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हवलदार आत्महत्या केस : बच्चाें के भविष्य को देखते हुए अदालत ने आरोपी मां को दी जमानत
Tue, 17 Jun 2025 02:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 17 Jun 2025 02:36 AM IST
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रोहतक। हवलदार आत्महत्या प्रकरण में मृतक की पत्नी व आरोपी महिला शिक्षिका को कोर्ट ने एक लाख की राशि व एक व्यक्ति की जिम्मेदारी पर नियमित जमानत दे दी। एएसजे संदीप दुग्गल की अदालत ने कहा, चाहे दूसरे आरोपी की मार्च में जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है, लेकिन महिला बच्चों की अभिभावक है। साथ ही, पुलिस केस में चालान पेश कर चुकी है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए आरोपी महिला को जमानत दी जाती है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहतक पुलिस के हवलदार संजय कुमार (48) करीब 20 साल पहले हरियाणा पुलिस सेवा में आए थे। उनकी 2005 में शादी हुई थी। करीब 10 साल से रोहतक में तैनात थे और सनसिटी सेक्टर-35 में परिवार के साथ रहते थे।
पत्नी व शिक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगा नहर में कूदकर दे दी थी जान
डॉ. रूपराम की ओर से सात माह पहले दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनके भाई हवलदार संजय कुमार को उसकी पत्नी ने शिक्षक के साथ मिलकर प्रताड़ित किया। मुंह न दिखाने के लिए कहा गया।
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इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या के लिए जुलाई 2024 को जवाहर लाल नेहरू नहर में छलांग लगाई है। उसका शव झज्जर जिले में मिला। पीड़ित के भाई की शिकायत पर पत्नी व आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 5 (3) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।
यह कहा अदालत ने अपने फैसले में
जमानत याचिका का विरोध करते हुए पीड़ित पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी प्रवेश की नियमित जमानत याचिका कोर्ट की ओर से 12 मार्च 2025 को चालान दाखिल होने के बाद खारिज की जा चुकी है। हवलदार की पत्नी भी आरोपी है। उसकी याचिका भी खारिज की जाए।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हवलदार के बच्चों के भविष्य को देखते हुए आरोपी महिला के प्रति नरम रुख अपनाया जाता है। पुलिस केस में चालान पहले ही दाखिल कर चुकी है। ऐसे में कोर्ट बिना किसी टिप्पणी के एक लाख की जमानत राशि व जिम्मेदारी व्यक्ति की जिम्मेदारी पर आरोपी महिला को जमानत देती है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहतक पुलिस के हवलदार संजय कुमार (48) करीब 20 साल पहले हरियाणा पुलिस सेवा में आए थे। उनकी 2005 में शादी हुई थी। करीब 10 साल से रोहतक में तैनात थे और सनसिटी सेक्टर-35 में परिवार के साथ रहते थे।
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पत्नी व शिक्षक पर प्रताड़ना का आरोप लगा नहर में कूदकर दे दी थी जान
डॉ. रूपराम की ओर से सात माह पहले दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनके भाई हवलदार संजय कुमार को उसकी पत्नी ने शिक्षक के साथ मिलकर प्रताड़ित किया। मुंह न दिखाने के लिए कहा गया।
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इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या के लिए जुलाई 2024 को जवाहर लाल नेहरू नहर में छलांग लगाई है। उसका शव झज्जर जिले में मिला। पीड़ित के भाई की शिकायत पर पत्नी व आरोपी शिक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा-108 और 5 (3) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था।
यह कहा अदालत ने अपने फैसले में
जमानत याचिका का विरोध करते हुए पीड़ित पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी प्रवेश की नियमित जमानत याचिका कोर्ट की ओर से 12 मार्च 2025 को चालान दाखिल होने के बाद खारिज की जा चुकी है। हवलदार की पत्नी भी आरोपी है। उसकी याचिका भी खारिज की जाए।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हवलदार के बच्चों के भविष्य को देखते हुए आरोपी महिला के प्रति नरम रुख अपनाया जाता है। पुलिस केस में चालान पहले ही दाखिल कर चुकी है। ऐसे में कोर्ट बिना किसी टिप्पणी के एक लाख की जमानत राशि व जिम्मेदारी व्यक्ति की जिम्मेदारी पर आरोपी महिला को जमानत देती है।