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टीकरी बॉर्डर पर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
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बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर तीन महीने से अधिक समय से टीकरी बॉर्डर पर डटे किसानों ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने केंद्र की शव यात्रा निकाली और पुतला फूंककर रोष जाहिर किया। शुक्रवार को अलग-अलग प्रदेशों से न केवल पुरुष किसान बल्कि महिलाएं भी काफी संख्या में समर्थन देने के लिए टीकरी बार्डर पर पहुंची। भारत की पहली महिला जासूस मीरा आर्य ने टीकरी बार्डर पर सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किए और केंद्र सरकार पर जबरदस्त कटाक्ष किया।
शुक्रवार को टीकरी बार्डर पर किसानों ने काफी संख्या में इकट्ठे होकर केंद्र सरकार की शव यात्रा निकाली और प्रदर्शन किया। किसानों ने पुतला भी जलाया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए टीकरी बॉर्डर पर केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की। पंजाब किसान यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र कमेटी के सदस्य रलधू सिंह मानसा ने कहा कि कहा कि हमारी जत्थेबंदियों की कोई भी अगुवाई करने वाला हो वह ध्यान दें, अब गर्मी का मौसम आने वाला है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे गर्मी के मौसम में पंखे लगा लेना, एसी मत लगाना। किसानों को पता नहीं कब जाना पड़ जाए। जब हम दिल्ली आए थे तब ही हमने कह दिया था कि लोहड़ी व बैसाखी हमें यही देखनी पड़ेगी, फिर भी बार-बार कुछ किसान उनसे पूछते हैं कब बात बनेगी। दिल्ली पांच बार्डरों से घिरी हुई है। जबकि किसान दिल्ली में जाना चाहते हैं और सरकार उन्हें बॉर्डर पर ही रोके हुए है। ऐसे में केंद्र सरकार को समझ लेना चाहिए कि किसान जीत कर ही जाएंगे। उन्हें यहां पर डटे हुए तीन महीने हो गए हैं जबकि इससे पहले पंजाब में भी उन्होंने दो महीने आंदोलन किया था। वे पूरी शांति पूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
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शुक्रवार को टीकरी बार्डर पर किसानों ने काफी संख्या में इकट्ठे होकर केंद्र सरकार की शव यात्रा निकाली और प्रदर्शन किया। किसानों ने पुतला भी जलाया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए टीकरी बॉर्डर पर केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की। पंजाब किसान यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र कमेटी के सदस्य रलधू सिंह मानसा ने कहा कि कहा कि हमारी जत्थेबंदियों की कोई भी अगुवाई करने वाला हो वह ध्यान दें, अब गर्मी का मौसम आने वाला है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे गर्मी के मौसम में पंखे लगा लेना, एसी मत लगाना। किसानों को पता नहीं कब जाना पड़ जाए। जब हम दिल्ली आए थे तब ही हमने कह दिया था कि लोहड़ी व बैसाखी हमें यही देखनी पड़ेगी, फिर भी बार-बार कुछ किसान उनसे पूछते हैं कब बात बनेगी। दिल्ली पांच बार्डरों से घिरी हुई है। जबकि किसान दिल्ली में जाना चाहते हैं और सरकार उन्हें बॉर्डर पर ही रोके हुए है। ऐसे में केंद्र सरकार को समझ लेना चाहिए कि किसान जीत कर ही जाएंगे। उन्हें यहां पर डटे हुए तीन महीने हो गए हैं जबकि इससे पहले पंजाब में भी उन्होंने दो महीने आंदोलन किया था। वे पूरी शांति पूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
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