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छह माह में अपना शुगर, बीपी व यूरिन टेस्ट करवाएं : डॉ. सलिल जैन
Sat, 17 Jan 2026 03:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 17 Jan 2026 03:03 AM IST
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30...पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित उप पुलिस अधीक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। किडनी खराब होने का मुख्य कारण डायबिटीज व ब्लड प्रेशर है। हर व्यक्ति को एक साल या छह माह में अपना शुगर, बीपी व यूरिन टेस्ट करवाने चाहिए। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित शिविर में सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी नेफ्रोलॉजी व रीनल ट्रांसप्लांट डॉ. सलिल जैन ने यह जानकारी दी।
शुक्रवार को किडनी की बीमारी, उच्च हिमोग्लोबिन व ब्लड कैंसर को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किडनी खराब होने के लक्षण, बचाव व कारणों बारे में जानकारी दी।
प्रिंसिपल डायरेक्टर व चीफ हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी व बीएमटी डॉ. राहुल भार्गव व डॉ. सलिल जैन ने पुलिस जवानों को जागरूक किया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक रवि खुंडिया मौजूद रहे।
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पुलिस, अस्पताल व फार्मासिस्ट हरेंद्र सिंह व टीम के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. राहुल भार्गव ने पुलिस जवानों को हाई हीमोग्लोबिन के बारे में बताया। रक्त में ऑक्सीजन ले जाने वाले प्रोटीन सामान्य से ज्यादा होने पर खून गाढ़ा होता है। फिर रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है।
ये हैं लक्षण
हाई हीमोग्लोबिन के कारण किडनी व लीवर की बीमारियां, फेफड़ों की बीमारियां, रक्त विकार व अन्य समस्याएं आती हैं। लक्षण के रूप में सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, खुजली, रक्त के थक्के, सांस लेने में तकलीफ होती है। डॉ. सलिल जैन ने बताया कि शराब, पानी की कमी, दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा सेवन, जंक फूड आदि से किडनी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। किडनी खराब होने के लक्षण व्यक्ति को भूख कम लगना, थकान या कमजोरी महसूस होना, पेशाब में बदलाव, चेहरे या टखने पर सूजन, सांस लेने में तकलीफ होती है।
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प्रोटीन युक्त भोजन, फल व सब्जियां आदि आहार में शामिल करें
दिनचर्या व खानपान में बदलाव कर इससे बचा जा सकता है। प्रोटीन युक्त भोजन, फल व सब्जियां आदि आहार में शामिल करें। नियमित रूप से व्यायाम करें। धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें। व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिये। स्वस्थ आहार, बीपी व शुगर को कंट्रोल में रखना चाहिये। नियमित नींद लेनी चाहिए।
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रोहतक। किडनी खराब होने का मुख्य कारण डायबिटीज व ब्लड प्रेशर है। हर व्यक्ति को एक साल या छह माह में अपना शुगर, बीपी व यूरिन टेस्ट करवाने चाहिए। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित शिविर में सीनियर डायरेक्टर एंड एचओडी नेफ्रोलॉजी व रीनल ट्रांसप्लांट डॉ. सलिल जैन ने यह जानकारी दी।
शुक्रवार को किडनी की बीमारी, उच्च हिमोग्लोबिन व ब्लड कैंसर को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किडनी खराब होने के लक्षण, बचाव व कारणों बारे में जानकारी दी।
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प्रिंसिपल डायरेक्टर व चीफ हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी व बीएमटी डॉ. राहुल भार्गव व डॉ. सलिल जैन ने पुलिस जवानों को जागरूक किया। इस अवसर पर उप पुलिस अधीक्षक रवि खुंडिया मौजूद रहे।
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पुलिस, अस्पताल व फार्मासिस्ट हरेंद्र सिंह व टीम के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. राहुल भार्गव ने पुलिस जवानों को हाई हीमोग्लोबिन के बारे में बताया। रक्त में ऑक्सीजन ले जाने वाले प्रोटीन सामान्य से ज्यादा होने पर खून गाढ़ा होता है। फिर रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है।
ये हैं लक्षण
हाई हीमोग्लोबिन के कारण किडनी व लीवर की बीमारियां, फेफड़ों की बीमारियां, रक्त विकार व अन्य समस्याएं आती हैं। लक्षण के रूप में सिरदर्द, चक्कर आना, धुंधला दिखना, खुजली, रक्त के थक्के, सांस लेने में तकलीफ होती है। डॉ. सलिल जैन ने बताया कि शराब, पानी की कमी, दर्द निवारक दवाओं का ज्यादा सेवन, जंक फूड आदि से किडनी फेल होने की आशंका बढ़ जाती है। किडनी खराब होने के लक्षण व्यक्ति को भूख कम लगना, थकान या कमजोरी महसूस होना, पेशाब में बदलाव, चेहरे या टखने पर सूजन, सांस लेने में तकलीफ होती है।
प्रोटीन युक्त भोजन, फल व सब्जियां आदि आहार में शामिल करें
दिनचर्या व खानपान में बदलाव कर इससे बचा जा सकता है। प्रोटीन युक्त भोजन, फल व सब्जियां आदि आहार में शामिल करें। नियमित रूप से व्यायाम करें। धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें। व्यक्ति को स्वस्थ रहने के लिए ज्यादा पानी पीना चाहिये। स्वस्थ आहार, बीपी व शुगर को कंट्रोल में रखना चाहिये। नियमित नींद लेनी चाहिए।