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Rohtak News: एक ही चिता पर चार दोस्तों का अंतिम संस्कार, घिलौड़ कलां में मचा कोहराम

Mon, 13 Oct 2025 02:43 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Oct 2025 02:43 AM IST
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Four friends were cremated on the same pyre, causing chaos in Ghilod Kalan.
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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर पानीपत स्टेट हाईवे पर बसे घिलौड़ कलां गांव में रविवार को दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला। गांव के ही चार युवकों जो दोस्त भी थे, का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।

शनिवार रात जम्मू–कटरा एक्सप्रेस-वे पर रुखी गांव के पास कार की टक्कर रोड रोलर से हो गई थी जिसमें कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष बलवान सिंह रंगा के बेटे सोमबीर उर्फ मोनू (27), उसके तीन दोस्त दीपांकर उर्फ बबलू (27), अंकित (22) और लोकेश (21) की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद चारों के शव रविवार दोपहर को गांव पहुंचे तो हर आंख नम हो उठी। तालाब किनारे श्मशान घाट पर ग्रामीणों ने चारों का एक साथ अंतिम संस्कार किया।
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घिलौड़ कलां में सैकड़ों लोग तालाब किनारे श्मशान घाट पर इकट्ठे हुए। चारों दोस्तों के शव एक साथ लाए गए और एक बड़ी चिता बनाकर क्रम से रखे गए। श्मशान से लेकर घरों तक आधा किलोमीटर लंबी भीड़ श्रद्धांजलि देने के लिए खड़ी रही। गांव में सन्नाटा पसरा रहा और घरों में सिर्फ सिसकियां गूंजती रहीं। ग्रामीण अजय कुमार और सीरी देशवाल ने बताया कि कातक वाली बीमारी (स्पैनिश फ्लू) के समय भी इतने लोगों की एक साथ चिता नहीं जली थी। आजादी के बाद पहली बार गांव ने ऐसा मंजर देखा।
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दलित बस्ती में उठी चीख-पुकार, दिवाली की खुशियां मातम में बदलीं
रविवार को दिन में करीब 11:20 बजे सोमबीर का शव सबसे पहले रोहतक स्थित वनसिटी लाया गया फिर दोपहर 12 बजे पैतृक गांव पहुंचा। उधर अंकित, लोकेश और दीपांकर के शव दलित बस्ती में पहुंचे तो महिलाओं की चीख-पुकार मच गई। दिवाली की तैयारियां भी मातम में बदल गईं। ग्रामीण बारी-बारी से चारों परिवारों के घर जाकर सांत्वना देते रहे।

दादा की आंखों से छलका दर्द...अब हम किसके सहारे रहेंगे
अंतिम संस्कार के दौरान सोमबीर के दादा बेसुध होकर बोले-बेटा मोनू अब हम किसके सहारे रहेंगे। ग्रामीणों ने उन्हें संभाला। श्मशान से लौटने के बाद आंबेडकर भवन में चारों परिवारों के लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गई।

बार के पूर्व प्रधान जोजो बाल-बाल बचे
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो ने बताया कि वे चंडीगढ़ से दिल्ली शादी समारोह में शामिल होने कटरा-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के रास्ते उसी समय जा रहे थे। उनकी गाड़ी आगे थी जबकि सड़क हादसे वाली गाड़ी पीछे थी। वहां सड़क निर्माण के चलते रोड रोलर खड़ा था। अंधेरा होने के कारण रोड रोलर दिखाई नहीं दे रहा था। लाइट और रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे थे। अचानक उनके चालक ने कट मारकर गाड़ी को दाईं तरफ किया जबकि पीछे आ रही गाड़ी के चालक ने बाईं तरफ गाड़ी मोड़ ली। उस तरफ जगह न होने के कारण गाड़ी सीधी रोड रोलर से टकरा गई। तत्काल पुलिस को कॉल की। इसके बाद बलवान रंगा को हादसे की सूचना दी।


श्रद्धांजलि देने उमड़े जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
अंतिम संस्कार में कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा, शकुंतला खटक, पूर्व सांसद शादीलाल बतरा, प्रो. वीरेंद्र सिंह, जयदीप धनखड़, कुलदीप नंबरदार, शहरी अध्यक्ष कुलदीप उर्फ केडी, हेमंत बख्शी, पूर्व पार्षद कदम सिंह अहलावत, गुलशन ईशपुनियानी, सूरजमल किलोई, अनिल कुमार और भाजपा नेता संचित नांदल समेत करीब एक हजार ग्रामीण मौजूद रहे।
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