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खेलों में यौन शोषण रोकने के लिए योग का सहारा लेगी सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Wed, 23 Mar 2016 02:07 AM IST
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योगा
- फोटो : file photo
महिला खिलाड़ियों के यौन शोषण के कई मामले सामने आने पर सरकार गंभीर हो गई है। यही कारण है कि यौन शोषण रोकने के लिए जहां योग का सहारा लिया जाएगा, वहीं सभी खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। केवल यहीं तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि साई में महिला वार्डनों को अलग से नियुक्त किया जाएगा और किसी तरह की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी होगा। यह अभी साई के केंद्रों के लिए किया जा रहा है और जल्द ही खेल संघों के पदाधिकारियों से मीटिंग करके उनसे भी योग को अनिवार्य करने पर बातचीत होगी।
साई के केरल स्थित केंद्र में महिला खिलाड़ियों के आत्महत्या करने के बाद यौन शोषण का मामला भी सामने आया था। यह मामला नया नहीं है, इस तरह के मामले अन्य केंद्रों में भी सामने आ चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की ओर से प्लान तैयार कराया गया है कि साई के केंद्रों में रहने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रेक्टिस से पहले सुबह योग करना होगा।
इससे उनकी मानसिकता में बदलाव आएगा। इसके साथ ही योग प्रशिक्षक सभी खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी देंगे। यौन शोषण रोकने के लिए केवल योग ही सहारा नहीं बनेगा, बल्कि केंद्रों में महिला वार्डन को हमेशा नजर बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। खिलाड़ियों के किसी भी तरह की शिकायत करने को हेल्पलाइन नंबर भी जारी होगा। जिस पर केंद्रों के अंदर से फोन करके शिकायत करने से तुरंत कार्रवाई होगी।
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हालांकि खेल संघों के पदाधिकारियों से भी इसको लेकर बातचीत हो रही है कि साई के केंद्रों से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों के लिए भी योग को अनिवार्य किया जाए। क्योंकि साई केंद्रों के बाहर भी खिलाड़ियों के यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। यौन शोषण के मामलों की रोकथाम में योग और अन्य योजनाएं कितनी प्रभावी होती हैं, यह इसके शुरू होने के बाद ही पता लगेगा।
ये मामले आ चुके हैं सामने
- 2015 में रोहतक में वुशू की नेशनल खिलाड़ी का कोच ने यौन शोषण किया
- 2015 में केरल के साई सेंटर में खिलाड़ियों के शोषण का मामला सामने आया
- 2014 में दिल्ली में जिमभनास्टिक कोच ने कैंप के दौरान खिलाड़ी का यौन शोषण किया
- 2011 में तमिलनाडु हॉकी संघ के पदाधिकारी ने महिला खिलाड़ी का यौन शोषण किया
- 2010 में हॉकी के कोच पर नेशनल महिला खिलाड़ी ने शोषण का आरोप लगाया
साई के केंद्रों में योग को शुरू कराने के लिए कहा जा रहा है और यह जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी कार्रवाई मंत्रालय और साई मुख्यालय से चल रही है, इसलिए अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। यह जरूर है कि कई केंद्रों में इस पर काम शुरू कर दिया गया है। सतीश सरहदी, सीओओ साई।
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साई के केरल स्थित केंद्र में महिला खिलाड़ियों के आत्महत्या करने के बाद यौन शोषण का मामला भी सामने आया था। यह मामला नया नहीं है, इस तरह के मामले अन्य केंद्रों में भी सामने आ चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की ओर से प्लान तैयार कराया गया है कि साई के केंद्रों में रहने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रेक्टिस से पहले सुबह योग करना होगा।
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इससे उनकी मानसिकता में बदलाव आएगा। इसके साथ ही योग प्रशिक्षक सभी खिलाड़ियों को भावनात्मक रूप से विकसित करने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी देंगे। यौन शोषण रोकने के लिए केवल योग ही सहारा नहीं बनेगा, बल्कि केंद्रों में महिला वार्डन को हमेशा नजर बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। खिलाड़ियों के किसी भी तरह की शिकायत करने को हेल्पलाइन नंबर भी जारी होगा। जिस पर केंद्रों के अंदर से फोन करके शिकायत करने से तुरंत कार्रवाई होगी।
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हालांकि खेल संघों के पदाधिकारियों से भी इसको लेकर बातचीत हो रही है कि साई के केंद्रों से बाहर रहने वाले खिलाड़ियों के लिए भी योग को अनिवार्य किया जाए। क्योंकि साई केंद्रों के बाहर भी खिलाड़ियों के यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। यौन शोषण के मामलों की रोकथाम में योग और अन्य योजनाएं कितनी प्रभावी होती हैं, यह इसके शुरू होने के बाद ही पता लगेगा।
ये मामले आ चुके हैं सामने
- 2015 में रोहतक में वुशू की नेशनल खिलाड़ी का कोच ने यौन शोषण किया
- 2015 में केरल के साई सेंटर में खिलाड़ियों के शोषण का मामला सामने आया
- 2014 में दिल्ली में जिमभनास्टिक कोच ने कैंप के दौरान खिलाड़ी का यौन शोषण किया
- 2011 में तमिलनाडु हॉकी संघ के पदाधिकारी ने महिला खिलाड़ी का यौन शोषण किया
- 2010 में हॉकी के कोच पर नेशनल महिला खिलाड़ी ने शोषण का आरोप लगाया
साई के केंद्रों में योग को शुरू कराने के लिए कहा जा रहा है और यह जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए पूरी कार्रवाई मंत्रालय और साई मुख्यालय से चल रही है, इसलिए अभी ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। यह जरूर है कि कई केंद्रों में इस पर काम शुरू कर दिया गया है। सतीश सरहदी, सीओओ साई।