{"_id":"68a8b9a87e985cc9f60c0494","slug":"even-after-installing-six-motors-the-water-in-bhaini-surjan-is-not-decreasing-rohtak-news-c-17-roh1019-713599-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: छह मोटर लगाने के बाद भी नहीं घट रहा भैणी सुरजन में पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: छह मोटर लगाने के बाद भी नहीं घट रहा भैणी सुरजन में पानी
Sat, 23 Aug 2025 12:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
भैणी सुरजन के खेतों में जलभराव का दृश्य। स्रोत : सरपंच
महम। भैणी सुरजन के किसानों का पानी निकासी के बाद गेहूं की बुवाई करने का सपना चकनाचूर होता दिखाई दे रहा है। किसानों की मानें तो पानी की निकासी का कार्य किए जाने के बावजूद जलभराव कम नहीं हो रहा है।
सरपंच काजल ने बताया कि गांव के ढाई हजार एकड़ क्षेत्र में गेहूं की बुवाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सरपंच ने बताया कि सैमाण गांव की ओर से आने वाले पानी को रोकने के लिए बंद लगाया गया था। पानी की निकासी के लिए 6 मोटर पंप लगाए गए हैं मगर जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
किसान मुआवजे के लिए पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं। कुछ किसान अपने मोबाइल फोन से आवेदन कर रहे हैं जबकि कई किसान अटल सेवा केंद्र पर जाकर। किसान धर्मबीर बड़ाली, कृष्ण बड़ाली व दीपक बड़ाली ने बताया कि अब बांध के दूसरी तरफ पानी भरा होने के कारण भूमिगत जलस्तर ऊपर आ गया है।
विज्ञापन
जितना पानी निकाला जाता है उतना ही बढ़ जाता है। गांव की सीमा में तीन हजार एकड़ जमीन है। उसमें से मात्र 500 एकड़ में फसल की बुवाई संभव है। ढाई हजार एकड़ में गेहूं की बुवाई नहीं हो सकेगी।
विज्ञापन
सरपंच काजल ने बताया कि गांव के ढाई हजार एकड़ क्षेत्र में गेहूं की बुवाई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सरपंच ने बताया कि सैमाण गांव की ओर से आने वाले पानी को रोकने के लिए बंद लगाया गया था। पानी की निकासी के लिए 6 मोटर पंप लगाए गए हैं मगर जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
किसान मुआवजे के लिए पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं। कुछ किसान अपने मोबाइल फोन से आवेदन कर रहे हैं जबकि कई किसान अटल सेवा केंद्र पर जाकर। किसान धर्मबीर बड़ाली, कृष्ण बड़ाली व दीपक बड़ाली ने बताया कि अब बांध के दूसरी तरफ पानी भरा होने के कारण भूमिगत जलस्तर ऊपर आ गया है।
विज्ञापन
जितना पानी निकाला जाता है उतना ही बढ़ जाता है। गांव की सीमा में तीन हजार एकड़ जमीन है। उसमें से मात्र 500 एकड़ में फसल की बुवाई संभव है। ढाई हजार एकड़ में गेहूं की बुवाई नहीं हो सकेगी।