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Rohtak News: बयां किया दर्द- सुबह कोई पूछने नहीं आयाप
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रोहतक। जींद बाईपास पर कच्चा चमारिया रोड पर खेत के अवशेषों से मुर्गी फार्म व झुग्गियों में लगी आग में अपना सबकुछ गंवाने वाले प्रवासी शनिवार को दिन भर भूखे प्यासे बैठे रहे।
भूख से बिलखते बच्चों के लिए दोपहर बाद कुछ महिलाओं ने किसी तरह खाने की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। इसके बाद देर शाम कुछ खाने को मिला। इससे पूर्व इन्हें हादसे के बाद शुक्रवार रात पुलिस के जवानों ने पूरी सब्जी मुहैया कराई थी।
निजामुद्दीन, सकीना, नूरजाबेगम, अब्दुल रहीम ने बताया कि हम पिछले सात साल से यहां रह रहे थे। असम से आकर यहां स्क्रैप का काम करते हैं। शुक्रवार को हुए हादसे से झुग्गियां और सामान जल गया। पुलिस ने रात को खाने के लिए पूरी व सब्जी दी थी। इसे खाकर सभी सो गए थे। शनिवार को सुबह से दोपहर हो गई। न तो कोई पूछने आया न कोई मदद आई। भूूख से बिलबिलाते बच्चों को देकर शाम को खाने की व्यवस्था के लिए इधर-उधर से बर्तन व खाने का सामान जुटाया और बच्चों के लिए खाना बनाया। यही खाना रात सबने खाया और भूख शांत की। अगले दिन का सुबह देखेंगे। बता दें कि शुक्रवार सुबह खेत में फसल अवशेष में लगी आग ने पुराने मुर्गी फार्म व झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। झुग्गियां आगे में जल कर राख हो गई। इसमें उनका सामान भी जल गया। हालात ये हैं कि प्रवासियों के पास खाने तक को कुछ नहीं बचा है।।
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भूख से बिलखते बच्चों के लिए दोपहर बाद कुछ महिलाओं ने किसी तरह खाने की व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। इसके बाद देर शाम कुछ खाने को मिला। इससे पूर्व इन्हें हादसे के बाद शुक्रवार रात पुलिस के जवानों ने पूरी सब्जी मुहैया कराई थी।
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निजामुद्दीन, सकीना, नूरजाबेगम, अब्दुल रहीम ने बताया कि हम पिछले सात साल से यहां रह रहे थे। असम से आकर यहां स्क्रैप का काम करते हैं। शुक्रवार को हुए हादसे से झुग्गियां और सामान जल गया। पुलिस ने रात को खाने के लिए पूरी व सब्जी दी थी। इसे खाकर सभी सो गए थे। शनिवार को सुबह से दोपहर हो गई। न तो कोई पूछने आया न कोई मदद आई। भूूख से बिलबिलाते बच्चों को देकर शाम को खाने की व्यवस्था के लिए इधर-उधर से बर्तन व खाने का सामान जुटाया और बच्चों के लिए खाना बनाया। यही खाना रात सबने खाया और भूख शांत की। अगले दिन का सुबह देखेंगे। बता दें कि शुक्रवार सुबह खेत में फसल अवशेष में लगी आग ने पुराने मुर्गी फार्म व झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। झुग्गियां आगे में जल कर राख हो गई। इसमें उनका सामान भी जल गया। हालात ये हैं कि प्रवासियों के पास खाने तक को कुछ नहीं बचा है।।
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