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Rohtak News: जेनेटिक्स रिसर्च का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जाए

Thu, 25 Apr 2024 07:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:42 AM IST
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Genetics research should be used for human welfare
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के जेनेटिक्स विभाग की ओर से हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करते
रोहतक। एडवांस जेनेटिक्स रिसर्च का उपयोग मानव कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। इस एडवांस रिसर्च में टेक्नोलॉजी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जैव प्रौद्योगिकी व टेक्नोलॉजी के नवीनतम प्रयोग ने चिकित्सा विज्ञान में भी क्रांति की है। इस जन उपयोगी शोध संबंधी ज्ञान को जनमानस तक ले जाया जाए। यह कहना है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह का। वह बुधवार को जेनेटिक्स विभाग की ओर से ह्यूमन जेनेटिक डिसऑर्डर: रिसेंट एडवांसमेंट्स विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए। एमडीयू के डाॅ. राधा कृष्णन फाउंडेशन फंड की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि कोरोना काल में एमडीयू ने जीनोम सिक्वेंसिंग लैब की स्थापना कर चिकित्सा एवं शोध में महत्वपूर्ण पहल की। इस कार्य को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी वैश्विक रिपोर्ट में सराहा। उन्होंने विज्ञान के विद्यार्थियों से चिकित्सा विज्ञान की प्रगति बारे आम जन को जागरूक करने का आह्वान किया।
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एम्स, नई दिल्ली की प्रो. मधुलिका काबरा ने- जेनोमिक टेस्टिंग इन क्लिनिकल प्रैक्टिस: यूटिलिटी एंड पिटफॉल्स विषय पर व्याख्यान दिया। एम्स, नई दिल्ली की प्रो. रीमा दादा ने- कॉम्प्लेक्स लाइफस्टाइल डिजिज: रोल ऑफ योगा इन हेल्थ प्रमोशन विषय पर अपने विचार रखे। एम्स, नई दिल्ली के डाॅ. मयंक सिंह ने- एक्सप्लोरिंग डेयूबीक्यूटिन एन्जाइम्स एज ए थेराप्यूटिक टारगेट इन कैंसर विषय पर व्याख्यान दिया।
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जेनेटिक्स विभाग की अध्यक्षा प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने प्रारंभ में स्वागत भाषण दिया और संगोष्ठी की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. राजेश धनखड़ ने जैव विज्ञान संकाय बारे जानकारी देते हुए संचालित शोध कार्यों बारे जानकारी दी। आयोजन सचिव डा. एसके तिवारी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज के विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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