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Rohtak News: बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को 20 साल की सजा
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रोहतक। दो साल पहले 14 साल की बेटी से दुष्कर्म करने के दोषी 51 वर्षीय पिता को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने 20 साल कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि वार्ड पार्षद की गवाही भी केस में अहम रही।
नगर निगम वार्ड नंबर एक के पार्षद कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि नवंबर 2021 में उसके वार्ड के एक व्यक्ति ने फोन किया किया वह कमरे किराये पर देता है। उसने बिहार के एक व्यक्ति को कमरा दिया था। उसकी पत्नी 28 दिन पहले अपने मायके बिहार चली गई। कमरे में व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी और 9 साल के बेटे के साथ है। बेटी ने बताया कि उसके साथ रात 11 बजे पिता ने गलत काम किया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आईपीसी की धारा 354ए के तहत तीन साल की कैद, 500 रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा, 376 व 6 पॉक्सो में 20-20 साल कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में एक साल की कैद व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
इंसानियत के लिए उठाया कदम, बना अदालत में गवाह
पार्षद कृष्ण कुमार ने बताया कि इंसानियत के नाते उसने न केवल केस दर्ज कराया, बल्कि अदालत में गवाही भी दी। बताया कि उसके सामने बच्ची के बयान दर्ज हुए थे। एक पार्षद अपने वार्ड की समस्याएं नहीं, आगे बढ़कर न्याय के लिए भी आवाज उठा सकता है।
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नगर निगम वार्ड नंबर एक के पार्षद कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि नवंबर 2021 में उसके वार्ड के एक व्यक्ति ने फोन किया किया वह कमरे किराये पर देता है। उसने बिहार के एक व्यक्ति को कमरा दिया था। उसकी पत्नी 28 दिन पहले अपने मायके बिहार चली गई। कमरे में व्यक्ति अपनी 14 साल की बेटी और 9 साल के बेटे के साथ है। बेटी ने बताया कि उसके साथ रात 11 बजे पिता ने गलत काम किया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे आईपीसी की धारा 354ए के तहत तीन साल की कैद, 500 रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा, 376 व 6 पॉक्सो में 20-20 साल कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में एक साल की कैद व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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इंसानियत के लिए उठाया कदम, बना अदालत में गवाह
पार्षद कृष्ण कुमार ने बताया कि इंसानियत के नाते उसने न केवल केस दर्ज कराया, बल्कि अदालत में गवाही भी दी। बताया कि उसके सामने बच्ची के बयान दर्ज हुए थे। एक पार्षद अपने वार्ड की समस्याएं नहीं, आगे बढ़कर न्याय के लिए भी आवाज उठा सकता है।
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