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एक दर्जन से ज्यादा मकानों के फर्श धंसे, दीवारों और छतों में पड़ी दरारें
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रोहतक। महावीर कॉलोनी में तीन दिन जलभराव रहने से एक दर्जन से ज्यादा मकानों के फर्श धंस गए हैं। दीवारों और छतों पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। जिससे परिवार अनहोनी की आशंका से दहशत में हैं। राजमिस्त्री मकानों को दुरुस्त करने का लंबा-चौड़ा खर्च बता रहे हैं। जिससे लोगों की रात की नींद व दिन का चैन हराम हो गया है।
वीरवार को झमाझम बारिश हुई मगर डिस्पोजलों की मोटरें काफी देरी से चलीं। इससे गोहाना रोड और इससे सटी कृष्णा कॉलोनी, महावीर कॉलोनी आदि में जबरदस्त जलभराव हुआ। ऐसा कोई घर नहीं बचा जिसके अंदर पानी नहीं भरा हो। तीन दिन तक जलभराव रहने से मजबूत बने मकानों के फर्श धंस गए हैं। दीवारों और छतों में गहरी दरारें पड़ने से मकान गिरने की हालत में आ गए हैं। लोगों ने बताया कि शुक्रवार की रात से मकानों के फर्श का धंसने और दीवारों-छतों पर दरारें आना शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। जिंदगी भर की कड़ी मेहनत की कमाई से बनाए मकान जलभराव की वजह से गिरने की हालत में पहुंच गए हैं।
दिल्ली फायर बिग्रेड में कार्यरत विजेंद्र सिंह हुड्डा का परिवार मकान नंबर 1191/14 में रहता है। उन्होंने 2010 में मकान बनाया था। जलभराव की वजह से शनिवार को फर्श गहराई तक धंस गया। अंदर के कमरे में गहरा गड्ढा हो गया है। परिवार ने कमरों में जाना बंद कर दिया है। सभी घर के बाहरी हिस्से में आ गए हैं। मकान नंबर 1192/14 में रहने वाले राज सिंह खेती करते हैं। 2013 में एक-एक रुपये जोड़कर मकान बनाया था। तीन दिन के जलभराव से उनके मकान का फर्श धंस गया है। छत व दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं। मकान नंबर 1225ए निवासी बैंक से सेवानिवृत्त हरीश कुमार ने घर में एक साल पहले कमरा बनवाया था, जिसकी दीवारें पूरी तरह से दरक गई हैं। राजमिस्त्री का कहना है कि दीवारें इतनी ज्यादा दरक गई हैं कि नया निर्माण ही उचित विकल्प है। नजदीक में रहने वाली ममता शर्मा के मकान की दीवार में दरार, सुरेश सैनी के फर्श और दीवार की टाइल्स में गहरी दरारें आ गई हैं। वृद्धा राजरानी, विकास, विक्रम, रमेश मेहरोत्रा आदि के मकान व फर्श दरार आने से दरक गए हैं।
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दीवार गिरने से भरा पानी
पीडब्ल्यूडी कार्यालय व क्वार्टर परिसर की जलभराव होने की वजह से बाउंड्री टूटकर गिर गई, जिसकी वजह से तेजी से पानी महावीर कॉलोनी में भरा। परमेश्वरी, प्रियंका, रंजनी खुराना, श्वेता, कांता, ममता ने बताया कि बाउंड्री गिरने से उनके घर असुरक्षित हो गए हैं। न सिर्फ तेज बारिश होने पर परिसर का पानी उनके घरों के सामने भरेगा बल्कि असामाजिक तत्वों को आवागमन का रास्ता मिलेगा। इसलिए जल्द से जल्द बाउंड्री बनवाई जाए।
मकान दरके तो छलका दर्द
एक-एक पैसा जोड़कर बड़ी मुश्किल से 2010 में मकान बनाया था। तीन दिन के जलभराव की वजह से मकान का फर्श धंस गया है। दीवारों में दरार पड़ गई हैं, जिससे परिवार काफी भयभीत है।
विजेंद्र सिंह हुड्डा
घर का फर्श दो जगह से धंस गया है। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। 2013 में बनाया मकान तीन दिन के जलभराव में बेकार हो गया है। मकान सही कराने का हजारों रुपये का खर्च राजमिस्त्री बता रहा है।
राज सिंह
एक साल पहले ही नया कमरा बनवाया, जिसकी दीवारें काफी गहराई तक दरक गई हैं। अभी बारिश का मौसम आने वाला है, ऐसे में अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। मरम्मत का काफी खर्च आ रहा है।
हरीश कुमार प्रूथी
घर के अंदर पानी भर गया था, जिसकी वजह से घर की दीवारों में दरार पड़ गई है। अब मानसून आने वाला है, ऐसे में बारिश होने पर यदि जलभराव हुआ तो घर को काफी नुकसान होगा।
ममता शर्मा
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वीरवार को झमाझम बारिश हुई मगर डिस्पोजलों की मोटरें काफी देरी से चलीं। इससे गोहाना रोड और इससे सटी कृष्णा कॉलोनी, महावीर कॉलोनी आदि में जबरदस्त जलभराव हुआ। ऐसा कोई घर नहीं बचा जिसके अंदर पानी नहीं भरा हो। तीन दिन तक जलभराव रहने से मजबूत बने मकानों के फर्श धंस गए हैं। दीवारों और छतों में गहरी दरारें पड़ने से मकान गिरने की हालत में आ गए हैं। लोगों ने बताया कि शुक्रवार की रात से मकानों के फर्श का धंसने और दीवारों-छतों पर दरारें आना शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं। जिंदगी भर की कड़ी मेहनत की कमाई से बनाए मकान जलभराव की वजह से गिरने की हालत में पहुंच गए हैं।
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दिल्ली फायर बिग्रेड में कार्यरत विजेंद्र सिंह हुड्डा का परिवार मकान नंबर 1191/14 में रहता है। उन्होंने 2010 में मकान बनाया था। जलभराव की वजह से शनिवार को फर्श गहराई तक धंस गया। अंदर के कमरे में गहरा गड्ढा हो गया है। परिवार ने कमरों में जाना बंद कर दिया है। सभी घर के बाहरी हिस्से में आ गए हैं। मकान नंबर 1192/14 में रहने वाले राज सिंह खेती करते हैं। 2013 में एक-एक रुपये जोड़कर मकान बनाया था। तीन दिन के जलभराव से उनके मकान का फर्श धंस गया है। छत व दीवारों पर दरारें पड़ गई हैं। मकान नंबर 1225ए निवासी बैंक से सेवानिवृत्त हरीश कुमार ने घर में एक साल पहले कमरा बनवाया था, जिसकी दीवारें पूरी तरह से दरक गई हैं। राजमिस्त्री का कहना है कि दीवारें इतनी ज्यादा दरक गई हैं कि नया निर्माण ही उचित विकल्प है। नजदीक में रहने वाली ममता शर्मा के मकान की दीवार में दरार, सुरेश सैनी के फर्श और दीवार की टाइल्स में गहरी दरारें आ गई हैं। वृद्धा राजरानी, विकास, विक्रम, रमेश मेहरोत्रा आदि के मकान व फर्श दरार आने से दरक गए हैं।
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दीवार गिरने से भरा पानी
पीडब्ल्यूडी कार्यालय व क्वार्टर परिसर की जलभराव होने की वजह से बाउंड्री टूटकर गिर गई, जिसकी वजह से तेजी से पानी महावीर कॉलोनी में भरा। परमेश्वरी, प्रियंका, रंजनी खुराना, श्वेता, कांता, ममता ने बताया कि बाउंड्री गिरने से उनके घर असुरक्षित हो गए हैं। न सिर्फ तेज बारिश होने पर परिसर का पानी उनके घरों के सामने भरेगा बल्कि असामाजिक तत्वों को आवागमन का रास्ता मिलेगा। इसलिए जल्द से जल्द बाउंड्री बनवाई जाए।
मकान दरके तो छलका दर्द
एक-एक पैसा जोड़कर बड़ी मुश्किल से 2010 में मकान बनाया था। तीन दिन के जलभराव की वजह से मकान का फर्श धंस गया है। दीवारों में दरार पड़ गई हैं, जिससे परिवार काफी भयभीत है।
विजेंद्र सिंह हुड्डा
घर का फर्श दो जगह से धंस गया है। दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। 2013 में बनाया मकान तीन दिन के जलभराव में बेकार हो गया है। मकान सही कराने का हजारों रुपये का खर्च राजमिस्त्री बता रहा है।
राज सिंह
एक साल पहले ही नया कमरा बनवाया, जिसकी दीवारें काफी गहराई तक दरक गई हैं। अभी बारिश का मौसम आने वाला है, ऐसे में अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। मरम्मत का काफी खर्च आ रहा है।
हरीश कुमार प्रूथी
घर के अंदर पानी भर गया था, जिसकी वजह से घर की दीवारों में दरार पड़ गई है। अब मानसून आने वाला है, ऐसे में बारिश होने पर यदि जलभराव हुआ तो घर को काफी नुकसान होगा।
ममता शर्मा