीसीएम विभागाध्यक्ष एवं कोविड-19 के प्रदेश प्रमुख नोडल अधिकारी, पीजीआईएमएस
- डॉ. वीके कत्याल, सीनियर प्रोफेसर एंड हैड, मेडिसिन विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. राजेश राजपूत, सीनियर प्रोफेसर एंड हैड, एंडोक्रायनोलॉजी विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. प्रशांत, प्रोफेसर, एनेस्थिसिया विभाग, पीजीआईएमएस
- डॉ. अश्विनी कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, कार्डियोलॉजी, पीजीआईएमएस
नोट : पांच डॉक्टरों की टीम प्रतिदिन सुबह दस बजे और सायं सात बजे स्वास्थ्य मंत्री की रिपोर्ट कुलपति को सौपेगी।
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तीन माह से लटकी बेसिक जांचें अब होंगी नियमित
पीजीआईएमएस में उपचार के लिए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आने के बाद सामान्य मरीजों को अधिक स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। क्योंकि तीन माह से बंद पड़ी बेसिक जांच अब शुरू होने वाली हैं। अभी तक इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता था। कोरोना संक्रमण काल में संस्थान की ओपीडी में मरीजों की संख्या सात हजार से घट कर 2500 पर सिमट गई है। इसके बावजूद यहां कई जांच सीमित संख्या में होती हैं। यही नहीं कई बेसिक जांच तो लगभग तीन माह से बंद पड़ी थी। अब बताया जा रहा है कि जांच किट आने से ब्लड यूरिया, सीरम क्रिटिनिन, गुर्दे, सीरम सोडियम, सीरम पोटेशियम, सीरम कैल्शियम, फास्फोरस, ब्लड शुगर, कंप्लीट लिपिड प्रोफाइल, एसजीओटी, एसजीपीटी, सीरिम ब्ल्यूरबिन आदि जांच शुरू हो जाएंगी। संस्थान की स्थिति यह थी कि मरीजों को संस्थान में जांच करवाने के लिए सुबह पांच बजे से कतार लगानी पड़ती थी और लैब सुबह नौ बजे खुलती थी। संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि संस्थान में जांच किट आ गई हैं और ये किट अब जरूरत के हिसाब से विभागों में बांट दी जाएंगी। मरीजों को जांच में कोई समस्या नहीं आएगी।
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