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सरकार अधिकार दे या खत्म करे : ब्लॉक समिति
Tue, 09 Jul 2024 01:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 09 Jul 2024 01:10 AM IST
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08सीटीके04....लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन देते ब्लॉक समिति के सदस्य। संवाद
रोहतक। ब्लॉक समिति के सदस्यों ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ऑफिस में मांगों को लेकर बैठक की। यहां सभी ने सरकार से उनके अधिकार देने या पूरी तरह समाप्त करने की गुहार लगाई।
सांघी के वार्ड-1 से खुशीराम ने बताया कि सरकार ने सरपंचों के अधिकार तो बढा दिए लेकिन, ब्लॉक समिति सदस्य के अधिकार नहीं बढाए। ब्लॉक समिति मेंबर के पास पंचायत मेंबर के बराबर भी अधिकार नहीं है। सरपंचों से ज्यादा वोट ब्लॉक समिति सदस्य के पास है। क्योंकि ब्लॉक समिति के नीचे तीन-चार गांव आते हैं। खुशीराम ने कहा कि ब्लॉक समिति मेंबर को अपने वार्ड में 75 प्रतिशत का काम करने का स्वतंत्र अधिकार होना चाहिए। इसमें अध्यक्ष की कोई दखल अंदाजी नहीं होनी चाहिए। मनरेगा में भी कार्य करने का अधिकार होना चाहिए।
सभी ब्लॉक समिति सदस्यों को ई-रिक्शा दे दी लेकिन, चालक नहीं दिया। गांव के दबाव की वजह से हम अपनी जेब खर्च से ड्राइवर को 10,000 रुपये वेतन दे रहे हैं। रिक्शा में जो भी टूट-फूट होती वह भी हम अपनी जेब खर्च से ठीक करवाते हैं। ई-रिक्शा देने में भी खूब भ्रष्टाचार हुआ है। ब्लॉक समिति सदस्य अध्यक्ष की अनुमति बगैर एक रुपया भी नहीं लगा सकते हैं।
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भालौठ के वार्ड-15 से सुनील ने कहा कि ब्लॉक समिति मेंबर को बने करीब दो साल हो चुके हैं। पूरे रोहतक के ब्लॉक समिति मेंबर को एक पैसे का भी काम नहीं मिला हैं। इस बैठक में वार्ड-7 से दलबीर, वार्ड-13 से विरेंद्र, वार्ड-12 से सोनू, वार्ड-9 से विनोद, वार्ड-4 से नरेश, वार्ड-8 से कर्मबीर, वार्ड-29 से रोहित, वार्ड-22 से कर्मबीर, वार्ड-20 से अनिल, वार्ड-23 से हरेंद्र, वार्ड-24 से प्रवीन, वार्ड-6 से रामनिवास और वार्ड-14 से संदीप मौजूद थे।
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सांघी के वार्ड-1 से खुशीराम ने बताया कि सरकार ने सरपंचों के अधिकार तो बढा दिए लेकिन, ब्लॉक समिति सदस्य के अधिकार नहीं बढाए। ब्लॉक समिति मेंबर के पास पंचायत मेंबर के बराबर भी अधिकार नहीं है। सरपंचों से ज्यादा वोट ब्लॉक समिति सदस्य के पास है। क्योंकि ब्लॉक समिति के नीचे तीन-चार गांव आते हैं। खुशीराम ने कहा कि ब्लॉक समिति मेंबर को अपने वार्ड में 75 प्रतिशत का काम करने का स्वतंत्र अधिकार होना चाहिए। इसमें अध्यक्ष की कोई दखल अंदाजी नहीं होनी चाहिए। मनरेगा में भी कार्य करने का अधिकार होना चाहिए।
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सभी ब्लॉक समिति सदस्यों को ई-रिक्शा दे दी लेकिन, चालक नहीं दिया। गांव के दबाव की वजह से हम अपनी जेब खर्च से ड्राइवर को 10,000 रुपये वेतन दे रहे हैं। रिक्शा में जो भी टूट-फूट होती वह भी हम अपनी जेब खर्च से ठीक करवाते हैं। ई-रिक्शा देने में भी खूब भ्रष्टाचार हुआ है। ब्लॉक समिति सदस्य अध्यक्ष की अनुमति बगैर एक रुपया भी नहीं लगा सकते हैं।
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भालौठ के वार्ड-15 से सुनील ने कहा कि ब्लॉक समिति मेंबर को बने करीब दो साल हो चुके हैं। पूरे रोहतक के ब्लॉक समिति मेंबर को एक पैसे का भी काम नहीं मिला हैं। इस बैठक में वार्ड-7 से दलबीर, वार्ड-13 से विरेंद्र, वार्ड-12 से सोनू, वार्ड-9 से विनोद, वार्ड-4 से नरेश, वार्ड-8 से कर्मबीर, वार्ड-29 से रोहित, वार्ड-22 से कर्मबीर, वार्ड-20 से अनिल, वार्ड-23 से हरेंद्र, वार्ड-24 से प्रवीन, वार्ड-6 से रामनिवास और वार्ड-14 से संदीप मौजूद थे।