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प्रबंधन और छात्र आमने-सामने, परीक्षाओं पर लटकी तलवार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 25 Dec 2015 02:11 AM IST
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एफडीडीआई में होने वाली परीक्षाओं को लेकर प्रबंधन और छात्र फिर
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आमने-सामने आ गए हैं। संस्थान ने नोटिस जारी कर छात्रों को चेतावनी दे डाली
है कि फीस जमा करने पर ही उन्हें प्रवेश पत्र मिलेगा। उधर, छात्रों ने
पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और यूजीसी को अवगत कराते हुए परीक्षाओं
पर स्टे लगाने की मांग उठाई है।
संस्थान में 28 दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। यूं तो छात्रों ने पहले ही इन परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दे डाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छात्र थोड़ा नरम पड़े हैं। छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे या नहीं, इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि अब संस्थान ने फिर से छात्रों को फीस जमा करने का नोटिस जारी कर दिया।
दो दिन पूर्व जारी हुए इस नोटिस में प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि बकाया फीस जमा करने पर ही प्रवेश पत्र मिलेगा। इस नोटिस के बाद छात्र फिर से उग्र हो गए। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट, यूजीसी, मेवाड़ यूनिवर्सिटी और एफडीडीआई के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है। छात्रों ने मांग की है कि वह 28 दिसंबर से होने वाली परीक्षा के लिए तैयार नहीं हैं।
परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए या फिर इन पर स्टे लगाया जाए। छात्रों ने प्रबंधन को भी चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो वह परीक्षाओं का बहिष्कार करने के लिए भी तैयार हैं। प्रबंधन और छात्रों के बीच हुए इस विवाद के बाद अब फिर से सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। देखना ये है कि तीन दिन बाद शुरू होने वाली परीक्षा शुरू होगी भी या नहीं।
गौरतलब है कि संस्थान की तरफ से पूर्व में जारी हुए फीस नोटिस के खिलाफ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवा दिया था। इसमें तर्क दिया गया था तक जब तक डिग्री मामले का फैसला नहीं आता तब तक फीस न ली जाए।
संस्थान में 28 दिसंबर से सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। यूं तो छात्रों ने पहले ही इन परीक्षाओं का बहिष्कार करने की चेतावनी दे डाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छात्र थोड़ा नरम पड़े हैं। छात्र इस परीक्षा में शामिल होंगे या नहीं, इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी कि अब संस्थान ने फिर से छात्रों को फीस जमा करने का नोटिस जारी कर दिया।
दो दिन पूर्व जारी हुए इस नोटिस में प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि बकाया फीस जमा करने पर ही प्रवेश पत्र मिलेगा। इस नोटिस के बाद छात्र फिर से उग्र हो गए। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट, यूजीसी, मेवाड़ यूनिवर्सिटी और एफडीडीआई के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है। छात्रों ने मांग की है कि वह 28 दिसंबर से होने वाली परीक्षा के लिए तैयार नहीं हैं।
परीक्षा को आगे बढ़ाया जाए या फिर इन पर स्टे लगाया जाए। छात्रों ने प्रबंधन को भी चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ी तो वह परीक्षाओं का बहिष्कार करने के लिए भी तैयार हैं। प्रबंधन और छात्रों के बीच हुए इस विवाद के बाद अब फिर से सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। देखना ये है कि तीन दिन बाद शुरू होने वाली परीक्षा शुरू होगी भी या नहीं।
गौरतलब है कि संस्थान की तरफ से पूर्व में जारी हुए फीस नोटिस के खिलाफ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के अपने अधिवक्ता के माध्यम से नोटिस भिजवा दिया था। इसमें तर्क दिया गया था तक जब तक डिग्री मामले का फैसला नहीं आता तब तक फीस न ली जाए।