फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Groundwater level of Rohtak division of Haryana has recorded an average decline of 3 point 39 meters In a decade

विश्व जल दिवस: सूखने लगा धरती का जल, रोहतक मंडल में पिछले एक दशक में 3.39 मीटर गिरा भूजल स्तर

Tue, 22 Mar 2022 01:49 AM IST
भूपेंद्र सिंह विकास सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
विकास सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 22 Mar 2022 01:49 AM IST
सार

हरियाणा के रोहतक रेंज में रोहतक के अलावा झज्जर व सोनीपत जिला भी शामिल है। भूजल के मामले में सोनीपत में हालात सबसे खराब हैं।

विज्ञापन
Groundwater level of Rohtak division of Haryana has recorded an average decline of 3 point 39 meters In a decade
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

धरती का जल सूखने लगा है। पिछले एक दशक में हरियाणा के रोहतक मंडल के भूजल स्तर में औसतन 3.39 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है। घटता जलस्तर आने वाले समय में गंभीर समस्या बनता नजर आ रहा है। भूमिगत जलस्तर के गिरने की यही स्थिति रही तो धरती वासियों को पेयजल के लिए भी तरसना पड़ सकता है। यह हम नहीं सरकारी रिकॉर्ड बोल रहा है। भूजल संरक्षण विभाग की मानें तो हरियाणा के रोहतक रेंज के जिले रोहतक, झज्जर व सोनीपत में जल स्तर लगातार गिर रहा है। 

विज्ञापन


बढ़ती आबादी व बदलता पर्यावरण बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। जल संरक्षण की आवश्यकताओं को बल दे रही इस चुनौती से समय रहते निपटने के उपाय भी करने जरूरी हैं। जल संसाधनों के अंधाधुंध दोहन व संरक्षण में लापरवाही धरती को भूमिगत जल रहित बना देगी।
विज्ञापन


भूजल संरक्षण विभाग के आंकड़े पर नजर डालें तो पिछले एक दशक में जल स्तर 3.39 मीटर नीचे गया है। जून 2011 में रोहतक मंडल का औसत जल स्तर 5.17 मीटर था। जून 2021 में ये जल स्तर 8.34 मीटर पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यानी मंडल के रोहतक, झज्जर व सोनीपत जिले में भूमिगत जल औसतन आठ मीटर से नीचे पहुंच गया है। जून 1974 में मंडल में जल की औसत गहराई 3.82 मीटर थी। जल स्तर में गिरावट की मुख्य वजह बारिश की कमी, अंधाधुंध दोहन व भूमिगत जल संरक्षण पर ध्यान कम देना बताया जा रहा है। 

डार्क जोन की तरफ बढ़ रहा सोनीपत 
भूमिगत जल के गिरते स्तर के कारण सोनीपत जिले की हालात खतरनाक बने हुए है। सोनीपत तेजी से डार्क जोन की तरफ बढ़ रहा है। यहां भूमिगत जल स्तर 20 से 45 मीटर तक पहुंच गया है। इसमें सोनीपत शहर के अलावा राई, मुरथल गन्नौर का इलाका भी शामिल है। यहां कुछ गांवों में भूजल 40 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। सोनीपत का भूजल स्तर जून 2011 में 7.66 मीटर था। जबकि जून 2021 में यह 12.17 मीटर पहुंच गया। यानी पिछले दस साल में जल स्तर 4.51 मीटर नीचे गया है। या यूं कहें कि हर दूसरे साल जल स्तर में करीब एक मीटर की गिरावट आई है। 

झज्जर में 10 से 20 मीटर पर है जलस्तर 
भूमिगत जल स्तर झज्जर में औसतन 10 से 20 मीटर की गहराई पर है। इसमें झज्जर शहर, बहादुरगढ़ व बादली इलाका शामिल हैं। यहां के कुछ गांवों में अधिकतम 20 मीटर तक पानी नहीं है। इस जिले में जून 2011 में जल स्तर 4.28 मीटर पर था। जून 2021 में जल स्तर 4.95 मीटर पहुंच गया है। 

रोहतक में 1 से 15 मीटर पर है पानी 
भूमिगत जल स्तर लगातार गिर रहा है। रोहतक में एक से 15 मीटर की गहराई पर पानी उपलब्ध है। जून 2011 में यहां का जल स्तर 3.56 मीटर था। जून 2021 में यह बढ़ कर 4.12 मीटर पर पहुंच गया है। इस स्तर को संभालने व सुधारने की जरूरत है। 

 

भूमिगत जल स्तर में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट आई है। विभाग लगातार जल स्तर मापता है। वर्ष में दो बार आंकड़े जुटाए जाते हैं। इसमें रोहतक मंडल में औसतन 3.03 मीटर जल स्तर की कमी दर्ज की गई है। सोनीपत जिले के हालात खराब हैं। यहां जलस्तर ज्यादा नीचे गया है। भूमिगत जल स्तर को सुधारने व जल संरक्षण पर जोर देने की जरूरत है। - डॉ. दलबीर राणा, भूजल संरक्षण अधिकारी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed