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Rohtak News: किसानों ने आबियाना बंद करने पर सरकार का स्वागत किया
Sat, 24 Feb 2024 12:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:32 AM IST
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महम। बजट में किसानों से लिया जाने वाला आबियाना समाप्त का किसानों ने एकमत से स्वागत किया है। किसानों से नहरी पानी के बदले सिंचाई विभाग कर वसूली करता था। जो अपने-अपने क्षेत्र में नंबरदार की ओर से किसानों से लिया जाता था। अब सरकार ने किसानों को राहत देते हुए 1 अप्रैल 2024 से आबियाना बंद कर दिया है। इससे 4299 गांवों को लगभग 140 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ हाेने के साथ-साथ 54 करोड़ रुपये की वार्षिक राहत मिलेगी। सरकार के इस फैसले से किसानों में खुशी का माहौल है।
किसानों का कहना है कि यह फिजूल खर्ची जैसा था। कई बार ट्यूबवेल के पानी का भी आबियाना भरना पड़ता था। यह रबी व खरीफ फसल के बाद साल में दो बार अदा करना पड़ता था। छोटे किसान को भी लगभग 2000 रुपये हर साल इसकी अदायगी करनी पड़ती थी। सरकार के इस फैसले के बाद किसानों ने राहत की सांस लेते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह निर्णय ऐतिहासिक है। सरकार ने किसानों की भलाई के लिए अच्छा कदम उठाया है। इसका स्वागत करते हैं। इसके अलावा भी किसान हित में सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं जो सराहनीय हैं।
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-महावीर गोयत तपा प्रधान महम
किसानों के हित में यो तो मनोहर लाल नै रोग काट दिया। हम इससे खूब खुश हुए। आबियाना प्रथा समाप्त करने से खुशी हो रही है। अब ना पर्ची संभालनी ना माल देना।
-संजय ग्रेवाल
किसानों के हित में मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं जो काबिले तारीफ हैं। माल (आबियाना) समाप्त करने की सूचना मिली तो खुशी हुई। हम इसका स्वागत करते हैं।
-युद्धवीर लोहान
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किसानों का कहना है कि यह फिजूल खर्ची जैसा था। कई बार ट्यूबवेल के पानी का भी आबियाना भरना पड़ता था। यह रबी व खरीफ फसल के बाद साल में दो बार अदा करना पड़ता था। छोटे किसान को भी लगभग 2000 रुपये हर साल इसकी अदायगी करनी पड़ती थी। सरकार के इस फैसले के बाद किसानों ने राहत की सांस लेते हुए इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल का यह निर्णय ऐतिहासिक है। सरकार ने किसानों की भलाई के लिए अच्छा कदम उठाया है। इसका स्वागत करते हैं। इसके अलावा भी किसान हित में सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं जो सराहनीय हैं।
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किसानों के हित में यो तो मनोहर लाल नै रोग काट दिया। हम इससे खूब खुश हुए। आबियाना प्रथा समाप्त करने से खुशी हो रही है। अब ना पर्ची संभालनी ना माल देना।
-संजय ग्रेवाल
किसानों के हित में मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं जो काबिले तारीफ हैं। माल (आबियाना) समाप्त करने की सूचना मिली तो खुशी हुई। हम इसका स्वागत करते हैं।
-युद्धवीर लोहान