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Haryana: भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह बोले- दिल्ली के रास्ते सील करना समझ से बाहर, किसान 250 KM दूर बैठे हैं

Mon, 19 Feb 2024 11:06 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 19 Feb 2024 11:06 PM IST
सार

हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग को एमएसपी तक सीमित नहीं करना चाहिए। हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह सामाजिक संस्था के सेमिनार में पहुंचे थे।

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Haryana: BJP MP Brijendra Singh said - sealing the roads of Delhi is beyond comprehension
संबोधित करते हिसार से भाजपा के सांसद बृजेंद्र सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंह का कहना है कि किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली के रास्ते सील करना व्यक्तिगत तौर पर उनकी समझ से बाहर है। क्योंकि किसान दिल्ली से 250 किलोमीटर दूर पंजाब सीमा पर बैठे हुए हैं। सांसद सोमवार को मेरी आवाज सुनो संगठन की ओर से आयोजित सेमिनार के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

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सेमिनार में सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश बढ़ाया जाना चाहिए। इस क्षेत्र में निजी निवेश तो हुआ है, लेकिन जिस सार्वजनिक निवेश की दरकार थी, वह नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश उभारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में 80 के दशक के अंत तक जो समृद्धि होनी थी, वह हो चुकी है। इसलिए कृषि क्षेत्र में बदलाव की बड़े पैमाने पर आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है, जबकि 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी कृषि पर आधारित है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस आयोग की रिपोर्ट को सिर्फ एमएसपी तक सीमित कर दिया, जबकि यह उसका छोटा सा हिस्सा है।
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आयोग की रिपोर्ट में कृषि संबंधी सुधार की जो बात कही गई थी, वह और ही हैं। उन्होंने हरित क्रांति के दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि जिस समय आर्थिक स्थिति बदतर थी, तब सामाजिक और आर्थिक चेतना जाग रही थी, लेकिन समृद्धि आई तो चेतना ही खत्म हो गई। सेमिनार की अध्यक्षता डाॅ. सतीश त्यागी ने की।

जाट कॉलेज रोहतक की एसोसिएट प्रोफेसर डा. मुनीष नांदल व नेहरू युवा केंद्र हिसार के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि रहे। मंच संचालक एडवोकेट अमित काजल ने किया। आभार उदयवीर पूनिया ने जताया।

किसान आंदोलन में पहले और अब में आया अंतर
भाजपा सांसद ने कहा कि दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर देश अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह विदेश निवेश, इंश्योरेंस व आधारभूत ढांचे आदि में आया, लेकिन श्रम कानून और कृषि के क्षेत्र में प्रतिरोध बहुत ज्यादा था। किसान आंदोलन से जुड़े सवाल का भी उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आपसी बातचीत के जरिए ही समाधान निकल सकता है।


पहले हुए आंदोलन और इस बार हुए आंदोलन में अंतर है। पहले आंदोलन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुआ था, लेकिन इस बार आंदोलन में एमएसपी पर कानून मुख्य मुद्दा है। इस अवसर पर अशोक सिवाच, सुरेंद्र ढुल, प्रदीप चहल, विक्रम ओहल्याण, लीला पहलवान व दलबीर भी मौजूद थे।

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