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Rohtak News: हीमोफीलिया के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में बताया
Wed, 17 Apr 2024 03:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 17 Apr 2024 03:14 AM IST
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16सीटीके27...एमडीयू के इमसॉर में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते चिकित्सक प्रो. सुधीर अत्री। स
रोहतक। एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च (इमसॉर) में मंगलवार को विश्व हीमोफीलिया दिवस के पूर्व संध्या पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंडित भगवत दयाल स्वास्थ्य विज्ञान विवि के हेमाटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एवं चिकित्सक प्रो. सुधीर अत्री मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि हीमोफीलिया एक वंशानुगत स्थिति है जो रक्त में विशिष्ट थक्के जमने वाले कारकों की कमी या अनुपस्थिति के कारण होती है। हीमोफीलिया का कोई इलाज नहीं है।
समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो. सुधीर अत्री ने हीमोफीलिया रोग के कारण, कारकों, प्रकारों, लक्षण एवं उपचार के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जो रक्त के ठीक से जमने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे लंबे समय तक रक्तस्राव होता है और आसानी से चोट लग जाती है।
प्रो. सुधीर अत्री ने कहा कि हीमोफीलिया के बारे में आमजन में जागरूकता बढ़ाने, प्रभावित लोगों के लिए समुचित उपचार और देखभाल करने और इस विकास के इलाज के लिए अनुसंधान प्रयासों में तेजी लाने की जरूरत है। डाॅ. चंद्रभूषण पाठक ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो. सुधीर अत्री ने हीमोफीलिया रोग के कारण, कारकों, प्रकारों, लक्षण एवं उपचार के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार है, जो रक्त के ठीक से जमने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे लंबे समय तक रक्तस्राव होता है और आसानी से चोट लग जाती है।
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प्रो. सुधीर अत्री ने कहा कि हीमोफीलिया के बारे में आमजन में जागरूकता बढ़ाने, प्रभावित लोगों के लिए समुचित उपचार और देखभाल करने और इस विकास के इलाज के लिए अनुसंधान प्रयासों में तेजी लाने की जरूरत है। डाॅ. चंद्रभूषण पाठक ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इमसॉर निदेशक प्रो. सत्यवान बरोदा ने जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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