{"_id":"5dd6f69b8ebc3e5504064135","slug":"farzi-dr-court-order-rohtak-news-rtk528709753","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों के काम कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी डॉक्टर को कोर्ट ने भेजा जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों के काम कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी डॉक्टर को कोर्ट ने भेजा जेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। पीजीआई में मरीजों के काम कराने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी डॉक्टर में वीरवार को धोखाधड़ी का एक और केस दर्ज दर्ज हुआ है। आरोप है कि फर्जी डॉक्टर पवन ने पीजीआई में नौकरी लगाने के नाम पर 92 हजार रुपये ऐंठे हैं। वहीं, दो दिन का रिमांड पूरा होने पर आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी कार्ड के अलावा इसे तैयार करने में प्रयोग की गई मुहर, कार, एंबुलेंस की नीली बत्ती व अन्य सामान बरामद किया।
खेड़ी महम निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि एक साल चार महीने पहले एक व्यक्ति ने मेरे मकान के सामने अपनी कार खराब होने की बात कहते हुए पेचकस व प्लास मांगा। इस पर अपने घर से एक पेचकस दे दिया। इस अनजान को पानी पिलाया व नाम पूछा। उसने अपनी पहचान भिवानी के लाजपत नगर निवासी डॉ. पवन के रूप में दी। वह परिवार की तरह घुल मिल कर बातें करने लगा और हमारे घर आने जाने लगा। इस दौरान आरोपी ने सुरेंद्र की भतीजी को पीजीआई में नौकरी लगवाने की बात कही। इस पर हमने कहा कि यह दसवीं पास नहीं है तो उसने दसवीं की मार्कशीट भिवानी से बनवा लाने की बात कही। इस एवज में 30 हजार रुपये मांगे। इसके बाद उसने पीजीआई की इमरजेंसी में बुलाया, जहां हमने उसे 30 हजार रुपये दे दिए। इस दौरान वह कहने लगा कोई नौकरी लगना चाहता हो तो मैं उसे भी लगवा दूंगा। इसके चलते अपने भांजे की नौकरी के लिए कहा। उसने भांजे को कुुरुक्षेत्र से रोहतक बुलवाया। नौकरी के लिए 62 हजार रुपये मांगे। भांजे ने उसे पिपली (कुरुक्षेत्र) बुलाकर रुपये दे दिए। कुछ समय बाद उसने फोन उठाने बंद कर दिए। उन्होंने मांग की है कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
खेड़ी महम निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि एक साल चार महीने पहले एक व्यक्ति ने मेरे मकान के सामने अपनी कार खराब होने की बात कहते हुए पेचकस व प्लास मांगा। इस पर अपने घर से एक पेचकस दे दिया। इस अनजान को पानी पिलाया व नाम पूछा। उसने अपनी पहचान भिवानी के लाजपत नगर निवासी डॉ. पवन के रूप में दी। वह परिवार की तरह घुल मिल कर बातें करने लगा और हमारे घर आने जाने लगा। इस दौरान आरोपी ने सुरेंद्र की भतीजी को पीजीआई में नौकरी लगवाने की बात कही। इस पर हमने कहा कि यह दसवीं पास नहीं है तो उसने दसवीं की मार्कशीट भिवानी से बनवा लाने की बात कही। इस एवज में 30 हजार रुपये मांगे। इसके बाद उसने पीजीआई की इमरजेंसी में बुलाया, जहां हमने उसे 30 हजार रुपये दे दिए। इस दौरान वह कहने लगा कोई नौकरी लगना चाहता हो तो मैं उसे भी लगवा दूंगा। इसके चलते अपने भांजे की नौकरी के लिए कहा। उसने भांजे को कुुरुक्षेत्र से रोहतक बुलवाया। नौकरी के लिए 62 हजार रुपये मांगे। भांजे ने उसे पिपली (कुरुक्षेत्र) बुलाकर रुपये दे दिए। कुछ समय बाद उसने फोन उठाने बंद कर दिए। उन्होंने मांग की है कि आरोपी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन