{"_id":"69289a7d8dc73161b203a267","slug":"hcms-doctors-went-on-pen-down-strike-but-the-impact-was-minimal-rohtak-news-c-17-roh1020-768931-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: एचसीएमएस चिकित्सकों ने की कलम छोड़ हड़ताल, मामूली रहा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: एचसीएमएस चिकित्सकों ने की कलम छोड़ हड़ताल, मामूली रहा असर
विज्ञापन
12...राजकीय महाविद्यालय जसिया में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर व्याख्यान के दौरान संबोधित करते
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सीनियर मेडिकल ऑफिसर यानी एसएमओ पद पर सीधी भर्ती किए जाने के विरोध में व चिकित्सकों की अप्रूवल को लागू किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन यानी एचसीएमएस चिकित्सकों ने वीरवार को दो घंटे कलम छोड़ हड़ताल की। सुबह 9 से 11 बजे तक की हड़ताल का सिविल अस्पताल में मामूली असर देखने को मिला।
विभाग की ओर से अन्य स्टाफ को लगाने के चलते असर कम रहा। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों के केबिन के बाहर और दवाई लेने वाले केबिन के बाहर भी मरीजों की कतार देखी गई। एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. विश्वजीत ने बताया कि दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल के दौरान चिकित्सक ओपीडी के बाहर आकर रोष जताया। इस दौरान ओपीडी में मामूली रूप से असर दिखाई दिया।
जिला सिविल सर्जन रमेश चंद्र ने बताया कि अस्पतालाें में वैकल्पिक व्यवस्था की गई। डिप्टी सीएमओ व अन्य चिकित्सकों को भी भेजा गया ताकि मरीजों को दिक्कतें न हों। जिसके चलते स्थिति सामान्य बनी रही। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। सीनियर मेडिकल ऑफिसर यानी एसएमओ पद पर सीधी भर्ती किए जाने के विरोध में व चिकित्सकों की अप्रूवल को लागू किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन यानी एचसीएमएस चिकित्सकों ने वीरवार को दो घंटे कलम छोड़ हड़ताल की। सुबह 9 से 11 बजे तक की हड़ताल का सिविल अस्पताल में मामूली असर देखने को मिला।
विभाग की ओर से अन्य स्टाफ को लगाने के चलते असर कम रहा। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों के केबिन के बाहर और दवाई लेने वाले केबिन के बाहर भी मरीजों की कतार देखी गई। एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. विश्वजीत ने बताया कि दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल के दौरान चिकित्सक ओपीडी के बाहर आकर रोष जताया। इस दौरान ओपीडी में मामूली रूप से असर दिखाई दिया।
विज्ञापन
जिला सिविल सर्जन रमेश चंद्र ने बताया कि अस्पतालाें में वैकल्पिक व्यवस्था की गई। डिप्टी सीएमओ व अन्य चिकित्सकों को भी भेजा गया ताकि मरीजों को दिक्कतें न हों। जिसके चलते स्थिति सामान्य बनी रही। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी गई।
विज्ञापन