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Rohtak News: प्रदूषण के कारण आंखें हो रहीं लाल, बढ़ रही जलन
Sat, 02 Nov 2024 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 02 Nov 2024 12:29 AM IST
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फोटो नंबर-10नारनौल का नागरिक अस्पताल।
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नारनौल।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। विशेष तौर पर वायु प्रदूषण से नेत्र संबंधित गंभीर रोग होने का खतरा बना रहता है। लोगों में भी नेत्र संबंधित समस्याएं बढ़ रही है। इस कारण नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच करवाने आने वाले मरीजों की ओपीडी संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सामान्य दिनों में नेत्र रोग ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 100 से 120 के बीच बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से नेत्र रोग ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 150 से ज्यादा दर्ज की जा रही है। नेत्र जांच करवाने वाले अधिकतर लोग आंखों में जलन, खुजली, आंखों का लाल होना और आंखों से पानी बहना जैसी समस्याओं से पीड़ित है। दिवाली पर्व के बाद संभावना है कि आगामी कुछ दिनों में नेत्र ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 200 या इससे ज्यादा पहुंच सकती है।
प्रदूषण का आंखों पर पड़ता है बुरा प्रभाव
वायु प्रदूषण के कारण आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बन पाते हैं, जिससे आंखों को ठीक से नमी और पोषण नहीं मिल पाता। वहीं लंबे समय तक प्रदूषित क्षेत्र में रहने से मोतियाबिंद और धुंधली दृष्टि जैसी गंभीर आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रदूषण से आंखों के बचाव के लिए आवश्यक है कि घर से बाहर निकलते समय चश्मे का प्रयोग करें व समय-समय पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं। सुबह-सुबह ताजी हवा में घूमना भी आंखों के लिए फायदेमंद रहता है।
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वायु प्रदूषण से आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आंखों से बचाव के लिए आवश्यक है कि सुबह खुले मैदान और अच्छे वातावरण में व्यायाम करना चाहिए और घर से बाहर निकलते समय चश्मे का प्रयोग करे। आंखों में जलन, खुजली इत्यादि समस्या होने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते उपचार किया जा सकें।
डॉ. आकांक्षा यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल नारनौल।
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क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब प्रदूषण का लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। विशेष तौर पर वायु प्रदूषण से नेत्र संबंधित गंभीर रोग होने का खतरा बना रहता है। लोगों में भी नेत्र संबंधित समस्याएं बढ़ रही है। इस कारण नागरिक अस्पताल में आंखों की जांच करवाने आने वाले मरीजों की ओपीडी संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सामान्य दिनों में नेत्र रोग ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 100 से 120 के बीच बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से नेत्र रोग ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 150 से ज्यादा दर्ज की जा रही है। नेत्र जांच करवाने वाले अधिकतर लोग आंखों में जलन, खुजली, आंखों का लाल होना और आंखों से पानी बहना जैसी समस्याओं से पीड़ित है। दिवाली पर्व के बाद संभावना है कि आगामी कुछ दिनों में नेत्र ओपीडी की संख्या प्रतिदिन 200 या इससे ज्यादा पहुंच सकती है।
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प्रदूषण का आंखों पर पड़ता है बुरा प्रभाव
वायु प्रदूषण के कारण आंखों में पर्याप्त आंसू नहीं बन पाते हैं, जिससे आंखों को ठीक से नमी और पोषण नहीं मिल पाता। वहीं लंबे समय तक प्रदूषित क्षेत्र में रहने से मोतियाबिंद और धुंधली दृष्टि जैसी गंभीर आंखों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। प्रदूषण से आंखों के बचाव के लिए आवश्यक है कि घर से बाहर निकलते समय चश्मे का प्रयोग करें व समय-समय पर आंखों को ठंडे पानी से धोएं। सुबह-सुबह ताजी हवा में घूमना भी आंखों के लिए फायदेमंद रहता है।
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वायु प्रदूषण से आंखों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। आंखों से बचाव के लिए आवश्यक है कि सुबह खुले मैदान और अच्छे वातावरण में व्यायाम करना चाहिए और घर से बाहर निकलते समय चश्मे का प्रयोग करे। आंखों में जलन, खुजली इत्यादि समस्या होने पर चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए ताकि समय रहते उपचार किया जा सकें।
डॉ. आकांक्षा यादव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल नारनौल।