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Rohtak News: असम में बलिदान हुए भालाैठ के हवलदार हरविंदर पंचतत्व में विलीन

Wed, 15 Jan 2025 01:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2025 01:01 AM IST
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Havildar Harvinder of Bhalaith, who was sacrificed in Assam, merged into Panchatatva.
14सीटीके03-भालोठ में हवलदार हरविंदर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते तहसीलदार राजेश कुम
असम के तेजपुर में तैनात सेना की 21 जाट रेजिमेंट के हवलदार हरविंद्र मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। सेना की टुकड़ी सुबह तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को लेकर भालाैठ पहुंची। यहां सैनिक सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में ग्रामीणों के अलावा सेना के हथियारबंद जवानों की टुकड़ी, प्रशासन की ओर से तहसीलदार राजेश कुमार व आईएमटी थाना प्रभारी महेश कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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भालौठ निवासी 35 वर्षीय हवलदार हरविंदर का शव मंगलवार सुबह उनके पैतृक गांव पहुंचा। असम में शनिवार को हुई घटना में हरविंदर बलिदान हो गए। उनकी पार्थिव देह दर्शनों के लिए रखी गई। यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने पुष्प चक्र अर्पित कर बलिदानी को श्रद्धांजलि दी। सेना के हथियारबंद जवानों की टुकड़ी ने जवान को सशस्त्र सलामी दी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। हरविंद्र के बड़े भाई रविंद्र ने शव को मुखाग्नि दी। उनकी अंतिम यात्रा में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल समेत अनेक ग्रामीण शामिल रहे।
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घर बनवाकर 25 दिसंबर को ही ड्यूटी पर वापस गए थे हरविंदर

सेना के जवान रविंद्र ने बताया कि छोटे भाई 35 वर्षीय हवलदार हरविंद्र सेना की 77वीं माउंटेन ब्रिगेड में तैनात थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी असम के तेजपुर में थी। शनिवार को वह ड्यूटी के दौरान बलिदान हो गए। उनके सीने में गोली लगी है। सेना के जवानों ने यही जानकारी दी है। हरविंदर की दो बेटियां व छह माह का बेटा है। बड़ी बेटी दो वर्ष की है। पिता जगबीर सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी सेना में सेवारत हैं। पिछले माह ही घर बनवाया था। घर का काम पूरा होने के बाद 25 दिसंबर को ही हरविंदर ड्यूटी पर वापस गए थे।
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नवीन जयहिंद ने भी दी श्रद्धांजलि

हवलदार हरविंद्र को सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद ने भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान जवान ने देश के लिए बलिदान दिया है। सरकार व समाज का भी कर्तव्य है कि सैनिक परिवार को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों। हरविंदर को देशसेवा का जज्बा दादा व अपने पिता से ही मिला। उनसे प्रेरित होकर ही वह देश सेवा के लिए सेना में भर्ती हुए।

14सीटीके03-भालोठ में हवलदार हरविंदर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते तहसीलदार राजेश कुम

14सीटीके03-भालोठ में हवलदार हरविंदर को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते तहसीलदार राजेश कुम

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