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Rohtak News: स्वर्ण पदक विजेता हेमंत का घर पहुंचने पर हुआ स्वागत
Tue, 05 Nov 2024 10:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 05 Nov 2024 10:43 PM IST
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घर पहुंचने पर खिलाड़ी व कोच का स्वागत करते परिजन। संवाद
झज्जर। राम नगर निवासी हेमंत सांगवान का अंडर-19 विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर लौटने पर परिजनों व पड़ोसियों ने स्वागत किया। हेमंत सांगवान को गाजे-बाजे के साथ उनके घर तक लाया गया। इस मौके पर उनके साथ जिला खेल अधिकारी ललिता मलिक और कोच हितेश देशवाल भी मौजूद रहे।
हेमंत सांगवान ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच और परिजनों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं की मेहनत की वजह से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उनके कोच हितेश देशवाल और माता-पिता का सपना था कि वह यह मुकाम हासिल करें। यहां तक का उनका सफर चुनौतियों भरा रहा है और उम्मीद यहीं है कि आगे अच्छा ही होगा और वह देश के लिए खेलते रहेंगे। जिला खेल अधिकारी ललिता मलिक ने कहा कि हेमंत एक साहसी और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।
कोच हितेश देशवाल ने कहा कि हेमंत काफी कर्मठ और मेहनती हैं। उसी मेहनत के बलबूते पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। एक कोच के लिए यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि फाइनल मुकाबला मेजबान देश के साथ रहा जो काफी रोमांचित था। हेमंत ने फाइनल में अमेरिका के खिलाड़ी को मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्हें उम्मीद है कि साल 2028 में होने वाले ओलंपिक में वह देश के लिए खेलेंगे और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे। हेमंत की मां सुनीता व पिता विनोद हरियाणा पुलिस में सब इंसपेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
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हेमंत सांगवान ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच और परिजनों को दिया। उन्होंने कहा कि इन्हीं की मेहनत की वजह से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कहा कि उनके कोच हितेश देशवाल और माता-पिता का सपना था कि वह यह मुकाम हासिल करें। यहां तक का उनका सफर चुनौतियों भरा रहा है और उम्मीद यहीं है कि आगे अच्छा ही होगा और वह देश के लिए खेलते रहेंगे। जिला खेल अधिकारी ललिता मलिक ने कहा कि हेमंत एक साहसी और मेहनती खिलाड़ी हैं, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।
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कोच हितेश देशवाल ने कहा कि हेमंत काफी कर्मठ और मेहनती हैं। उसी मेहनत के बलबूते पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। एक कोच के लिए यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि फाइनल मुकाबला मेजबान देश के साथ रहा जो काफी रोमांचित था। हेमंत ने फाइनल में अमेरिका के खिलाड़ी को मात देकर स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्हें उम्मीद है कि साल 2028 में होने वाले ओलंपिक में वह देश के लिए खेलेंगे और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतेंगे। हेमंत की मां सुनीता व पिता विनोद हरियाणा पुलिस में सब इंसपेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
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