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नगर निगम का एक और कारनामा: पहले ठेकेदार से काम कराया, अब फाइल ही गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 24 Sep 2015 02:03 AM IST
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नगर निगम पर लापरवाही की बीमारी हावी हो गई है। लापरवाही भी ऐसी कि अब यहां जमा कराई गई अहम फाइल ही गायब हो जा रही हैं। निगम ने ठेकेदार से सालभर पहले कई काम कराए थे और बिल भुगतान के लिए फाइलें जमा करा दी। अब इन फाइलों का किसी को कोई अता पता ही नहीं है।
ठेकेदार पैसे के लिए अफसरों के चक्कर लगाता रहा और अपने पिता को कैंसर होने की गुहार लगाता रहा। पैसे नहीं मिलने के कारण उपचार के अभाव में ठेकेदार के पिता की मौत हो गई। पीड़ित ने सीएम विंडो पर अर्जी लगाई। अब इस मामले में सीएम ऑफिस से जवाब मांगा गया है। निगम के 25 अधिकारियों व कर्मियों को लेटर जारी करके साफ कह दिया गया कि 7 दिन के अंदर फाइलों का पता लगाया जाए। लेकिन ठेकेदार को इस बारे में अभी तक कोई सूचना तक नहीं दी गई है।
यह है पूरा मामला
काठ मंडी में रहने वाले रवि राठी नगर निगम के ठेकेदार हैं। उसके अनुसार लगभग एक साल पहले निगम ने उनको ठेका देकर वार्ड नंबर-6 में छोटूराम स्टेडियम में शौचालय का जीर्णोद्धार 0.10 लाख रुपये से कराया था। वार्ड नंबर-5 में पुलिस लाइन मैदान में पेंटिंग व अन्य कार्य 0.47 लाख रुपयों से कराया गया। दोनों काम पूरे होने पर रवि ने निगम में मैटीरियल व लेबर के बिल देने के लिए दोनों फाइल जमा कराई थी, जो एक्सईएन ब्रांच से तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर को 19 मई को भेज दी गई।
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इसके बावजूद रवि को रुपये नहीं मिल सके, जबकि उसके पिता हरिकिशन राठी कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। 6 अगस्त 2015 को सीएम विंडो के अलावा सीधी सीएम ऑफिस में शिकायत भेजी गई।
खुद कैंसर पीड़ित ने भी लगाई गुहार
रवि का कहना है कि मेरे पिता ने खुद भी कई बार निगम कार्यालय व सीएम विंडो पर शिकायत दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैंने भी कई बार शिकायत की। अब भी 6 अगस्त वाली शिकायत पर केवल फाइल तलाश कराई जा रही है। इस बीच रुपये नहीं होने के कारण उपचार के अभाव में मेरे पिता की मौत हो गई।
मैने लगभग एक साल पहले निगम में काम किया था, लेकिन अभी तक रुपयों का भुगतान नहीं हुआ है। मेरे पिता ने कैंसर पीड़ित होने के कारण कई बार रुपये देने की मांग की और सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई।
रवि राठी, ठेकेदार नगर निगम।
फाइल गुम होने का इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह की बात है तो इसको गंभीरता से लेकर पता कराया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दलबीर सिंह फौगाट, ज्वाइंट कमिश्नर।
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ठेकेदार पैसे के लिए अफसरों के चक्कर लगाता रहा और अपने पिता को कैंसर होने की गुहार लगाता रहा। पैसे नहीं मिलने के कारण उपचार के अभाव में ठेकेदार के पिता की मौत हो गई। पीड़ित ने सीएम विंडो पर अर्जी लगाई। अब इस मामले में सीएम ऑफिस से जवाब मांगा गया है। निगम के 25 अधिकारियों व कर्मियों को लेटर जारी करके साफ कह दिया गया कि 7 दिन के अंदर फाइलों का पता लगाया जाए। लेकिन ठेकेदार को इस बारे में अभी तक कोई सूचना तक नहीं दी गई है।
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यह है पूरा मामला
काठ मंडी में रहने वाले रवि राठी नगर निगम के ठेकेदार हैं। उसके अनुसार लगभग एक साल पहले निगम ने उनको ठेका देकर वार्ड नंबर-6 में छोटूराम स्टेडियम में शौचालय का जीर्णोद्धार 0.10 लाख रुपये से कराया था। वार्ड नंबर-5 में पुलिस लाइन मैदान में पेंटिंग व अन्य कार्य 0.47 लाख रुपयों से कराया गया। दोनों काम पूरे होने पर रवि ने निगम में मैटीरियल व लेबर के बिल देने के लिए दोनों फाइल जमा कराई थी, जो एक्सईएन ब्रांच से तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर को 19 मई को भेज दी गई।
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इसके बावजूद रवि को रुपये नहीं मिल सके, जबकि उसके पिता हरिकिशन राठी कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। 6 अगस्त 2015 को सीएम विंडो के अलावा सीधी सीएम ऑफिस में शिकायत भेजी गई।
खुद कैंसर पीड़ित ने भी लगाई गुहार
रवि का कहना है कि मेरे पिता ने खुद भी कई बार निगम कार्यालय व सीएम विंडो पर शिकायत दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मैंने भी कई बार शिकायत की। अब भी 6 अगस्त वाली शिकायत पर केवल फाइल तलाश कराई जा रही है। इस बीच रुपये नहीं होने के कारण उपचार के अभाव में मेरे पिता की मौत हो गई।
मैने लगभग एक साल पहले निगम में काम किया था, लेकिन अभी तक रुपयों का भुगतान नहीं हुआ है। मेरे पिता ने कैंसर पीड़ित होने के कारण कई बार रुपये देने की मांग की और सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई।
रवि राठी, ठेकेदार नगर निगम।
फाइल गुम होने का इस तरह का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह की बात है तो इसको गंभीरता से लेकर पता कराया जाएगा। ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दलबीर सिंह फौगाट, ज्वाइंट कमिश्नर।