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हुनर से ही मिलेगा रोजगार : धनखड़
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के पर्यावरण विज्ञान विभाग में सोमवार को कॅरिअर काउंसिलिंग एवं प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में-एम्प्लॉयबिलिटी स्किल एन्हासमेंट विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। महेंद्रा प्राइड फाउंडेशन और नंदी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ पर्यावरण विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. राजेश धनखड़ ने किया।
उन्होंने कार्यशाला की महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हुनर से ही रोजगार मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को हुनर निखारने पर की नसीहत देते हुए कहा कि विद्यार्थी शिक्षा अर्जन के साथ कौशल विकसित करने के लिए प्रयास करें। यह उपयुक्त समय है।
राजीव कुमार ने बतौर रिसोर्स पर्सन कार्यशाला में शिरकत की। उन्होंने एम्प्लॉयबिलिटी स्किल की महता को रेखांकित करते हुए इसे बढ़ाने के महत्वपूर्ण टिप्स विद्यार्थियों के साथ साझा किए। पर्यावरण विज्ञान विभाग की सीसीपीसी कोऑर्डिनेटर डॉ. रचना भटेरिया ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस मौके पर प्राध्यापक डाॅ. मीनाक्षी, डाॅ. सुनील, डाॅ. बबीता खोसला, डाॅ. गीता समेत शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कार्यशाला की महता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हुनर से ही रोजगार मिलेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को हुनर निखारने पर की नसीहत देते हुए कहा कि विद्यार्थी शिक्षा अर्जन के साथ कौशल विकसित करने के लिए प्रयास करें। यह उपयुक्त समय है।
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राजीव कुमार ने बतौर रिसोर्स पर्सन कार्यशाला में शिरकत की। उन्होंने एम्प्लॉयबिलिटी स्किल की महता को रेखांकित करते हुए इसे बढ़ाने के महत्वपूर्ण टिप्स विद्यार्थियों के साथ साझा किए। पर्यावरण विज्ञान विभाग की सीसीपीसी कोऑर्डिनेटर डॉ. रचना भटेरिया ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस मौके पर प्राध्यापक डाॅ. मीनाक्षी, डाॅ. सुनील, डाॅ. बबीता खोसला, डाॅ. गीता समेत शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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