{"_id":"6627f93fd1c2b120a60f7657","slug":"eyes-becoming-dry-due-to-excessive-use-of-computer-and-mobile-keep-them-moisturized-jhajjar-news-c-200-1-bgh1002-106969-2024-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: कंप्यूटर, मोबाइल के अधिक प्रयोग से सूख रही आंखे, नमीं बनाकर रखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: कंप्यूटर, मोबाइल के अधिक प्रयोग से सूख रही आंखे, नमीं बनाकर रखें
Tue, 23 Apr 2024 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 23 Apr 2024 11:39 PM IST
विज्ञापन
नेत्र जांच करती डॉ. मालविका।
बहादुरगढ़। अस्पतालों में इन दिनों आने वाले नेत्र रोगियों में अनेक मरीज कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) से पीड़ित आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले कुल करीब 100 मरीजों में से 20 केस इस तरह के मिल रहे हैं। यह समस्या युवा वर्ग में अधिक आ रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि कंप्यूटर विजन सिंड्रोम में आंखों में ड्राइनेस की समस्या होती है। ऐसा स्क्रीन पर अधिक वक्त बिताने की वजह से होता है। आंखों में सूखेपन की मुख्य वजह कंप्यूटर और मोबाइल पर अधिक समय बिताना और इन पर काम करने के दौरान पलकें कम झपकाना होती है। नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका ने बताया कि कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे उपकरणों पर लगातार घंटों तक समय बिताने के कारण व्यक्ति की आंखों के साथ ही पूरे दृष्टि तंत्र (विजुअल सिस्टम) पर दबाव पड़ने लगता है। लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए इन डिजीटल स्क्रीन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने के कारण व्यक्ति की आंखों पर जोर पड़ता है। अनेक को तो सिरदर्द, आंख और दृष्टि संबंधी कई तरह की शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) कहा जाता है। डॉ. मालविका का कहना है कि कि ओपीडी में करीब 20 केस सीवीएस के लक्षणों से पीड़ित मिल रहे हैं। ऐसे मामले तेजी से बढ़ भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई विशिष्ट समस्या नहीं है, लेकिन अब ज्यादा केस इस तरह के आने लगे हैं।
ये है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या
नेत्र रोग विशेषज्ञ के अनुसार आंखों का लाल होना, आंखों में खुजली होना, फोकस करने में दिक्कत होना, आंखों से पानी आना, आंखों में ड्राईनेस होना आदि कम्प्यूटर विजय सिंड्रोम के ही कुछ लक्षण है।
विज्ञापन
रोशनी और सही मुद्रा में न बैठना भी वजह
कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल पर बैठकर कार्य कर रहे हैं तो उनमें यह समस्या ज्यादा आ सकती है। इस समस्या से कामकाजी व्यस्क ही इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल में टैबलेट या कंप्यूटर का उपयोग करने या स्कूल का होम वर्क या असाइनमेंट करने की वजह से या फिर गेम या वीडियो गेम खेलने के लिए स्क्रीन वाले उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले बच्चों में भी कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। खासतौर पर जब रोशनी की स्थिति और बच्चे के बैठने की मुद्रा सही न हो।
बचाव के लिए ये करें उपाय
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने वालों को कई तरह की एक्सरसाइज के जरिये अपनी आंखों को रिलेक्स करने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए कुछ दूर किसी चीज पर फोकस करने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से आंखों में खून का संचार बेहतर होता है।
विज्ञापन
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि कंप्यूटर विजन सिंड्रोम में आंखों में ड्राइनेस की समस्या होती है। ऐसा स्क्रीन पर अधिक वक्त बिताने की वजह से होता है। आंखों में सूखेपन की मुख्य वजह कंप्यूटर और मोबाइल पर अधिक समय बिताना और इन पर काम करने के दौरान पलकें कम झपकाना होती है। नागरिक अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका ने बताया कि कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे उपकरणों पर लगातार घंटों तक समय बिताने के कारण व्यक्ति की आंखों के साथ ही पूरे दृष्टि तंत्र (विजुअल सिस्टम) पर दबाव पड़ने लगता है। लंबे समय तक बिना ब्रेक लिए इन डिजीटल स्क्रीन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने के कारण व्यक्ति की आंखों पर जोर पड़ता है। अनेक को तो सिरदर्द, आंख और दृष्टि संबंधी कई तरह की शिकायतें हो सकती हैं। इसलिए इसे कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (सीवीएस) कहा जाता है। डॉ. मालविका का कहना है कि कि ओपीडी में करीब 20 केस सीवीएस के लक्षणों से पीड़ित मिल रहे हैं। ऐसे मामले तेजी से बढ़ भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कोई विशिष्ट समस्या नहीं है, लेकिन अब ज्यादा केस इस तरह के आने लगे हैं।
विज्ञापन
ये है कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या
नेत्र रोग विशेषज्ञ के अनुसार आंखों का लाल होना, आंखों में खुजली होना, फोकस करने में दिक्कत होना, आंखों से पानी आना, आंखों में ड्राईनेस होना आदि कम्प्यूटर विजय सिंड्रोम के ही कुछ लक्षण है।
विज्ञापन
रोशनी और सही मुद्रा में न बैठना भी वजह
कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल पर बैठकर कार्य कर रहे हैं तो उनमें यह समस्या ज्यादा आ सकती है। इस समस्या से कामकाजी व्यस्क ही इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल में टैबलेट या कंप्यूटर का उपयोग करने या स्कूल का होम वर्क या असाइनमेंट करने की वजह से या फिर गेम या वीडियो गेम खेलने के लिए स्क्रीन वाले उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल करने वाले बच्चों में भी कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या हो सकती है। खासतौर पर जब रोशनी की स्थिति और बच्चे के बैठने की मुद्रा सही न हो।
बचाव के लिए ये करें उपाय
लंबे समय तक स्क्रीन के सामने काम करने वालों को कई तरह की एक्सरसाइज के जरिये अपनी आंखों को रिलेक्स करने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए कुछ दूर किसी चीज पर फोकस करने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से आंखों में खून का संचार बेहतर होता है।