{"_id":"6998c8a9f93a8af7bd0b0395","slug":"haemophilia-patients-factors-reached-pgi-20-days-after-his-death-rohtak-news-c-17-roh1020-813460-2026-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: हीमोफीलिया मरीज की मौत के 20 दिन बाद पीजीआई में पहुंचे फैक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: हीमोफीलिया मरीज की मौत के 20 दिन बाद पीजीआई में पहुंचे फैक्टर
विज्ञापन
10 हीमोफीलिया सोसाइटी रोहतक के अध्यक्ष अजय शर्मा
खबर का असर...
संस्थान में आज से मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे बहता खून रोकने के इंजेक्शन
फोटो-32
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई में हीमोफीलिया मरीज रविंद्र को बहता खून रोकने का इंजेक्शन (फैक्टर-8) नहीं मिलने से मौत के करीब 20 दिन बाद संस्थान में हीमोफीलिया के फैक्टर सात व आठ पहुंच गए हैं। अब ये फैक्टर शनिवार (आज) से मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। फैक्टर की कमी से हीमोफीलिया मरीज की मौत का मुद्दा 28 जनवरी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
आसपास के जिलों के नागरिक अस्पताल हीमोफीलिया मरीज को पीजीआई रोहतक रेफर कर देते हैं लेकिन यहां इलाज के लिए फैक्टर ही नहीं उपलब्ध थे। जानकारी के अभाव में यहां पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
संस्थान में फैक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता था। इलाज में देरी के कारण ही रोहतक के जींद बाईपास निवासी हीमोफीलिया पीड़ित टैक्सी चालक रविंद्र की पिछले माह 22 जनवरी को मौत हो गई थी।
विज्ञापन
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि पीजीआई में हीमोफीलिया के फैक्टर आ चुके हैं। शनिवार को ये फैक्टर मजीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
-- -- -- -- -- -- -- --
टैक्सी चालक की मौत के बाद गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट अता-पता नहीं
संस्थान में फैक्टर पहुंचने से मरीजों को राहत मिलेगी लेकिन टैक्सी चालक रविंद्र की मौत के बाद गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट का अब भी कुछ अता-पता नहीं है। रविंद्र की मौत के बाद परिजनों ने संस्थान के निदेशक डॉ. एसके सिंघल से लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर निदेशक की तरफ से कमेटी गठित की गई। इस कमेटी को दो हफ्तों में जांच रिपोर्ट जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। हालत यह है कि शिकायत के बाद 20 से अधिक दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
-- -- -
पीजीआई के निदेशक को शिकायत किए 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं। शिकायत के बाद डायरी नंबर तो दे दिया लेकिन फिर संस्थान की तरफ संपर्क करने का प्रयास भी नहीं किया गया। पता नहीं कैसे जांच की जा रही है।
- नवीन, रविंद्र के भाई
-- -- --
फोटो: 10
हीमोफीलिया से टैक्सी चालक रविंद्र की मौत के बाद ही पीजीआई प्रशासन की नींद खुली है। हालांकि, परिवार को अब भी न्याय नहीं मिला है। निदेशक की ओर से बनाई जांच कमेटी की रिपोर्ट का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। लापरवाही बरतने वालाें पर कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
- अजय शर्मा, अध्यक्ष, हीमोफीलिया सोसाइटी रोहतक
-- -- -
हीमोफीलिया से मरीज की मौत के मामले में जांच कमेटी की तरफ से अब तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। उन्हें दो हफ्ते का समय दिया गया था। इस बारे में पता किया जाएगा।
- डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई
विज्ञापन
संस्थान में आज से मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे बहता खून रोकने के इंजेक्शन
फोटो-32
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। पीजीआई में हीमोफीलिया मरीज रविंद्र को बहता खून रोकने का इंजेक्शन (फैक्टर-8) नहीं मिलने से मौत के करीब 20 दिन बाद संस्थान में हीमोफीलिया के फैक्टर सात व आठ पहुंच गए हैं। अब ये फैक्टर शनिवार (आज) से मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे। फैक्टर की कमी से हीमोफीलिया मरीज की मौत का मुद्दा 28 जनवरी को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
आसपास के जिलों के नागरिक अस्पताल हीमोफीलिया मरीज को पीजीआई रोहतक रेफर कर देते हैं लेकिन यहां इलाज के लिए फैक्टर ही नहीं उपलब्ध थे। जानकारी के अभाव में यहां पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
विज्ञापन
संस्थान में फैक्टर नहीं होने के कारण मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता था। इलाज में देरी के कारण ही रोहतक के जींद बाईपास निवासी हीमोफीलिया पीड़ित टैक्सी चालक रविंद्र की पिछले माह 22 जनवरी को मौत हो गई थी।
विज्ञापन
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि पीजीआई में हीमोफीलिया के फैक्टर आ चुके हैं। शनिवार को ये फैक्टर मजीजों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
टैक्सी चालक की मौत के बाद गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट अता-पता नहीं
संस्थान में फैक्टर पहुंचने से मरीजों को राहत मिलेगी लेकिन टैक्सी चालक रविंद्र की मौत के बाद गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट का अब भी कुछ अता-पता नहीं है। रविंद्र की मौत के बाद परिजनों ने संस्थान के निदेशक डॉ. एसके सिंघल से लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर निदेशक की तरफ से कमेटी गठित की गई। इस कमेटी को दो हफ्तों में जांच रिपोर्ट जमा कराने के निर्देश दिए गए थे। हालत यह है कि शिकायत के बाद 20 से अधिक दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
पीजीआई के निदेशक को शिकायत किए 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं। शिकायत के बाद डायरी नंबर तो दे दिया लेकिन फिर संस्थान की तरफ संपर्क करने का प्रयास भी नहीं किया गया। पता नहीं कैसे जांच की जा रही है।
- नवीन, रविंद्र के भाई
फोटो: 10
हीमोफीलिया से टैक्सी चालक रविंद्र की मौत के बाद ही पीजीआई प्रशासन की नींद खुली है। हालांकि, परिवार को अब भी न्याय नहीं मिला है। निदेशक की ओर से बनाई जांच कमेटी की रिपोर्ट का भी कुछ पता नहीं चल पाया है। लापरवाही बरतने वालाें पर कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
- अजय शर्मा, अध्यक्ष, हीमोफीलिया सोसाइटी रोहतक
हीमोफीलिया से मरीज की मौत के मामले में जांच कमेटी की तरफ से अब तक रिपोर्ट नहीं दी गई है। उन्हें दो हफ्ते का समय दिया गया था। इस बारे में पता किया जाएगा।
- डॉ. सुरेश सिंघल, निदेशक, पीजीआई

10 हीमोफीलिया सोसाइटी रोहतक के अध्यक्ष अजय शर्मा