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पिता बोले- इस हार का बदला ओलंपिक में लेगा अमित
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हे भगवान मारे बेटे ने जितवाईऐ ............. रूस के ऐकातेरिनबुर्ग में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप म?
वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के 52 किलो भारवर्ग के फाइनल में शनिवार को बॉक्सर अमित पंघाल को उज्बेकिस्तान के बॉक्सर के हाथों हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अमित की इस हार के साथ ही उनके घर पर बैठकर मैच देख रहे ग्रामीणों ने मैच के जजों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। अमित के पिता विजेंद्र सिंह ने बताया कि इस चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए वह पिछले छह महीने से घर नहीं आया था। वह नेशनल कैंप में या फिर विदेशों में खेलकर तैयारी कर रहा था। उन्हें अमित के रजत जीतने पर भी गर्व है। इस मैच में जहां भी कमी रही है, उन कमियों को पूरा करेंगे और अगर यह बॉक्सर ओलंपिक खेलों में अमित के साथ खेलता है तो वहां उससे बदला लेंगे।
जिले के मायना गांव में बॉक्सर अमित पंघाल के घर पर शाम सात बजे से ही ग्रामीण इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। ये सभी ग्रामीण अमित को वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतते हुए देखना चाहते थे। जैसे ही शाम साढ़े सात बजे अमित का मुकाबला शुरू हुआ। दर्शकों में अलग ही ऊर्जा का संचार होने लगा। जैसे जैसे अमित पंच लगाता गया, वैसे वैसे ही ग्रामीण तालियां बजाकर उसका अभिनंदन करते रहे। तीन तीन मिनट के तीनों राउंड बीतने के बाद वहां मौजूद हर किसी की निगाहें एलईडी पर टिकी हुई थी। जैसे ही मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बॉक्सर को विजेता घोषित किया गया वैसे ही वहां मौजूद ग्रामीणों में पक्षपात करने के स्वर उठाए। अमित के भाई अजय पंघाल बोले, हार जीत तो एक अलग चीज है। अमित इससे पहले कॉमनवेल्थ खेलों के फाइनल में भी हारा था, लेकिन वो मुकाबला 19-20 का था। लेकिन इस मुकाबले को तो अमित एक तरफा जीत रहा था।
हार के बाद भी बांटी मिठाई, दी बधाई
अमित के इस मुकाबले में हार जाने के बाद भी उसके रजत पदक जीतने की खुशी मनाई गई। इस खुशी में घर पर पहुंचे ग्रामीणों व मेहमानों को मिठाई खिलाकर देश का पहला रजत पदक विजेता खिलाड़ी बनने की बधाई दी गई। अमित की मां ने कहा कि अमित फाइनल में हार भी गया तो क्या हुआ। उसने रजत पदक जो जीता है। अमित ने देश को कांस्य से रजत तक पहुंचाया है, अगली बार कोई और अमित निकलेगा जो वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश को गोल्ड जीताएगा। उन्होंने कहा कि अमित के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि उसे वर्ल्ड चैंपियनशिप में पक्षपात कर हराया गया हो, इससे पहले 2017 में भी अमित को इसी तरह पक्षपात कर हराया गया था।
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जिले के मायना गांव में बॉक्सर अमित पंघाल के घर पर शाम सात बजे से ही ग्रामीण इकट्ठा होना शुरू हो गए थे। ये सभी ग्रामीण अमित को वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतते हुए देखना चाहते थे। जैसे ही शाम साढ़े सात बजे अमित का मुकाबला शुरू हुआ। दर्शकों में अलग ही ऊर्जा का संचार होने लगा। जैसे जैसे अमित पंच लगाता गया, वैसे वैसे ही ग्रामीण तालियां बजाकर उसका अभिनंदन करते रहे। तीन तीन मिनट के तीनों राउंड बीतने के बाद वहां मौजूद हर किसी की निगाहें एलईडी पर टिकी हुई थी। जैसे ही मुकाबले में उज्बेकिस्तान के बॉक्सर को विजेता घोषित किया गया वैसे ही वहां मौजूद ग्रामीणों में पक्षपात करने के स्वर उठाए। अमित के भाई अजय पंघाल बोले, हार जीत तो एक अलग चीज है। अमित इससे पहले कॉमनवेल्थ खेलों के फाइनल में भी हारा था, लेकिन वो मुकाबला 19-20 का था। लेकिन इस मुकाबले को तो अमित एक तरफा जीत रहा था।
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हार के बाद भी बांटी मिठाई, दी बधाई
अमित के इस मुकाबले में हार जाने के बाद भी उसके रजत पदक जीतने की खुशी मनाई गई। इस खुशी में घर पर पहुंचे ग्रामीणों व मेहमानों को मिठाई खिलाकर देश का पहला रजत पदक विजेता खिलाड़ी बनने की बधाई दी गई। अमित की मां ने कहा कि अमित फाइनल में हार भी गया तो क्या हुआ। उसने रजत पदक जो जीता है। अमित ने देश को कांस्य से रजत तक पहुंचाया है, अगली बार कोई और अमित निकलेगा जो वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश को गोल्ड जीताएगा। उन्होंने कहा कि अमित के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि उसे वर्ल्ड चैंपियनशिप में पक्षपात कर हराया गया हो, इससे पहले 2017 में भी अमित को इसी तरह पक्षपात कर हराया गया था।
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