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ईएसआई ने फांसी लगाकर दी जान
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पुलिस विभाग की एस्कॉर्ट टीम में तैनात विकास नगर निवासी ईएसआई ने फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसका शव छत पर पानी टंकी के साथ फंदे पर लटका मिला। शव करीब 11 फीट लंबी नई रस्सी के एक छोर पर लटका था, जबकि दूसरा छोर पानी की टंकी के पाइप से बंधा था। दो दिन से छुट्टी पर रहे ईएसआई की आत्महत्या की वजह मानसिक परेशानी बताई जा रही है। हालांकि पुलिस मामले की जांच के बाद ही आत्महत्या की वजह पता चलने की बात कह रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार मूलरूप से किलोई हाल विकास नगर निवासी हरियाणा पुलिस का ईएसआई यशवीर (51) सोमवार रात खाना खाकर अलग कमरे में सोया था। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि मां अंग्रेज कौर के साथ परिवार के सभी सदस्य रोज सुबह चाय पीते हैं। मंगलवार सुबह यशवीर चाय के लिए नहीं आया तो मां उसे उठाने गई। वह बिस्तर पर नहीं मिला तो उसे तलाशते हुए छत पर पहुंच गई। यहां उसे फंदे पर लटका देख वह चीख पड़ी। मां की आवाज सुनकर ही सभी छत पर पहुंचे। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
फंदा लगाने से पहले पी थी सिगरेट
पीजीआई के इलेक्ट्रिकल विभाग के एसडीओ धर्मेंद्र का कहना है कि छोटा भाई यशवीर सिविल लाइन में सब इंस्पेक्टर था। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अंकित बीटेक सिविल कर चुका है। छोटा बेटा तुषार एमडीयू से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। उसकी पत्नी सविता एमडीयू कैंपस में शिक्षक है। फंदा लगाने से पहले उसने सिगरेट पी। मौके पर सिगरेट का बचा हिस्सा मिला है। वह पिछले दो दिन से अवकाश पर था।
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भाई से बोला था- पदोन्नति के बाद थाने नहीं जाना चाहता
यशवीर ने वर्ष 1988 में पुलिस में कार्यभार संभाला था। पहली नियुक्ति पानीपत लघु सचिवालय में हुई थी। कुछ दिन पहले ही उसने कहा था कि मैं अब रिटायरमेंट ले लेता हूं। काम बड़ा बेटा करेगा। उसकी मां भी नौकरी कर रही है। क्या करेंगे इतने धन का। मैं घर संभाल लूंगा। मेरी अभी प्रमोशन होनी है। इसके बाद मुझे किसी थाने में जरूर भेजेंगे। मैं थाने में नहीं जाना चाहता।
विकास नगर में ईएसआई यशवीर की आत्महत्या की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने मौके का मुआयना कर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। शव फंदे पर लटका मिला है। प्लास्टिक की रस्सी गले में लिपटी हुई थी। मृतक की पत्नी के बयान दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया।
- नरेश कुमार, प्रभारी, सिविल लाइन थाना।
ईएसआई के आत्महत्या मामले की जांच की जा रही है। अभी आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि छुट्टी भी ईएसआई को दे दी गई थी। जांच के बाद ही आत्महत्या के कारण का पता लग सकेगा।
- राहुल शर्मा, एसपी रोहतक
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जानकारी के अनुसार मूलरूप से किलोई हाल विकास नगर निवासी हरियाणा पुलिस का ईएसआई यशवीर (51) सोमवार रात खाना खाकर अलग कमरे में सोया था। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया कि मां अंग्रेज कौर के साथ परिवार के सभी सदस्य रोज सुबह चाय पीते हैं। मंगलवार सुबह यशवीर चाय के लिए नहीं आया तो मां उसे उठाने गई। वह बिस्तर पर नहीं मिला तो उसे तलाशते हुए छत पर पहुंच गई। यहां उसे फंदे पर लटका देख वह चीख पड़ी। मां की आवाज सुनकर ही सभी छत पर पहुंचे। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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फंदा लगाने से पहले पी थी सिगरेट
पीजीआई के इलेक्ट्रिकल विभाग के एसडीओ धर्मेंद्र का कहना है कि छोटा भाई यशवीर सिविल लाइन में सब इंस्पेक्टर था। उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अंकित बीटेक सिविल कर चुका है। छोटा बेटा तुषार एमडीयू से होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा है। उसकी पत्नी सविता एमडीयू कैंपस में शिक्षक है। फंदा लगाने से पहले उसने सिगरेट पी। मौके पर सिगरेट का बचा हिस्सा मिला है। वह पिछले दो दिन से अवकाश पर था।
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भाई से बोला था- पदोन्नति के बाद थाने नहीं जाना चाहता
यशवीर ने वर्ष 1988 में पुलिस में कार्यभार संभाला था। पहली नियुक्ति पानीपत लघु सचिवालय में हुई थी। कुछ दिन पहले ही उसने कहा था कि मैं अब रिटायरमेंट ले लेता हूं। काम बड़ा बेटा करेगा। उसकी मां भी नौकरी कर रही है। क्या करेंगे इतने धन का। मैं घर संभाल लूंगा। मेरी अभी प्रमोशन होनी है। इसके बाद मुझे किसी थाने में जरूर भेजेंगे। मैं थाने में नहीं जाना चाहता।
विकास नगर में ईएसआई यशवीर की आत्महत्या की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने मौके का मुआयना कर शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। शव फंदे पर लटका मिला है। प्लास्टिक की रस्सी गले में लिपटी हुई थी। मृतक की पत्नी के बयान दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया।
- नरेश कुमार, प्रभारी, सिविल लाइन थाना।
ईएसआई के आत्महत्या मामले की जांच की जा रही है। अभी आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, क्योंकि छुट्टी भी ईएसआई को दे दी गई थी। जांच के बाद ही आत्महत्या के कारण का पता लग सकेगा।
- राहुल शर्मा, एसपी रोहतक