{"_id":"640e0ae92422883ea4064984","slug":"fear-of-weather-attack-farmers-busy-preparing-for-mustard-harvesting-rohtak-news-c-17-roh1010-91316-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: मौसम की मार का सता रहा डर, सरसों की कटाई की तैयारी में जुटे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: मौसम की मार का सता रहा डर, सरसों की कटाई की तैयारी में जुटे किसान
Sun, 12 Mar 2023 10:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 12 Mar 2023 10:54 PM IST
विज्ञापन
सांपला। बार-बार बदल रहे मौसम को लेकर किसान चिंतित हैं। मौसम की मार से बचने के लिए किसानों ने अपनी सरसों की कटाई तेज कर दी है। उधर, कृषि विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान अपनी फसल पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें, ताकि उसका उचित भाव मिल सके।
जिले में किसानों ने करीब 13000 हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की है। अगेती फसल पक चुकी है। जो पछेती फसल है, वह भी एक सप्ताह में पक कर तैयार हो जाएगी। किसानों को बार-बार बदल रहे मौसम की चिंता सता रही है। समय पर फसल को समेटने के लिए किसानों ने कटाई शुरू कर दी है। हालांकि उन्हें मजदूरों की कमी महसूस होने लगी। पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि व बारिश ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। किसान डरे हुए हैं कि कहीं मौसम उनकी पूरी साल की मेीनत पर पानी न फेर दे। ऐसे में जितना जल्दी हो सके, किसान फसल की कटाई कर रहे हैं और मौसम की मार से बचना चाह रहे हैं। सोमवार से फिर मौसम बदलने के संकेत दिए जा रहे हैं।
उधर, फसल कटाई के सीजन में दूसरे प्रदेशों से मजदूर आने लगे हैं, जो निश्चित राशि लेकर फसल की कटाई करते हैं। ये लोग पूरे परिवार सहित प्रत्येक वर्ष आते हैं जिनमें से कुछ तो आस पास गांवों में कटाई सीजन के लिए बस जाते हैं। मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए किसान इन मजदूरों से भी कटाई जल्द से जल्दी करवाना चाहते हैं।
विज्ञापन
किसान अपनी काटी गई सरसों की फसल को खुले में न छोड़े। पकी हुई सरसों को काट सकते हैं, लेकिन हरी फसल को काटने से पैदावार प्रभावित होगी।
-राकेश कुमार, गुणवत्ता निरीक्षण अधिकारी, कृषि विभाग
विज्ञापन
जिले में किसानों ने करीब 13000 हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की है। अगेती फसल पक चुकी है। जो पछेती फसल है, वह भी एक सप्ताह में पक कर तैयार हो जाएगी। किसानों को बार-बार बदल रहे मौसम की चिंता सता रही है। समय पर फसल को समेटने के लिए किसानों ने कटाई शुरू कर दी है। हालांकि उन्हें मजदूरों की कमी महसूस होने लगी। पिछले वर्ष हुई ओलावृष्टि व बारिश ने फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया था। किसान डरे हुए हैं कि कहीं मौसम उनकी पूरी साल की मेीनत पर पानी न फेर दे। ऐसे में जितना जल्दी हो सके, किसान फसल की कटाई कर रहे हैं और मौसम की मार से बचना चाह रहे हैं। सोमवार से फिर मौसम बदलने के संकेत दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, फसल कटाई के सीजन में दूसरे प्रदेशों से मजदूर आने लगे हैं, जो निश्चित राशि लेकर फसल की कटाई करते हैं। ये लोग पूरे परिवार सहित प्रत्येक वर्ष आते हैं जिनमें से कुछ तो आस पास गांवों में कटाई सीजन के लिए बस जाते हैं। मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए किसान इन मजदूरों से भी कटाई जल्द से जल्दी करवाना चाहते हैं।
विज्ञापन
किसान अपनी काटी गई सरसों की फसल को खुले में न छोड़े। पकी हुई सरसों को काट सकते हैं, लेकिन हरी फसल को काटने से पैदावार प्रभावित होगी।
-राकेश कुमार, गुणवत्ता निरीक्षण अधिकारी, कृषि विभाग