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नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से 12 लाख रुपये की ठगी
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संसद भवन में ग्रुप डी की नौकरी का झांसा देकर तीन लोगों को करीब 12 लाख रुपये का चूना लगाने वाले एक ठग को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पहले से ही एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
शहर के रहने वाले श्यामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव नांगल निवासी मनोज ने एक मुलाकात में बताया कि उसका भाई सत्यवीर दिल्ली स्थित संसद भवन में नौकरी करता है। इस पर श्यामलाल ने उससे अपने लड़के कृष्ण को भी कहीं नौकरी दिलाने की बात कही। जिस पर मनोज ने आश्वासन दिया कि वह ग्रुप डी में उसके लड़के की नौकरी लगवा देगा। इसके बाद मनोज ने उससे अप्रैल से जुलाई के बीच अपने पेटीएम एवं बैंक खाते में करीब पांच लाख रुपये जमा कराए। कुछ दिनों बाद मनोज ने कोरियर के माध्यम से कॉल लेटर उसके पास भिजवाया।
इस कॉल लेटर के माध्यम से उसने 2 जून से 14 जून तक उसके बेटे को पांच दिन के लिए महाराष्ट्र के सांसद बलीराम उर्फ बली की कोठी नंबर -169 पर गार्ड के तौर पर लगवा दिया। पांच दिन बाद ही कृष्ण की उम्र कम होने के बहाने से उसको हटा दिया गया। इसी दौरान गांव मोहनपुर निवासी राजकुमार एवं गांव ढाणा निवासी राधेश्याम को भी आरोपी ने काल लेटर दिखाया और बच्चों की नौकरी लगाने का झांसा दिया। वो दोनों भी मनोज के झांसे में फंस गए। इन दोनों से भी उसने सवा तीन-सवा तीन लाख रुपये अपने खाते में जमा कराए। नौकरी न लगने पर तीनों पीड़ितों ने मनोज के घर के कई बार चक्कर लगाए तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद सरपंच श्यामलाल ने डीएसपी साधुराम को शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से बैंक खातों की डिटेल, पेटीएम मोबाइल सहित इस गिरोह में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी जुटायी जायेगी।
-सत्यवीर सिंह, थाना प्रभारी, कनीना।
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शहर के रहने वाले श्यामलाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव नांगल निवासी मनोज ने एक मुलाकात में बताया कि उसका भाई सत्यवीर दिल्ली स्थित संसद भवन में नौकरी करता है। इस पर श्यामलाल ने उससे अपने लड़के कृष्ण को भी कहीं नौकरी दिलाने की बात कही। जिस पर मनोज ने आश्वासन दिया कि वह ग्रुप डी में उसके लड़के की नौकरी लगवा देगा। इसके बाद मनोज ने उससे अप्रैल से जुलाई के बीच अपने पेटीएम एवं बैंक खाते में करीब पांच लाख रुपये जमा कराए। कुछ दिनों बाद मनोज ने कोरियर के माध्यम से कॉल लेटर उसके पास भिजवाया।
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इस कॉल लेटर के माध्यम से उसने 2 जून से 14 जून तक उसके बेटे को पांच दिन के लिए महाराष्ट्र के सांसद बलीराम उर्फ बली की कोठी नंबर -169 पर गार्ड के तौर पर लगवा दिया। पांच दिन बाद ही कृष्ण की उम्र कम होने के बहाने से उसको हटा दिया गया। इसी दौरान गांव मोहनपुर निवासी राजकुमार एवं गांव ढाणा निवासी राधेश्याम को भी आरोपी ने काल लेटर दिखाया और बच्चों की नौकरी लगाने का झांसा दिया। वो दोनों भी मनोज के झांसे में फंस गए। इन दोनों से भी उसने सवा तीन-सवा तीन लाख रुपये अपने खाते में जमा कराए। नौकरी न लगने पर तीनों पीड़ितों ने मनोज के घर के कई बार चक्कर लगाए तो वह मारपीट पर उतारू हो गया। इसके बाद सरपंच श्यामलाल ने डीएसपी साधुराम को शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से बैंक खातों की डिटेल, पेटीएम मोबाइल सहित इस गिरोह में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की जानकारी जुटायी जायेगी।
-सत्यवीर सिंह, थाना प्रभारी, कनीना।