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मुझे यूं ही गब्बर नहीं कहते, सड़क पर बैठकर करता हूं राजनीति
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जिला विकास भवन में वीरवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गृह मंत्री अनिल विज से आजाद गढ़ मे?
प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज वीरवार को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में तलख तेवर में नजर आए। ग्रामीणों को लोन न देने पर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के मैनेजर को जहां सस्पेंड कर दिया, वहीं देरी से ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर पीजीआई के डायरेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही अधिकारियों से कहा कि मैं जनता का वकील हूं। बंद कमरे में नहीं, बल्कि सड़क पर बैठकर राजनीति करता हूं। मुझे यू ही गब्बर नहीं कहते। उधर, विज के अंदाज से ज्यादातर शिकायतकर्ता संतुष्ट नजर आए।
दोपहर करीब 12 बजे गृहमंत्री जिले में अपनी दूसरी जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में पहुंचे। एक-एक करके एजेंडे में शामिल 15 शिकायतों को सुना। इसमें एक शिकायत को अदालत में केस विचाराधीन होने के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि एक शिकायत का निपटारा कर दिया गया। बाकी 13 शिकायतों में गृहमंत्री ने अधिकारियों से एक माह बाद जांच पूरी कर रिपोर्ट तलब की है। एजेंडे के अलावा बाहर रजिस्टर में शिकायत दर्ज की गई। विज ने हिदायत दी कि सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर जवाब मांगा जाए।
यूं सुनी विज ने शिकायत, अधिकारियों के जवाब, मंत्री की टिप्पणी
एलपीएस ईपीएफ प्रकरण : पुलिस ने जांच में धारा 477ए व 418 हटाने की सिफारिश की, विज बोले-आरोपियों को गिरफ्तार करो
शिकायत : हिसार रोड स्थित आदर्श औद्योगिक कर्मचारी संघ के महासचिव सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि एलपीएस के कर्मचारियों का वेतन से ईपीएफ काट लिया गया, लेकिन आगे जमा नहीं कराया गया। पिछली मीटिंग में गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही एक माह में रिपोर्ट मांगी थी।
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पुलिस का जवाब : इंदिरा कॉलोनी चौकी प्रभारी एसआई शमशेर सिंह ने मामले की अब तक की जांच की है। जांच के दौरान संबधित कर्मचारियों का रिकार्ड लिया गया। एसआई ने सिटी थाना प्रभारी को रिपोर्ट दी। विज को सौंपी गई रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि मामले में 6 जनवरी को आईपीसी की धारा 406, 409, 418, 420, 120बी व 477ए के तहत मामला दर्ज किया था। अब तक की जांच में धारा 477ए व 418 के तहत अपराध नहीं होना पाया गया। इसके अलावा आरोपी फूल सिंह चंदेला, ललित कुमार व परितोष कुमार निर्दोष पाए गए। आरोपी दिनेश जैन व ललित जैन को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए। आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जो खारिज हो चुकी हैं।
मंत्री की टिप्पणी : शिकायतकर्ता कह रहा है कि आरोपी पुलिस के साथ मंच सांझा कर रहे हैं। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करें।
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ओमैक्स सिटी : आपका दर्द समझता हूं, 4 हजार लोगों को बीमार होने के लिए छोड़ सकता, कार्रवाई करें अधिकारी
शिकायत : ओमैक्स सिटी निवासी आशीष, सोमबीर, सुमित व सोमबीर ने विज को शिकायत दी थी कि सिटी में 4 हजार लोग रह रहे हैं, लेकिन बिल्डर सुविधाएं नहीं दे रहा। विज ने मामले में बिल्डर की 25 प्रतिशत सिक्योरिटी लेकर सिटी को निगम में शामिल करने की हिदायत दी थी।
आयुक्त ने दिया जवाब : नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने अपनी जांच रिपोर्ट में गृहमंत्री अनिल विज को बताया कि संबंधित विभागों से लिखित में जवाब मांगा गया। पब्लिक हेल्थ की तरफ से बताया गया कि ओमैक्स सिटी के चारों तरफ एचएसवीपी सेक्टर हैं। ऐसे में पानी व सीवरेज की व्यवस्था एचएसवीपी द्वारा किया जाना है। बिजली निगम ने कहा कि ओमैक्स सिटी को 33केवी का पावर हाउस स्थापित किया जाना है। इसके लिए बिल्डर की तरफ से 1 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है, जबकि 5 करोड़ 27 लाख की राशि जमा कराई जानी है। वहीं, नगर निगम का कहना है कि ओमेक्स सिटी को निगम में लेने से पहले बिजली, पानी व सीवरेज की व्यवस्था पुख्ता होना अनिवार्य है। साथ ही सरकार द्वारा ओमैक्स सिटी को निगम में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ जिला नगर योजनाकार विभाग के एसटीपी ने अपना पक्ष मंत्री के सामने रखा। एसटीपी ने बताया कि विभाग के डायरेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं।
टिप्पणी : अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट गृहमंत्री के सामने शिकायतकर्ता आशीष ने बताया कि गंदा पानी सड़कों पर खड़ा है। पीने योग्य पानी नहीं मिलता। लोगों को पटरी होने लगी हैं। 4 हजार लोग सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इस पर विज ने कहा कि वे अधिकारियों की जांच के इंतजार में लोगों को बीमार होने के लिए नहीं छोड़ सकते। नगर निगम आयुक्त ओमैक्स सिटी के बिल्डर से खर्च वसूल कर सफाई करवाए। दूसरा, पब्लिक हेल्थ पानी के सैंपल लेकर जांच करवाएं। अगर सैंपल फेल होते हैं तो केस दर्ज कराया जाए। साथ ही निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाती है। कमेटी में शिकायतकर्ता आशीष को शामिल किया जाए। कमेटी एक माह में ओमैक्स सिटी को लाइसेंस देने से लेकर अब तक की प्रक्रिया की जांच कर रिपोर्ट देगी।
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एसडीएम ने दी रिपोर्ट, गलत शर्त लगाकर रद्द किया गया ग्रामीणों का लोन
शिकायत : लाहली ग्रामीणों ने पिछली मीटिंग में गृहमंत्री को शिकायत दी थी कि उन्होंने गांव स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक मैनेजर को डेयरी लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन बैंक मैनेजर ने यह कहकर लोन रद्द कर दिए कि आवेदनकर्ताओं के पास पशु बांधने के लिए जमीन नहीं है। विज ने एसडीएम को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।
रिपोर्ट पर बैंक मैनेजर सस्पेंड : एसडीएम राकेश कुमार ने गृहमंत्री को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में रिपोर्ट दी कि उन्होंने मामले की गहराई से जांच की। कई आवेदकों का लोन यह कहकर रद्द किया गया कि उनके पास पशु बांधने के लिए जमीन नहीं हैं, लेकिन जांच में आवेदकों के पास पशु बांधने के लिए जगह मिली है। जबकि बैंक द्वारा जमीन न होने पर लोन का प्रस्ताव रद्द करना बताया गया है।
टिप्पणी : गृह मंत्री अनिल विज ने एसडीएम की रिपोर्ट पर तत्काल सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक लाहली के संबंधित मैनेजर को सस्पेंड करने को कहा। बीच में लीड बैंक मैनेजर व एसडीएम राकेश कुमार ने जांच में शामिल दूसरे तर्क रखने की मंत्री से अनुमति मांगी, लेकिन विज ने कुछ भी सुनने से इंकार कर दिया।
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पंचायती राज कराएगा लाखनमाजरा की समस्या का समाधान
लाखनमाजरा के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि पंचायती राज व पीडब्ल्यूडी के विवाद के चलते उनकी गली का निर्माण नहीं हो रहा। इसके चलते नाला टूटने से गली में पानी भरा रहता है। लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने विज को बताया कि पीडब्ल्यूडी की तरफ से गली का निर्माण करवा दिया गया है, लेकिन अब नाले को लेकर दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस पर विज ने दोनों विभागों के अधिकारियों ने नक्शा मांगा। जांच के बाद कहा कि, नाले का निर्माण पंचायतीराज विभाग कराएगा।
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डेयरी कांप्लेक्स में निगम अमृत प्रोजेक्ट से देगा सुविधाएं
गृहमंत्री के सामने पिछली मीटिंग में जवाहर नगर के एक युवक ने शिकायत की थी कि डेयरी के कारण उनके नाले बंद रहते हैं। निगम की तरफ से बताया गया था कि डेयरियों को बाहर निकालने के प्रयास कर रहे हैं। डेयरी कांप्लेक्स में डेयरी मालिक नहीं जा रहे। इस पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी थी। एडीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि डेयरी कांप्लेक्स में आज भी 270 प्लाट हैं, जो अलग अलग साइज के हैं। अब भी 19 प्लांट आवंटित नहीं किए जा सके हैं। कांप्लैक्स में मात्र 75 प्लांटों में डेयरियां चल रही हैं। बिजली, पानी, सीवरेज व दूसरी सुविधाएं न होने के कारण फिलहाल शहर की डेयरियों को वहां शिफ्ट नहीं किया जा सकता।
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कृपाल नगर : अधिकारी कह रहे लाइन जोड़ी, कॉलोनी वासी मना कर रहे
कृपाल नगर के लोगों ने पिछली मीटिंग में शिकायत दी थी कि उनकी सीवरेज की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने विज को बताया कि शिकायतकर्ता चाहते हैं कि उनकी लाइन महाबीर कॉलोनी से जोड़ी जाए। मैन हाल ओवरफ्लो होने से दिक्कत आ रही है, जिसके लिए पाइप जोड़ा रहा है। फिलहाल वहां झगड़ा होने की आशंका हैं। इस पर पीड़ित पक्ष ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी लाइन नहीं बिछाई। मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि आप कह रहे लाइन बिछा दी, पीड़ित मना कर रहे। जल्द समस्या का समाधान करवाएं।
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मंत्री ने पूछा, हुडा की शिकायत सबसे ज्यादा क्यूं
गृहमंत्री अनिल विज के सामने हुडा से संबंधित दो शिकायतें आईं। अशोक भाटिया ने विज को बताया कि बिल्डर ने 2013 में लाइसेंस लिया, लेकिन लाइसेंस लेने से पहले ही फ्लैट के नाम पर पैसे ले लिए। मामला अब अदालत में चल रहा है। अधिकारियों से जवाब मांगने से पहले विज ने शिकायतकर्ता से कहा कि, मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में वे अदालत के समानांतर कोई फैसला नहीं ले सकते। पहले अदालत का फैसला होने दीजिए। इसके बाद दूसरीइ शिकायत में महिला बिमला देवी व विद्या गोयल ने कहा कि उनकी जमीन का हुडा ने विकास शुल्क ले लिया। बाद में कुछ जमीन रिलीज कर दी। अब कुछ लोगों ने उस जमीन कब्जा कर रखा है। इस पर विज ने हुडा के संपदा अधिकारी से कहा कि आपके विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। कल ही छापेमारी हुई है। मामले की जांच करके रिपोर्ट दें। विज ने आजादगढ़ के शमशान मामले में शिकायतकर्ता को कहा कि वे 75 साल से श्मशान होने के सुबूत दें। हुडा के अधिकारियों ने कहा कि उनके रिकार्ड में संबंधित जमीन में श्मशान भूमि नहीं रही।
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एफआईआर देरी से क्यों करवाई, डायरेक्टर को कारण बताओ नोटिस
पीजीआईएमएस में कार्यरत निजी कंपनी के कर्मचारी अनिल, विकास, राजू, सुमित, शंकर, लीलू व कृष्ण के नाम से पिछली मीटिंग में विज को शिकायत दी गई थी कि उनको न्यूनतम वेतन 13 हजार की जगह 9 हजार रुपये दी जा रही है। साथ ही उनका पीएफ नहीं काटा गया। पीएफ नंबर भी नहीं दिया गया। न ही ओवर टाइम का अतिरिक्त वेतन मिल रहा। मामले में विज ने पीजीआई के डायरेक्टर को कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करवाकर रिपोर्ट मांगी थी। वीरवार को मीटिंग में डायरेक्टर ने गृहमंत्री को बताया कि मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। विज ने पूछा कब एफआईआर करवाई, डायरेक्टर ने कहा कि वीसी से अनुमति के बाद 10 फरवरी को दर्ज हुई है। विज ने देरी का कारण पूछा। डायरेक्टर ने कहा कि एफआईआर कराने के लिए वीसी से अनुमति लेनी पड़ी। विज ने कहा कि, जब मैंने तत्काल एफआईआर के लिए बोला था। उन्होंने डायरेक्टर से इस संबध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
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फोटो :::112
....जब विज से नहीं मिल सकी महिला
झज्जर जिले के गांव सुहरा निवासी अंजू अपनी शिकायत लेकर रोहतक की जिला कष्ट निवारण समिति में पहुंची, लेकिन शिकायत सुनकर गृहमंत्री अनिल विज उठने लगे। शिकायत न दे पाने के कारण वह रोनी लगी। तभी रोहतक जिले का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे दादरी एसपी मोहित हांड़ा ने मिला से कहा कि वे उनको शिकायत दें। महिला ने बताया कि उसका भाई नहीं है। चार बहनें हैं। ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। मामले की झज्जर महिला सैल में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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दोपहर करीब 12 बजे गृहमंत्री जिले में अपनी दूसरी जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में पहुंचे। एक-एक करके एजेंडे में शामिल 15 शिकायतों को सुना। इसमें एक शिकायत को अदालत में केस विचाराधीन होने के कारण रद्द कर दिया गया, जबकि एक शिकायत का निपटारा कर दिया गया। बाकी 13 शिकायतों में गृहमंत्री ने अधिकारियों से एक माह बाद जांच पूरी कर रिपोर्ट तलब की है। एजेंडे के अलावा बाहर रजिस्टर में शिकायत दर्ज की गई। विज ने हिदायत दी कि सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर जवाब मांगा जाए।
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यूं सुनी विज ने शिकायत, अधिकारियों के जवाब, मंत्री की टिप्पणी
एलपीएस ईपीएफ प्रकरण : पुलिस ने जांच में धारा 477ए व 418 हटाने की सिफारिश की, विज बोले-आरोपियों को गिरफ्तार करो
शिकायत : हिसार रोड स्थित आदर्श औद्योगिक कर्मचारी संघ के महासचिव सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि एलपीएस के कर्मचारियों का वेतन से ईपीएफ काट लिया गया, लेकिन आगे जमा नहीं कराया गया। पिछली मीटिंग में गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही एक माह में रिपोर्ट मांगी थी।
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पुलिस का जवाब : इंदिरा कॉलोनी चौकी प्रभारी एसआई शमशेर सिंह ने मामले की अब तक की जांच की है। जांच के दौरान संबधित कर्मचारियों का रिकार्ड लिया गया। एसआई ने सिटी थाना प्रभारी को रिपोर्ट दी। विज को सौंपी गई रिपोर्ट में पुलिस ने बताया कि मामले में 6 जनवरी को आईपीसी की धारा 406, 409, 418, 420, 120बी व 477ए के तहत मामला दर्ज किया था। अब तक की जांच में धारा 477ए व 418 के तहत अपराध नहीं होना पाया गया। इसके अलावा आरोपी फूल सिंह चंदेला, ललित कुमार व परितोष कुमार निर्दोष पाए गए। आरोपी दिनेश जैन व ललित जैन को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया, लेकिन आरोपी जांच में शामिल नहीं हुए। आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जो खारिज हो चुकी हैं।
मंत्री की टिप्पणी : शिकायतकर्ता कह रहा है कि आरोपी पुलिस के साथ मंच सांझा कर रहे हैं। मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करें।
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ओमैक्स सिटी : आपका दर्द समझता हूं, 4 हजार लोगों को बीमार होने के लिए छोड़ सकता, कार्रवाई करें अधिकारी
शिकायत : ओमैक्स सिटी निवासी आशीष, सोमबीर, सुमित व सोमबीर ने विज को शिकायत दी थी कि सिटी में 4 हजार लोग रह रहे हैं, लेकिन बिल्डर सुविधाएं नहीं दे रहा। विज ने मामले में बिल्डर की 25 प्रतिशत सिक्योरिटी लेकर सिटी को निगम में शामिल करने की हिदायत दी थी।
आयुक्त ने दिया जवाब : नगर निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने अपनी जांच रिपोर्ट में गृहमंत्री अनिल विज को बताया कि संबंधित विभागों से लिखित में जवाब मांगा गया। पब्लिक हेल्थ की तरफ से बताया गया कि ओमैक्स सिटी के चारों तरफ एचएसवीपी सेक्टर हैं। ऐसे में पानी व सीवरेज की व्यवस्था एचएसवीपी द्वारा किया जाना है। बिजली निगम ने कहा कि ओमैक्स सिटी को 33केवी का पावर हाउस स्थापित किया जाना है। इसके लिए बिल्डर की तरफ से 1 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा कराई गई है, जबकि 5 करोड़ 27 लाख की राशि जमा कराई जानी है। वहीं, नगर निगम का कहना है कि ओमेक्स सिटी को निगम में लेने से पहले बिजली, पानी व सीवरेज की व्यवस्था पुख्ता होना अनिवार्य है। साथ ही सरकार द्वारा ओमैक्स सिटी को निगम में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ जिला नगर योजनाकार विभाग के एसटीपी ने अपना पक्ष मंत्री के सामने रखा। एसटीपी ने बताया कि विभाग के डायरेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं।
टिप्पणी : अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट गृहमंत्री के सामने शिकायतकर्ता आशीष ने बताया कि गंदा पानी सड़कों पर खड़ा है। पीने योग्य पानी नहीं मिलता। लोगों को पटरी होने लगी हैं। 4 हजार लोग सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। इस पर विज ने कहा कि वे अधिकारियों की जांच के इंतजार में लोगों को बीमार होने के लिए नहीं छोड़ सकते। नगर निगम आयुक्त ओमैक्स सिटी के बिल्डर से खर्च वसूल कर सफाई करवाए। दूसरा, पब्लिक हेल्थ पानी के सैंपल लेकर जांच करवाएं। अगर सैंपल फेल होते हैं तो केस दर्ज कराया जाए। साथ ही निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी गठित की जाती है। कमेटी में शिकायतकर्ता आशीष को शामिल किया जाए। कमेटी एक माह में ओमैक्स सिटी को लाइसेंस देने से लेकर अब तक की प्रक्रिया की जांच कर रिपोर्ट देगी।
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एसडीएम ने दी रिपोर्ट, गलत शर्त लगाकर रद्द किया गया ग्रामीणों का लोन
शिकायत : लाहली ग्रामीणों ने पिछली मीटिंग में गृहमंत्री को शिकायत दी थी कि उन्होंने गांव स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक मैनेजर को डेयरी लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन बैंक मैनेजर ने यह कहकर लोन रद्द कर दिए कि आवेदनकर्ताओं के पास पशु बांधने के लिए जमीन नहीं है। विज ने एसडीएम को मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी।
रिपोर्ट पर बैंक मैनेजर सस्पेंड : एसडीएम राकेश कुमार ने गृहमंत्री को जिला कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में रिपोर्ट दी कि उन्होंने मामले की गहराई से जांच की। कई आवेदकों का लोन यह कहकर रद्द किया गया कि उनके पास पशु बांधने के लिए जमीन नहीं हैं, लेकिन जांच में आवेदकों के पास पशु बांधने के लिए जगह मिली है। जबकि बैंक द्वारा जमीन न होने पर लोन का प्रस्ताव रद्द करना बताया गया है।
टिप्पणी : गृह मंत्री अनिल विज ने एसडीएम की रिपोर्ट पर तत्काल सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक लाहली के संबंधित मैनेजर को सस्पेंड करने को कहा। बीच में लीड बैंक मैनेजर व एसडीएम राकेश कुमार ने जांच में शामिल दूसरे तर्क रखने की मंत्री से अनुमति मांगी, लेकिन विज ने कुछ भी सुनने से इंकार कर दिया।
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पंचायती राज कराएगा लाखनमाजरा की समस्या का समाधान
लाखनमाजरा के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि पंचायती राज व पीडब्ल्यूडी के विवाद के चलते उनकी गली का निर्माण नहीं हो रहा। इसके चलते नाला टूटने से गली में पानी भरा रहता है। लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने विज को बताया कि पीडब्ल्यूडी की तरफ से गली का निर्माण करवा दिया गया है, लेकिन अब नाले को लेकर दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस पर विज ने दोनों विभागों के अधिकारियों ने नक्शा मांगा। जांच के बाद कहा कि, नाले का निर्माण पंचायतीराज विभाग कराएगा।
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डेयरी कांप्लेक्स में निगम अमृत प्रोजेक्ट से देगा सुविधाएं
गृहमंत्री के सामने पिछली मीटिंग में जवाहर नगर के एक युवक ने शिकायत की थी कि डेयरी के कारण उनके नाले बंद रहते हैं। निगम की तरफ से बताया गया था कि डेयरियों को बाहर निकालने के प्रयास कर रहे हैं। डेयरी कांप्लेक्स में डेयरी मालिक नहीं जा रहे। इस पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी थी। एडीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया है कि डेयरी कांप्लेक्स में आज भी 270 प्लाट हैं, जो अलग अलग साइज के हैं। अब भी 19 प्लांट आवंटित नहीं किए जा सके हैं। कांप्लैक्स में मात्र 75 प्लांटों में डेयरियां चल रही हैं। बिजली, पानी, सीवरेज व दूसरी सुविधाएं न होने के कारण फिलहाल शहर की डेयरियों को वहां शिफ्ट नहीं किया जा सकता।
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कृपाल नगर : अधिकारी कह रहे लाइन जोड़ी, कॉलोनी वासी मना कर रहे
कृपाल नगर के लोगों ने पिछली मीटिंग में शिकायत दी थी कि उनकी सीवरेज की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इस पर अधिकारियों ने विज को बताया कि शिकायतकर्ता चाहते हैं कि उनकी लाइन महाबीर कॉलोनी से जोड़ी जाए। मैन हाल ओवरफ्लो होने से दिक्कत आ रही है, जिसके लिए पाइप जोड़ा रहा है। फिलहाल वहां झगड़ा होने की आशंका हैं। इस पर पीड़ित पक्ष ने कहा कि अधिकारियों ने पूरी लाइन नहीं बिछाई। मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि आप कह रहे लाइन बिछा दी, पीड़ित मना कर रहे। जल्द समस्या का समाधान करवाएं।
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मंत्री ने पूछा, हुडा की शिकायत सबसे ज्यादा क्यूं
गृहमंत्री अनिल विज के सामने हुडा से संबंधित दो शिकायतें आईं। अशोक भाटिया ने विज को बताया कि बिल्डर ने 2013 में लाइसेंस लिया, लेकिन लाइसेंस लेने से पहले ही फ्लैट के नाम पर पैसे ले लिए। मामला अब अदालत में चल रहा है। अधिकारियों से जवाब मांगने से पहले विज ने शिकायतकर्ता से कहा कि, मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में वे अदालत के समानांतर कोई फैसला नहीं ले सकते। पहले अदालत का फैसला होने दीजिए। इसके बाद दूसरीइ शिकायत में महिला बिमला देवी व विद्या गोयल ने कहा कि उनकी जमीन का हुडा ने विकास शुल्क ले लिया। बाद में कुछ जमीन रिलीज कर दी। अब कुछ लोगों ने उस जमीन कब्जा कर रखा है। इस पर विज ने हुडा के संपदा अधिकारी से कहा कि आपके विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। कल ही छापेमारी हुई है। मामले की जांच करके रिपोर्ट दें। विज ने आजादगढ़ के शमशान मामले में शिकायतकर्ता को कहा कि वे 75 साल से श्मशान होने के सुबूत दें। हुडा के अधिकारियों ने कहा कि उनके रिकार्ड में संबंधित जमीन में श्मशान भूमि नहीं रही।
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एफआईआर देरी से क्यों करवाई, डायरेक्टर को कारण बताओ नोटिस
पीजीआईएमएस में कार्यरत निजी कंपनी के कर्मचारी अनिल, विकास, राजू, सुमित, शंकर, लीलू व कृष्ण के नाम से पिछली मीटिंग में विज को शिकायत दी गई थी कि उनको न्यूनतम वेतन 13 हजार की जगह 9 हजार रुपये दी जा रही है। साथ ही उनका पीएफ नहीं काटा गया। पीएफ नंबर भी नहीं दिया गया। न ही ओवर टाइम का अतिरिक्त वेतन मिल रहा। मामले में विज ने पीजीआई के डायरेक्टर को कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करवाकर रिपोर्ट मांगी थी। वीरवार को मीटिंग में डायरेक्टर ने गृहमंत्री को बताया कि मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। विज ने पूछा कब एफआईआर करवाई, डायरेक्टर ने कहा कि वीसी से अनुमति के बाद 10 फरवरी को दर्ज हुई है। विज ने देरी का कारण पूछा। डायरेक्टर ने कहा कि एफआईआर कराने के लिए वीसी से अनुमति लेनी पड़ी। विज ने कहा कि, जब मैंने तत्काल एफआईआर के लिए बोला था। उन्होंने डायरेक्टर से इस संबध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए।
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....जब विज से नहीं मिल सकी महिला
झज्जर जिले के गांव सुहरा निवासी अंजू अपनी शिकायत लेकर रोहतक की जिला कष्ट निवारण समिति में पहुंची, लेकिन शिकायत सुनकर गृहमंत्री अनिल विज उठने लगे। शिकायत न दे पाने के कारण वह रोनी लगी। तभी रोहतक जिले का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे दादरी एसपी मोहित हांड़ा ने मिला से कहा कि वे उनको शिकायत दें। महिला ने बताया कि उसका भाई नहीं है। चार बहनें हैं। ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। मामले की झज्जर महिला सैल में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जिला विकास भवन में वीरवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गृह मंत्री अनिल विज मिलने के लिए प?

जिला विकास भवन में वीरवार को जिला कष्ट निवारण समिति ओमेक्स सिटी के लोगों की शिकायत पर मंत्री खुद ?