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‘ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी वापस ले सरकार’
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रोहतक। एमडीयू के शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की जनरल बॉडी की बैठक में सरकार से एक आवाज में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी वापस लेने की अपील की गई। विवि के राधाकृष्णन सभागार में हुई इस बैठक में स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी शामिल रहे। यहां सभी ने तबादला नीति का विरोध करते हुए एकजुट होने की आवश्यकता जताई।
एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया व शिक्षक संघ प्रधान डॉ. विकास सिवाच की संयुक्त अध्यक्षता में एचआरएमएस पर डाटा अपलोड करने व विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का ऑनलाइन ट्रांसफर करने के मामले में मंथन किया गया। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान ने अकहा कि सरकार ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को समय रहते वापस ले। ऐसा नहीं होने पर प्रदेश में विश्वविद्यालयों की स्वायतत्ता बचाने के लिए शिक्षक, गैर शिक्षक संघ व विद्यार्थी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। शिक्षक संघ के प्रधान ने कहा कि संघ की मजबूती उनके सदस्यों से है। जब तक सभी शिक्षक व गैर शिक्षक साथ नहीं आएंगे, जीत असंभव है।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. राजेश पुनिया ने विश्वविद्यालय के संविधान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर का मामला विश्वविद्यालय के संविधान के खिलाफ है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राजकुमार ने यूजीसी के नियमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर का मामला यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। सरकार का इस तरह का ऑनलाइन ट्रांसफर का नोटिस जारी करना न केवल शिक्षक वर्ग के अनुसंधान को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि यह शोधार्थियों के भविष्य के खिलाफ छेड़छाड़ है। यह नियम लागू होता है तो कर्मचारी अपने काम छोड़कर ट्रांसफर रुकवाने के लिए चंडीगढ़ घूमते नजर आएंगे।
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पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत व उपप्रधान राजेश गिरधर ने कहा कि हम कर्मचारियों के साथ हैं। मंच संचालन महासचिव रविंद्र लोहिया ने किया। बैठक में 11 व 12 अगस्त को सभी शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी मिलकर दो दिन काले बैज लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 13 अगस्त को पेन डाउन स्ट्राइक, 14 व 15 अगस्त को अवकाश व 16 अगस्त को सांकेतिक हड़ताल रहेगी। इसी दिन गेट मीटिंग भी की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के विश्वविद्यालयों के सभी प्रधानों के साथ ऑनलाइन बैठक कर अगला फैसला लिया जाएगा। इस मौके पर प्रो. रणदीप राणा, प्रो. जगदीश नांदल, प्रो. विनीत सिंगला, डॉ. शमशेर सिंह मलिक, डॉ. हरकेश सहरावत, अरुण हुड्डा, रमेश रोहिल्ला, विकास अहलावत, वरुण कुमार सैनी, बलराम नांदल, कुलवंत मलिक, सुमेर अहलावत, निरंजन, हरि प्रकाश भारद्वाज मौजूद रहे।
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एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान रणधीर कटारिया व शिक्षक संघ प्रधान डॉ. विकास सिवाच की संयुक्त अध्यक्षता में एचआरएमएस पर डाटा अपलोड करने व विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का ऑनलाइन ट्रांसफर करने के मामले में मंथन किया गया। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान ने अकहा कि सरकार ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को समय रहते वापस ले। ऐसा नहीं होने पर प्रदेश में विश्वविद्यालयों की स्वायतत्ता बचाने के लिए शिक्षक, गैर शिक्षक संघ व विद्यार्थी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। शिक्षक संघ के प्रधान ने कहा कि संघ की मजबूती उनके सदस्यों से है। जब तक सभी शिक्षक व गैर शिक्षक साथ नहीं आएंगे, जीत असंभव है।
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चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉ. राजेश पुनिया ने विश्वविद्यालय के संविधान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर का मामला विश्वविद्यालय के संविधान के खिलाफ है। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राजकुमार ने यूजीसी के नियमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर का मामला यूजीसी के नियमों के खिलाफ है। सरकार का इस तरह का ऑनलाइन ट्रांसफर का नोटिस जारी करना न केवल शिक्षक वर्ग के अनुसंधान को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि यह शोधार्थियों के भविष्य के खिलाफ छेड़छाड़ है। यह नियम लागू होता है तो कर्मचारी अपने काम छोड़कर ट्रांसफर रुकवाने के लिए चंडीगढ़ घूमते नजर आएंगे।
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पूर्व प्रधान फूल कुमार बोहत व उपप्रधान राजेश गिरधर ने कहा कि हम कर्मचारियों के साथ हैं। मंच संचालन महासचिव रविंद्र लोहिया ने किया। बैठक में 11 व 12 अगस्त को सभी शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी मिलकर दो दिन काले बैज लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 13 अगस्त को पेन डाउन स्ट्राइक, 14 व 15 अगस्त को अवकाश व 16 अगस्त को सांकेतिक हड़ताल रहेगी। इसी दिन गेट मीटिंग भी की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के विश्वविद्यालयों के सभी प्रधानों के साथ ऑनलाइन बैठक कर अगला फैसला लिया जाएगा। इस मौके पर प्रो. रणदीप राणा, प्रो. जगदीश नांदल, प्रो. विनीत सिंगला, डॉ. शमशेर सिंह मलिक, डॉ. हरकेश सहरावत, अरुण हुड्डा, रमेश रोहिल्ला, विकास अहलावत, वरुण कुमार सैनी, बलराम नांदल, कुलवंत मलिक, सुमेर अहलावत, निरंजन, हरि प्रकाश भारद्वाज मौजूद रहे।